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SIR: किसी की पत्नी के दस्तावेज पड़ोसी जिले में मिले, तो किसी का सूची से नाम गायब, अब तक नहीं हो पाई मैपिंग
Thu, 22 Jan 2026 02:19 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 22 Jan 2026 02:19 PM IST
सार
अलीगढ़ प्रशासन ने सातों विधानसभाओं में प्रतिदिन 1050 नोटिसों के निस्तारण का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। सुनवाई और निस्तारण की यह प्रक्रिया छह फरवरी तक चलेगी, जिसके बाद मतदाता सूची के फाइनल ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा।
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एसआईआर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसआईआर के तहत उन 2.16 लाख मतदाताओं की छंटनी और सत्यापन की प्रक्रिया 21 जनवरी से शुरू हो गई है, जिनकी अब तक मैपिंग नहीं हो पाई थी। सुनवाई के पहले दिन मतदाताओं ने कई दिलचस्प और तकनीकी कारण साझा किए। किसी मतदाता की पत्नी के दस्तावेज दूसरे जिले (जैसे कासगंज) के मिले, तो किसी का नाम वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची से गायब पाया गया।
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प्रशासन इन सभी विसंगतियों को दूर कर डेटा को मैप करने की कोशिश कर रहा है, ताकि एक व्यक्ति का नाम दो जगह न रहे। 21 जनवरी को जिले की सातों विधानसभा सीटों के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एआरओ) कार्यालयों में हलचल तेज रही। बीएलओ द्वारा नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में मतदाता अपना पक्ष रखने पहुंचे। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 13 अनिवार्य दस्तावेजों में से कोई एक साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
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एआरओ के पास जमा किए जा रहे दस्तावेजों को तुरंत चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। प्रशासन ने सातों विधानसभाओं में प्रतिदिन 1050 नोटिसों के निस्तारण का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। सुनवाई और निस्तारण की यह प्रक्रिया छह फरवरी तक चलेगी, जिसके बाद मतदाता सूची के फाइनल ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा।
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एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने स्पष्ट किया कि नो मैपिंग श्रेणी में रखे गए इन 2.16 लाख मतदाताओं को अपना मतदाता हक बचाने के लिए नोटिस का जवाब देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है। 6 फरवरी को जिले की अंतिम संशोधित सूची जारी कर दी जाएगी।