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Aligarh News: संस्कृत शिक्षा के प्रसार में स्टाफ की कमी का रोड़ा
Sun, 21 Sep 2025 02:39 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sun, 21 Sep 2025 02:39 AM IST
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संस्कृत भाषा और परंपरागत अध्ययन को जीवित रखने वाला श्रीकृष्ण ब्रह्मचर्य आश्रम आदर्श संस्कृत महाविद्यालय वर्तमान में स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। आश्रम पद्धति पर संचालित यह महाविद्यालय लंबे समय से संस्कृत भाषा, वेद, शास्त्र और भारतीय परंपराओं की शिक्षा देने के लिए जाना जाता है। यहां वर्तमान में शास्त्री और आचार्य स्तर की पढ़ाई कराई जा रही है।
महाविद्यालय में हाथरस ही नहीं, बल्कि अलीगढ़, मथुरा, आगरा और कासगंज जैसे आसपास के जिलों से भी छात्र आते हैं। वर्तमान में करीब 90 छात्र यहां संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से कई छात्र गुरुकुल जैसी दिनचर्या अपनाकर आश्रम पद्धति के वातावरण में अध्ययन करते हैं। महाविद्यालय में निर्धारित प्रवक्ताओं और प्राध्यापकों की संख्या के मुकाबले तैनाती काफी कम है।
स्थिति यह है कि केवल दो प्रवक्ता ही पूरे पाठ्यक्रम को संभाल रहे हैं। कई विषयों की कक्षाएं अतिथि प्राध्यापकों के सहारे चलाई जा रही हैं। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य मुकेश कुमार ने बताया कि संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहित करने और इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए पर्याप्त शिक्षक मिलना जरूरी है। लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया।
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महाविद्यालय में हाथरस ही नहीं, बल्कि अलीगढ़, मथुरा, आगरा और कासगंज जैसे आसपास के जिलों से भी छात्र आते हैं। वर्तमान में करीब 90 छात्र यहां संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से कई छात्र गुरुकुल जैसी दिनचर्या अपनाकर आश्रम पद्धति के वातावरण में अध्ययन करते हैं। महाविद्यालय में निर्धारित प्रवक्ताओं और प्राध्यापकों की संख्या के मुकाबले तैनाती काफी कम है।
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स्थिति यह है कि केवल दो प्रवक्ता ही पूरे पाठ्यक्रम को संभाल रहे हैं। कई विषयों की कक्षाएं अतिथि प्राध्यापकों के सहारे चलाई जा रही हैं। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य मुकेश कुमार ने बताया कि संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहित करने और इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए पर्याप्त शिक्षक मिलना जरूरी है। लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया।
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