ताला उद्योग का विकास एएमयू के लिए चुनौती
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर डॉ. हारून रशीद खान ने कहा कि अलीगढ़ के ताला उद्योग का विकास एएमयू के शोध छात्रों के लिए बड़ी चुनौती है। ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता के लिए यह जरूरी है। डॉ. हारून सोमवार को एएमयू के कॉमर्स संकाय द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसमें भारत समेत नौ देशों के करीब 294 शिक्षाविद् एवं शोधार्थी शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ की पहचान एएमयू और ताले से है। एएमयू निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है जबकि ताला उद्योग कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। डॉ. हारून ने कहा कि मेक इन इंडिया की सफलता के लिए एकेडमी एवं पॉलिसी मेकिंग में तालमेल बेहद जरूरी है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन प्रसार भारती के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि प्रति माह एक करोड़ लोगों को मेक इन इंडिया के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हमें पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना चाहिए जिसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि हमें आशा है कि मेक इन इंडिया मिशन सफल होगा और एएमयू भी इस कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कॉमर्स संकाय के डीन प्रो. एम मोहसिन खान ने कहा कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम की नीतियों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों के लिए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम को प्रो. इमरान सलीम, डॉ. मुहम्मद शमीम एवं नैय्यर रहमान ने संबोधित किया। विशिष्ट अतिथि जीएनएच स्वीडन की डायरेक्टर डॉ. अन्ना रोजेनग्रेन वीजा की समस्याओं के कारण कांफ्रेंस में शामिल नहीं हो सकी। उनका वीडियो मैसेज प्रतिभागियों को सुनाया गया।