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Aligarh News: छात्रा से दुष्कर्म के मामले में 20 साल बाद आया फैसला, दोषी को सात साल की सजा
Thu, 16 Apr 2026 05:55 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 16 Apr 2026 05:55 PM IST
सार
कक्षा सात में पढ़ने वाली 14 वर्षीय नाबालिग 11 अगस्त को अपनी सहेली के घर गई थी। देर शाम तक जब वह वापस घर नहीं पहुंची तो उसकी तलाश शुरू की गई। इस दाैरान जानकारी हुई कि ओरीप और उसके परिवार वाले उसे बहला-फुसलाकर ले गए।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अलीगढ़ के थाना सासनी गेट क्षेत्र में 20 साल पहले छात्रा से हुए दुष्कर्म के आरोपी को दोषी ठहराते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट तोष कुमार शर्मा की अदालत ने आरोपी को सात साल के कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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सासनी गेट क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में 23 अगस्त 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि कक्षा सात में पढ़ने वाली उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 11 अगस्त को अपनी सहेली के घर सराय भोलानाथ गई थी। देर शाम तक जब वह वापस घर नहीं पहुंची तो उसकी तलाश शुरू की गई। इस दाैरान जानकारी हुई कि मुशीर निवासी इस्लाम नगर, थाना कोतवाली नगर और उसके परिवार वाले उसे बहला-फुसलाकर ले गए हैं।
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इस मामले में मुशीर, उसकी पत्नी, बहन व मुन्ना खां आदि को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने किशोरी को तलाश कर लिया। किशोरी अपने बयानों में कहा कि मुशीर आदि उसे बहाने से अपने घर ले गए। जहां चाय पिलाने पर बेहोश हो गई। इसके बाद यह लोग उसे अपने माैसा के घर कासगंज ले गए, जहां उसे एक कमरे में चार दिन तक बंद करके रखा गया, फिर उसे दिल्ली ले गए। जहां मुशीर उसके साथ दुष्कर्म करता था।
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डेढ़ माह बाद उसे अलीगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर रखा गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में मुशीर, मुन्ना खां व चांदनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। न्यायालय में सुनवाई के दाैरान मुन्ना खां की मृत्यु हो गई। गवाह, बयान व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मुशीर खां को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।