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Aligarh News: छात्रसंघ चुनाव के मतदान की तिथि का मामला पीएम कार्यालय पहुंचा
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव की मतदान तिथि को लेकर विवाद गहरा गया है। अब यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच गया है। पांच से आठ नवंबर तक धनतेरस-दिवाली का हवाला देते हुए करीब 4000 हिंदू छात्र-छात्राओं की चुनाव में सहभागिता पर सवाल उठाए गए हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व प्रदेश मंत्री बलदेव चौधरी सीटू ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजा है। एएमयू में चुनाव प्रक्रिया 25 अक्तूबर से शुरू होनी है, जबकि मतदान पांच नवंबर को है।
शिकायत में कहा गया है कि दिवाली पर बड़ी संख्या में छात्र अपने घर जाते हैं। ऐसे में मतदान के दिन परिसर से बाहर रहने वाले छात्रों की चुनाव में भागीदारी प्रभावित हो सकती है। इससे उनकी लोकतांत्रिक सहभागिता और प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
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हॉस्टलों से विभागों तक चुनावी चर्चा गर्म
मतदान की तारीख नजदीक आते ही संभावित प्रत्याशियों ने छात्रों के बीच पहुंचना और समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। हॉस्टलों से लेकर विभागों और कैंपस की लॉबी तक चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।
छात्र संगठनों की सक्रियता के बीच इस बार भी विभिन्न लॉबियों का प्रभाव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। छात्र नेता व्यक्तिगत संपर्क के साथ अपने समर्थकों के जरिये भी प्रचार में जुटे हैं। हॉस्टलों में बैठकों और आपसी चर्चाओं के बीच संभावित प्रत्याशी छात्रों की समस्याओं, उनकी मांगों और मुद्दों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
दिवाली पर घर जाएंगे चार हजार छात्र, वोटों का गणित बिगड़ने के आसार
एएमयू छात्रसंघ चुनाव में दिवाली का त्योहार प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण बिगाड़ सकता है। पांच नवंबर को मतदान से ठीक पहले करीब चार हजार हिंदू छात्रों के त्योहार मनाने घर जाने से प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है। यदि ये छात्र मतदान के दिन परिसर में नहीं रहे तो चुनावी नतीजों पर इसका असर पड़ सकता है।
दरअसल, एएमयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए करीब 22 से 24 हजार मतदाता हैं। इनमें लगभग चार हजार हिंदू छात्र बताए जा रहे हैं। पांच से आठ नवंबर के बीच धनतेरस और दिवाली के त्योहारों के चलते छात्र दो-तीन नवंबर से ही घरों के लिए रवाना होने लगेंगे। वहीं, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष भी मतदान तिथि को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद छात्रसंघ चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया गया था। इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं।
-प्रो. जावेद तालिब, मुख्य चुनाव अधिकारी
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व प्रदेश मंत्री बलदेव चौधरी सीटू ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजा है। एएमयू में चुनाव प्रक्रिया 25 अक्तूबर से शुरू होनी है, जबकि मतदान पांच नवंबर को है।
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शिकायत में कहा गया है कि दिवाली पर बड़ी संख्या में छात्र अपने घर जाते हैं। ऐसे में मतदान के दिन परिसर से बाहर रहने वाले छात्रों की चुनाव में भागीदारी प्रभावित हो सकती है। इससे उनकी लोकतांत्रिक सहभागिता और प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
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हॉस्टलों से विभागों तक चुनावी चर्चा गर्म
मतदान की तारीख नजदीक आते ही संभावित प्रत्याशियों ने छात्रों के बीच पहुंचना और समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। हॉस्टलों से लेकर विभागों और कैंपस की लॉबी तक चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।
छात्र संगठनों की सक्रियता के बीच इस बार भी विभिन्न लॉबियों का प्रभाव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। छात्र नेता व्यक्तिगत संपर्क के साथ अपने समर्थकों के जरिये भी प्रचार में जुटे हैं। हॉस्टलों में बैठकों और आपसी चर्चाओं के बीच संभावित प्रत्याशी छात्रों की समस्याओं, उनकी मांगों और मुद्दों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
दिवाली पर घर जाएंगे चार हजार छात्र, वोटों का गणित बिगड़ने के आसार
एएमयू छात्रसंघ चुनाव में दिवाली का त्योहार प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण बिगाड़ सकता है। पांच नवंबर को मतदान से ठीक पहले करीब चार हजार हिंदू छात्रों के त्योहार मनाने घर जाने से प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है। यदि ये छात्र मतदान के दिन परिसर में नहीं रहे तो चुनावी नतीजों पर इसका असर पड़ सकता है।
दरअसल, एएमयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए करीब 22 से 24 हजार मतदाता हैं। इनमें लगभग चार हजार हिंदू छात्र बताए जा रहे हैं। पांच से आठ नवंबर के बीच धनतेरस और दिवाली के त्योहारों के चलते छात्र दो-तीन नवंबर से ही घरों के लिए रवाना होने लगेंगे। वहीं, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष भी मतदान तिथि को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद छात्रसंघ चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया गया था। इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं।
-प्रो. जावेद तालिब, मुख्य चुनाव अधिकारी