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अलीगढ़ः दीर्घ अवधि का बजट, तत्काल फायदे के लिए कुछ नहीं
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एएमयू के अर्थशास्त्र विभाग में बजट को देखते शिक्षक एवं सीनियर रिसर्च स्कॉलर।
- फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षक एवं सीनियर रिसर्च स्कॉलर की नजर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट संतुलित है। यह लांग टर्म को ध्यान में रखकर बनाया गया है। तत्काल फायदे के लिए इसमें कुछ नहीं है। खरीद क्षमता बढ़ाने के लिए भी कुछ खास नहीं किया गया है।
एएमयू के अर्थशास्त्र विभाग में बजट के लाइव प्रसारण के लिए खास इंतजाम किए गए थे। बजट के दौरान विभाग के प्रोफेसर एवं सीनियर रिसर्च स्कॉलरों ने अपनी राय रखी। विभाग के चेयरमैन प्रो. अब्दुल सलाम ने कहा कि प्लांड बजट है। लांग टर्म को ध्यान में रखकर बनाया गया है। किसान, रोजगार, इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य सभी चीजों को छुआ गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में नौकरियां खत्म हुई हैं, लोगों की आय एवं स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। बजट में लोगों को तत्काल राहत देने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। खरीद क्षमता बढ़ाने के लिए भी कुछ खास नहीं है।
प्रो. मो. तारिक ने कहा कि चुनावी बजट है। वित्तीय संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। महंगाई से लोगों को राहत मिलनी चाहिए। सरकार कह रही है कि जनवरी में जीएसटी संग्रह अधिक हुआ है। लेकिन राज्यों को उनका शेयर न मिलने की शिकायत को छिपा लिया गया है। यह चिंता का विषय है। महामारी के दौर में ज्यादातर शिक्षकों की राय है कि निर्मला सीतारमण का बजट संतुलित है। कुछ शिक्षक मान रहे हैं कि महामारी है, इसलिए सरकार संतुलन साध कर चल रही है। इस अवसर पर प्रो. एसएम जावेद अतर, प्रो. शहरोज आलम रिजवी, प्रो. आसिफ आदि मौजूद थे।
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एएमयू के अर्थशास्त्र विभाग में बजट के लाइव प्रसारण के लिए खास इंतजाम किए गए थे। बजट के दौरान विभाग के प्रोफेसर एवं सीनियर रिसर्च स्कॉलरों ने अपनी राय रखी। विभाग के चेयरमैन प्रो. अब्दुल सलाम ने कहा कि प्लांड बजट है। लांग टर्म को ध्यान में रखकर बनाया गया है। किसान, रोजगार, इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य सभी चीजों को छुआ गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में नौकरियां खत्म हुई हैं, लोगों की आय एवं स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। बजट में लोगों को तत्काल राहत देने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। खरीद क्षमता बढ़ाने के लिए भी कुछ खास नहीं है।
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प्रो. मो. तारिक ने कहा कि चुनावी बजट है। वित्तीय संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। महंगाई से लोगों को राहत मिलनी चाहिए। सरकार कह रही है कि जनवरी में जीएसटी संग्रह अधिक हुआ है। लेकिन राज्यों को उनका शेयर न मिलने की शिकायत को छिपा लिया गया है। यह चिंता का विषय है। महामारी के दौर में ज्यादातर शिक्षकों की राय है कि निर्मला सीतारमण का बजट संतुलित है। कुछ शिक्षक मान रहे हैं कि महामारी है, इसलिए सरकार संतुलन साध कर चल रही है। इस अवसर पर प्रो. एसएम जावेद अतर, प्रो. शहरोज आलम रिजवी, प्रो. आसिफ आदि मौजूद थे।
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