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कैंसर और ट्यूमर के इलाज के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में आई अत्याधुनिक मशीन
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडिकल कालेज के रेडियोथेरेपी विभाग में कई प्रकार के कैंसर और ट्यूमर के इलाज के लिए एक नई आधुनिकतम सेजीनोवा एचडीआर ब्रैकीथेरेपी मशीन की स्थापना की गई है। एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने इस मशीन की स्थापना पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे मेडिकल कालेज में चिकित्सा व्यवस्था को विकसित करने में मदद मिलेगी।
·é¤ÜÂçÌ Ùð कहा कि मेडिकल कालेज में लगातार आधुनिक चिकित्सा पद्धति को मजबूत करने के लिए नये-नये तरीके अपनाये जा रहे हैं। कालेज के प्रिंसिपल तथा सीएमएस प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि यह मशीन पुरानी माइक्रो एचडीआर मशीन के स्थान पर लगाई गई है, जो विभाग में 2005 से प्रयोग में लाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस मशीन में रेडिएशन से सुरक्षा का पूरा उपाय मौजूद है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों एवं रोगियों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मशीन सर्वाइकल, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट, इसोफेगल तथा स्किन कैंसर आदि के इलाज में अति कारगर साबित होगी।
मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट प्रो. हारिस मंजूर खान ने कहा कि मेडिकल कालेज में रोगियों की विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार जांच की जाती है, ताकि रोगी अथवा स्वास्थ्य कर्मियों को कोई खतरा न हो। ज्ञात हो कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत रेडियोथेरेपी विभाग में कैंसर रोगियों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करने के लिए देश व्यापी तालाबंदी के दौरान भी टेलीमेडिसिन सेवा प्रदान की जाती रही। गत 12 मई से सीमित समय के लिए ओपीडी सेवायें भी प्रदान की गईं। इसके अलावा 29 मई से रेडियोथेरेपी सेवायें बहाल हैं और प्रतिदिन 30 रोगियों को देखा जा रहा है।
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·é¤ÜÂçÌ Ùð कहा कि मेडिकल कालेज में लगातार आधुनिक चिकित्सा पद्धति को मजबूत करने के लिए नये-नये तरीके अपनाये जा रहे हैं। कालेज के प्रिंसिपल तथा सीएमएस प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि यह मशीन पुरानी माइक्रो एचडीआर मशीन के स्थान पर लगाई गई है, जो विभाग में 2005 से प्रयोग में लाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस मशीन में रेडिएशन से सुरक्षा का पूरा उपाय मौजूद है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों एवं रोगियों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मशीन सर्वाइकल, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट, इसोफेगल तथा स्किन कैंसर आदि के इलाज में अति कारगर साबित होगी।
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मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट प्रो. हारिस मंजूर खान ने कहा कि मेडिकल कालेज में रोगियों की विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार जांच की जाती है, ताकि रोगी अथवा स्वास्थ्य कर्मियों को कोई खतरा न हो। ज्ञात हो कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत रेडियोथेरेपी विभाग में कैंसर रोगियों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करने के लिए देश व्यापी तालाबंदी के दौरान भी टेलीमेडिसिन सेवा प्रदान की जाती रही। गत 12 मई से सीमित समय के लिए ओपीडी सेवायें भी प्रदान की गईं। इसके अलावा 29 मई से रेडियोथेरेपी सेवायें बहाल हैं और प्रतिदिन 30 रोगियों को देखा जा रहा है।
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