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विवाहिता को जिंदा जलाने में तीन दोषियों को उम्रकैद
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विजयगढ़ क्षेत्र के गांव बरा कला में सात वष पहले विवाहिता को केरोसिन डालकर जिंदा जलाने की घटना में तीन दोषियों को उम्रकैद व जुर्माने से दंडित किया गया है। एडीजे फास्ट ट्रैक दो सीमा वर्मा की अदालत से मिशन शक्ति अभियान के तहत यह फैसला सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार घटना 5 दिसंबर 2015 की है। वादी छोटे सिंह निवासी गढ़ी रामी एत्मादपुर आगरा ने विजयगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उन्होंने अपनी बेटी रिंकी की शादी 19 फरवरी 2000 को योगेश निवासी बरा कला संग की थी। शादी के बाद दहेज में बाइक, रंगीन टीवी आदि की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।
14 जनवरी 2006 को रिंकी को ससुराल में केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की गई। उस समय किसी तरह उसे बचा लिया गया। इसके बाद योगेश उसे मायके छोड़ आया। बाद में पारिवारिक समझौते पर पुन: रिंकी ससुराल में जाकर रहने लगी। इस दौरान उसने बेटी आउसी को जन्म दिया। इसके बाद फिर उसे परेशान किया जाने लगा और 5 दिसंबर 2015 को केरोसिन डालकर जला दिया गया। खबर पाकर मायके वाले पहुंचे तो रिंकी अस्पताल में भर्ती थी। इस दौरान उसने बयान भी दिया। इसके बाद 11 दिसंबर की रात उसकी मौत हो गई।
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मामले में पति योगेश, जेठानी निर्मला, जेठानी के बेटे सुमित समेत अन्य ससुराल वालों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इन तीनों के विरुद्ध चार्जशीट दायर की। दौरान-ए-सत्र परीक्षण अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माना व उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। साथ में जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये रिंकी के पिता को व दो लाख रुपये ननिहाल में रह रही रिंकी की बेटी आउसी को देने के निर्देश दिए हैं।
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अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार घटना 5 दिसंबर 2015 की है। वादी छोटे सिंह निवासी गढ़ी रामी एत्मादपुर आगरा ने विजयगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उन्होंने अपनी बेटी रिंकी की शादी 19 फरवरी 2000 को योगेश निवासी बरा कला संग की थी। शादी के बाद दहेज में बाइक, रंगीन टीवी आदि की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।
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14 जनवरी 2006 को रिंकी को ससुराल में केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की गई। उस समय किसी तरह उसे बचा लिया गया। इसके बाद योगेश उसे मायके छोड़ आया। बाद में पारिवारिक समझौते पर पुन: रिंकी ससुराल में जाकर रहने लगी। इस दौरान उसने बेटी आउसी को जन्म दिया। इसके बाद फिर उसे परेशान किया जाने लगा और 5 दिसंबर 2015 को केरोसिन डालकर जला दिया गया। खबर पाकर मायके वाले पहुंचे तो रिंकी अस्पताल में भर्ती थी। इस दौरान उसने बयान भी दिया। इसके बाद 11 दिसंबर की रात उसकी मौत हो गई।
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मामले में पति योगेश, जेठानी निर्मला, जेठानी के बेटे सुमित समेत अन्य ससुराल वालों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इन तीनों के विरुद्ध चार्जशीट दायर की। दौरान-ए-सत्र परीक्षण अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माना व उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। साथ में जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये रिंकी के पिता को व दो लाख रुपये ननिहाल में रह रही रिंकी की बेटी आउसी को देने के निर्देश दिए हैं।