{"_id":"63447b54667096647865ddff","slug":"life-imprisonment-for-two-in-murder-after-kidnapping-of-innocent-child-city-office-news-ali3023552136","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: मासूम बच्चे की अपहरण के बाद हत्या में दो को उम्रकैद, फिरौती के लिए किया था अगवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: मासूम बच्चे की अपहरण के बाद हत्या में दो को उम्रकैद, फिरौती के लिए किया था अगवा
Tue, 11 Oct 2022 01:36 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 01:36 AM IST
सार
मासूम बच्चे की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है। ये घटना 9 फरवरी 2018 की सुबह की है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
खैर क्षेत्र के गांव उसरम से वर्ष 2018 में ढाई वर्ष के मासूम बच्चे की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे प्रथम मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत से सुनाया गया है। इस मुकदमे में सिर्फ अपहरण के दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है।
विज्ञापन
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार, ये घटना 9 फरवरी 2018 की सुबह की है। वादी मुकदमा सोहन सिंह के अनुसार वह परिवार व बच्चों सहित रिश्तेदारी में शादी से लौटे थे। इस दौरान उनका ढाई वर्ष का बेटा कनिष्क घर के दरवाजे पर खेलते हुए गायब हो गया। खोजबीन के दौरान पता चला कि गांव के कुछ लोगों को बच्चे को ले जाते देखा गया।
विज्ञापन
18 फरवरी की सुबह गांव की पोखर में बच्चे का शव मिला। उसके सिर, गर्दन आदि पर चोट के निशान थे और शव फूला हुआ था। पुलिस ने विवेचना के आधार पर गांव के राकेश, उमेश व ओमप्रकाश के अलावा राकेश के साले सुखराम उर्फ सुक्खा निवासी जलालपुर देहली गेट, सुक्खा के रिश्तेदार पुष्पेंद्र निवासी मौरना गभाना को गिरफ्तार कर चार्जशीट पेश की। जिसमें उमेश व ओमप्रकाश पर बच्चे के अपहरण, बाकी तीनों पर हत्या का आरोप लगा।
विज्ञापन
न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अदालत ने उमेश व ओमप्रकाश को बरी कर दिया, जबकि राकेश, पुष्पेंद्र व सुखराम को दोषी करा दिया। न्यायालय में सजा सुनाए जाने की नियत तारीख पर सुखराम हाजिर नहीं था। इसलिए राकेश व पुष्पेंद्र को उम्रकैद व 27-27 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है, जिसमें से 40 हजार रुपया पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
साथ ही, सुखराम की ओर से लगाई गई हाजिरी माफी अर्जी को खारिज करते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। उसके जमानतियों पर वारंट जारी किए हैं और 17 अक्तूबर को उसे पेश करने के आदेश दिए हैं। कहा है कि वह पिछली कई तारीखों से हाजिरी माफी लगा रहा है।