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दादी का अंतिम संस्कार करने जा रहे युवक की करंट से मौत
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मृतक देवेंद्र सिंह का फाइल फोटो।
- फोटो : GANGIRI
दादों थाने के गांव नगला मछरिया में बुधवार की शाम एक शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे लोगों के साथ ऐसा हादसा हुआ जिसने मृतका के 18 वर्षीय नाती की जिंदगी लील ली। रास्ते में एक पेड़ पर लटका मधुमक्खियों का छत्ता टूटकर गिरा, जिस पर मधुमक्खियों ने लोगों को काटना शुरू कर दिया। बचने के लिए मृतका का जवान नाती खेतों की ओर दौड़ पड़ा लेकिन वहां जिंदगी के बजाए करंट के रूप में मौत ने उसे अपनी आगोश में समेट लिया।
नगला मछरिया निवासी सौ वर्षीय रीमा देवी पत्नी भूप सिंह का मंगलवार की रात करीब 9 बजे निधन हो गया था। बुधवार की शाम करीब चार बजे परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग विमान निकालकर शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। गांव के बाहर निकलते ही एक बाग के रास्ते में पीपल के पेड़ पर लगा डंगारा मधुमक्खी का छत्ता अचानक टूटकर गिर गया। इस पर मधुमक्खियां हमलावर हो गईं।
मधुमक्खियों से बचने के लिए अर्थी रखकर लोग भागे। रीमा देवी का 18 वर्षीय नाती देवेंद्र सिंह पुत्र सोनपाल सिंह बचने के लिए एक खेत की ओर दौड़ पड़ा। खेत मालिक ने फसल बचाने के लिए तारकसी करा रखी थी। उसका एक तार नीम के पेड़ से बंधा था जो बिजली की लाइन को छू रहा था। इससे खेत के चारों ओर लगे तारों में करंट प्रवाहित था। तारकसी के इसी करंट की चपेट में आकर देवेंद्र की मौत हो गई।
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परिवार वाले उसे घायल समझकर छर्रा के एक अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। रीमा देवी का अंतिम संस्कार भूलकर परिवार वाले देवेंद्र के शव पर विलाप करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में चार-पांच लोगों ने बाग के पास रखी अर्थी को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
मधुमक्खियों के काटने से हुए घायल
रीमा देवी के अंतिम संस्कार में शामिल बहादुर सिंह, पप्पू सिंह, अमित कुमार और अतर सिंह मधुमक्खियों के काटने से घायल हुए हैं। इनके शरीर में कई जगह मधुमक्खियों ने काटा है। लोग इस कदर भयभीत थे कि बाग में रखी अर्थी के बावजूद मधुमक्खियों के डर से काफी देर तक लोग उधर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
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नगला मछरिया निवासी सौ वर्षीय रीमा देवी पत्नी भूप सिंह का मंगलवार की रात करीब 9 बजे निधन हो गया था। बुधवार की शाम करीब चार बजे परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग विमान निकालकर शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। गांव के बाहर निकलते ही एक बाग के रास्ते में पीपल के पेड़ पर लगा डंगारा मधुमक्खी का छत्ता अचानक टूटकर गिर गया। इस पर मधुमक्खियां हमलावर हो गईं।
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मधुमक्खियों से बचने के लिए अर्थी रखकर लोग भागे। रीमा देवी का 18 वर्षीय नाती देवेंद्र सिंह पुत्र सोनपाल सिंह बचने के लिए एक खेत की ओर दौड़ पड़ा। खेत मालिक ने फसल बचाने के लिए तारकसी करा रखी थी। उसका एक तार नीम के पेड़ से बंधा था जो बिजली की लाइन को छू रहा था। इससे खेत के चारों ओर लगे तारों में करंट प्रवाहित था। तारकसी के इसी करंट की चपेट में आकर देवेंद्र की मौत हो गई।
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परिवार वाले उसे घायल समझकर छर्रा के एक अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। रीमा देवी का अंतिम संस्कार भूलकर परिवार वाले देवेंद्र के शव पर विलाप करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में चार-पांच लोगों ने बाग के पास रखी अर्थी को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
मधुमक्खियों के काटने से हुए घायल
रीमा देवी के अंतिम संस्कार में शामिल बहादुर सिंह, पप्पू सिंह, अमित कुमार और अतर सिंह मधुमक्खियों के काटने से घायल हुए हैं। इनके शरीर में कई जगह मधुमक्खियों ने काटा है। लोग इस कदर भयभीत थे कि बाग में रखी अर्थी के बावजूद मधुमक्खियों के डर से काफी देर तक लोग उधर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।