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Aligarh News: लूट-रंगदारी में निचली अदालत का आदेश निरस्त
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
रंगदारी और 62 हजार रुपये की लूट के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार द्वितीय ने निचली अदालत के 25 मई 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया है।
यह आदेश परिवादी सैयद आरिज अली की दांडिक निगरानी स्वीकार करते हुए दिया गया। परिवादी सैयद आरिज अली की पेट फूड की दुकान है। आरोप है कि 21 जून 2024 को नौ लोगों ने उनकी दुकान में घुसकर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी और धमकी दी। इसके बाद एक अगस्त 2024 को रास्ते में रोककर मारपीट की गई। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और जेब से 62 हजार रुपये लूट लिए गए।
परिवादी ने अपने आरोपों के समर्थन में सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य भी पेश किए थे। निचली अदालत ने आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) और 351(2) के तहत समन जारी किए थे। अपर सत्र न्यायालय ने साक्ष्यों का अवलोकन कर पाया कि अन्य अपराधों के प्रथम दृष्टया साक्ष्य बनते हैं, जिस पर निचली अदालत ने पर्याप्त विचार नहीं किया। अदालत ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालय भेजा है और दोनों पक्षों को 12 नवंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश परिवादी सैयद आरिज अली की दांडिक निगरानी स्वीकार करते हुए दिया गया। परिवादी सैयद आरिज अली की पेट फूड की दुकान है। आरोप है कि 21 जून 2024 को नौ लोगों ने उनकी दुकान में घुसकर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी और धमकी दी। इसके बाद एक अगस्त 2024 को रास्ते में रोककर मारपीट की गई। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और जेब से 62 हजार रुपये लूट लिए गए।
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परिवादी ने अपने आरोपों के समर्थन में सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य भी पेश किए थे। निचली अदालत ने आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) और 351(2) के तहत समन जारी किए थे। अपर सत्र न्यायालय ने साक्ष्यों का अवलोकन कर पाया कि अन्य अपराधों के प्रथम दृष्टया साक्ष्य बनते हैं, जिस पर निचली अदालत ने पर्याप्त विचार नहीं किया। अदालत ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालय भेजा है और दोनों पक्षों को 12 नवंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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