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अलीगढ़ः बीए, एमए और एमबीए तक पढ़े, डीएल टेस्ट में औंधे मुंह गिरे
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राहुल कुमार
जिन छात्रों ने दर्जनों विषय पढ़ने के बाद बीए, एमए, एमबीए, इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की है, वह परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस के लिए कराए जाने वाले सामान्य तार्किक टेस्ट में फेल हो रहे हैं।
यह हैरान कर देने वाली सच्चाई है। परिवहन विभाग के अधिकारी भी युवा पीढ़ी की इस अज्ञानता से परेशान है। टेस्ट में फेल होने के बाद कोई पास होने के लिए रुआब दिखाता है तो कोई गिड़गिड़ा कर सिफारिश करता है। पिछले चार दिनों में 85 आवेदक टेस्ट में फेल हुए हैं। इन सभी को फिर से टेस्ट देने का मौका 50 रुपये की फीस जमा करने के बाद मिलेगा।
परिवहन विभाग की ओर से व्यवस्था है कि कोई भी नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करता है तो उसे पहले लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाता है। इस लाइसेंस को पाने के लिए आवेदक को विभाग की तमाम प्रक्रिया पूरी करने सहित ऑनलाइन टेस्ट देना होता है। इस टेस्ट में 15 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए 30 सेकंड का समय दिया जाता है। 15 में से 9 प्रश्नों का सही जवाब देना अनिवार्य है, जिसके आधार पर आवेदक को पास माना जाता है। अगर, कोई नौ से कम प्रश्नों का सही जवाब देता है तो उसे फेल करार दे दिया जाता है।
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आसान है टेस्ट, सिर्फ ध्यान से करने की है जरूरत
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि हैरानी की बात है कि पढ़े लिखे लोग परिवहन विभाग के सामान्य तार्किक टेस्ट को पास नहीं कर पा रहे हैं, जबकि यह परीक्षा सिर्फ बहुत आसान है। यातायात संकेत, वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, पार्किंग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। मगर, इस परीक्षा को आवेदक पास नहीं कर पा रहे हैं। वह तमाम तरह की सिफारिश लगवाते हैं। एआरटीओ के मुताबिक लर्निंग लाइसेंस का टेस्ट देने से पहले आवेदकों को सिर्फ इंटरनेट पर इसके संबंध में पढ़ लेना चाहिए। यू-ट्यूब पर भी कई वीडियो अपलोड हैं, जिनको देखकर आसानी से टेस्ट पास किया जा सकता है। कार्यालय में ही यातायात संकेत बोर्ड लगा है। टेस्ट देने से पहले उसे एक बार ध्यान से जरूर देख लेना चाहिए।
फेल होने पर दोबारा टेस्ट देने के लिए 50 रुपये की कटती है रसीद
आरटीओ दफ्तर में लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट उत्तीर्ण करने का नियम है। इसमें फेल होने पर दोबारा टेस्ट देने का मौका दिया जाता है। 29 दिसंबर 2016 से पहले तक दोबारा परीक्षा में बैठने के लिए फीस नहीं ली जाती थी। इसके बाद केंद्रीय परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा में बैठने वाले फेल आवेदकों के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित कर दिया। इस नियम के तहत जो आवेदक फेल हो जाता है, उसे फिर से 50 रुपये फीस जमा कर शेड्यूल लेना होता है। इसके बाद वह दोबारा टेस्ट में बैठ सकता है।
पिछले चार दिन का रिकॉर्ड
दिनांक कुल टेस्ट पास फेल
24 जुलाई 98 67 31
23 जुलाई 35 27 08
22 जुलाई 48 30 18
20 जुलाई 109 81 28
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जिन छात्रों ने दर्जनों विषय पढ़ने के बाद बीए, एमए, एमबीए, इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की है, वह परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस के लिए कराए जाने वाले सामान्य तार्किक टेस्ट में फेल हो रहे हैं।
यह हैरान कर देने वाली सच्चाई है। परिवहन विभाग के अधिकारी भी युवा पीढ़ी की इस अज्ञानता से परेशान है। टेस्ट में फेल होने के बाद कोई पास होने के लिए रुआब दिखाता है तो कोई गिड़गिड़ा कर सिफारिश करता है। पिछले चार दिनों में 85 आवेदक टेस्ट में फेल हुए हैं। इन सभी को फिर से टेस्ट देने का मौका 50 रुपये की फीस जमा करने के बाद मिलेगा।
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परिवहन विभाग की ओर से व्यवस्था है कि कोई भी नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करता है तो उसे पहले लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाता है। इस लाइसेंस को पाने के लिए आवेदक को विभाग की तमाम प्रक्रिया पूरी करने सहित ऑनलाइन टेस्ट देना होता है। इस टेस्ट में 15 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए 30 सेकंड का समय दिया जाता है। 15 में से 9 प्रश्नों का सही जवाब देना अनिवार्य है, जिसके आधार पर आवेदक को पास माना जाता है। अगर, कोई नौ से कम प्रश्नों का सही जवाब देता है तो उसे फेल करार दे दिया जाता है।
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आसान है टेस्ट, सिर्फ ध्यान से करने की है जरूरत
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि हैरानी की बात है कि पढ़े लिखे लोग परिवहन विभाग के सामान्य तार्किक टेस्ट को पास नहीं कर पा रहे हैं, जबकि यह परीक्षा सिर्फ बहुत आसान है। यातायात संकेत, वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, पार्किंग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। मगर, इस परीक्षा को आवेदक पास नहीं कर पा रहे हैं। वह तमाम तरह की सिफारिश लगवाते हैं। एआरटीओ के मुताबिक लर्निंग लाइसेंस का टेस्ट देने से पहले आवेदकों को सिर्फ इंटरनेट पर इसके संबंध में पढ़ लेना चाहिए। यू-ट्यूब पर भी कई वीडियो अपलोड हैं, जिनको देखकर आसानी से टेस्ट पास किया जा सकता है। कार्यालय में ही यातायात संकेत बोर्ड लगा है। टेस्ट देने से पहले उसे एक बार ध्यान से जरूर देख लेना चाहिए।
फेल होने पर दोबारा टेस्ट देने के लिए 50 रुपये की कटती है रसीद
आरटीओ दफ्तर में लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट उत्तीर्ण करने का नियम है। इसमें फेल होने पर दोबारा टेस्ट देने का मौका दिया जाता है। 29 दिसंबर 2016 से पहले तक दोबारा परीक्षा में बैठने के लिए फीस नहीं ली जाती थी। इसके बाद केंद्रीय परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा में बैठने वाले फेल आवेदकों के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित कर दिया। इस नियम के तहत जो आवेदक फेल हो जाता है, उसे फिर से 50 रुपये फीस जमा कर शेड्यूल लेना होता है। इसके बाद वह दोबारा टेस्ट में बैठ सकता है।
पिछले चार दिन का रिकॉर्ड
दिनांक कुल टेस्ट पास फेल
24 जुलाई 98 67 31
23 जुलाई 35 27 08
22 जुलाई 48 30 18
20 जुलाई 109 81 28