औद्योगिक पार्क: जमीन अधिग्रहण के प्रभाव की जांच करेगा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, मार्च तक आएगी रिपोर्ट
यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के द्वारा अपने मास्टर प्लान-2031 के फेज-2 के तहत एक्सप्रेस वे के दोनों ओर टप्पल से बाजना तक तीन-तीन किलोमीटर क्षेत्र में 1200 हेक्टेयर भूभाग में अर्बन सेंटर को विकसित किया जा रहा है।
विस्तार
अलीगढ़ में टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर में 20 एकड़ में बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन के अधिग्रहण के असर को जानने का काम गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में होगा। स्थानीय प्रशासन ने अधिग्रहण का काम शुरू करने से पहले इसके प्रभाव को जानने को एसआईए (सोशल इंपेक्ट एसेसमेंट) के काम को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) को भेज दिया है। मार्च तक इसकी रिपोर्ट आ सकती है। इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के द्वारा अपने मास्टर प्लान-2031 के फेज-2 के तहत एक्सप्रेस वे के दोनों ओर टप्पल से बाजना तक तीन-तीन किलोमीटर क्षेत्र में 1200 हेक्टेयर भूभाग में अर्बन सेंटर को विकसित किया जा रहा है।
इसी वर्ष 17 अप्रैल को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और कारगो उड़ान शुरू होने जा रही है। अर्बन सेंटर के प्रोजेक्ट भी इसी के साथ गति पकड़ेंगे। इंडस्ट्रियल पार्क में आईटी, सॉफ्टवेयर के अलावा अन्य कंपनियां निवेश करेंगी। टप्पल क्षेत्र में 165 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की योजना है। जिसके सामाजिक प्रभावों को जानने के लिए प्रोजेक्ट जीबीयू भेजा गया है।
2013 के भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम की धारा-11 के तहत प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। पूरी योजना यमुना प्राधिकरण की है। हमने अपने यहां से एसआईए स्टडी की रिपोर्ट के लिए प्रोजेक्ट जीबीयू भेजा है। वहां से रिपोर्ट आते ही आगे का काम शुरू होगा। - राम शंकर, प्रभारी भूमि अध्यापति अधिकारी
20 एकड़ में इंडस्ट्रियल पार्क बनना है। कोशिश है कि अप्रैल से जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो जाए। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यीडा
अलीगढ़ के औद्योगिक विकास को गति
जमीन अधिग्रहण के बाद यहां पर वेयर हाउसिंग, कंटेनर यार्ड और रेल जोन जैसे आधारभूत ढांचे विकसित होने हैं। यह प्रोजेक्ट अलीगढ़ के औद्योगिक विकास गति प्रदान करेगा। अलीगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर, स्टेट यूनिवर्सिटी, डिफेंस कॉरिडोर और ग्रेटर अलीगढ़ जैसी योजनाओं से जुड़ेगा। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे।