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Aligarh News: मालगाड़ी का डाला खुलने से मजदूर की मौत, हंगामा
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हरदुआगंज रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात मालगाड़ी का डाला अचानक खुलने से एक मजदूर की मौत हो गई। ग्रामीणों ने मंगलवार को दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव आने पर उसे घटनास्थल पर रखकर मुआवजे की मांग की। शाम को मृतक की पत्नी द्वारा सात लोगोंं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद पांच लाख के चेक दिए जाने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
थाना पुलिस ने बताया कि हरदुआगंज रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार की रात मालगाड़ी की रैक क्षेत्र की दो सीमेंट फैक्टरियों के लिए क्लिंजर लेकर आई थी, जहां से अनलोड करने के बाद सीमेंट फैक्टरियों में भेजा जाना था। ठेकेदार रवेंद्र पाल सिंह चौहान मजदूरों से यह काम कराता है। मालगाड़ी की रैक आने पर मजदूर एकत्रित हो गए।
मालगाड़ी की शटिंग के दौरान एक बोगी का डाला अचानक खुल गया, जो वहां खड़े श्रमिक जसवीर सिंह (46) निवासी साथा के सीने पर लगा और वह नीचे गिर गया। घायल जसवीर को छेरत के एक नर्सिंग होम ले जाया गया ,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सीमेंट कंपनियों के डंपरों को रोक काम बंद कराया
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद जसवीर का शव गांव आया तो ग्रामीण शव को लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए और उसे वहां रखकर प्रदर्शन करने लगे। सीमेंट कंपनियों के डंपरों को रोकते हुए काम बंद करा दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। शाम लगभग पांच बजे ठेकेदार रवेंद्र पाल सिंह को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने एक लाख रुपये का चेक परिजनों को दिया। साथ ही पूनम शर्मा ने जिनके नाम फर्म चल रही है, उन्हाेंने तीन लाख और एक लाख रुपये के दो चेक और दिए। पांच लाख के चेक मिलने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। राजवीर ने अपने पीछे पत्नी, चार बच्चे और एक विकलांग भाई को बिलखते हुए छोड़ा है।
मजदूर की मौत पर पत्नी ने सात पर दर्ज कराया मुकदमा
जवां। मालगाड़ी का डाला खुलने से मजदूर की मौत के मामले में समझौता होने से पहले उसकी पत्नी अंजलि देवी ने थाना दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि मेरे पति जसवीर सिंह जेके सीमेंट और मंगलम सीमेंट द्वारा ठेका लेकर हरदुआगंज क्लिंकर यार्ड लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य करते थे। इन फर्माें को पीएनपी फार्म व विजन नेस्ट रोड लॉजिस्टिक को अपना क्लिंकर ट्रांसपोर्ट का अपना समस्त कार्य दे रखा था। कंपनी वालों के कई बार सुरक्षा कारणों का भी हवाला दिया, जिसको संज्ञान में नहीं लिया।इसी कारण क्लिंकर पर कार्य करते हुए मेरे पति की मृत्यु हो गई। इसमें मालिक परवीन सरोगी, नरेंद्र कुमार पांडे, रवेंद्र पाल सिंह चौहान, मुनेंद्र सिंह चौहान, योगेंद्र यादव, संजय यादव और एक अज्ञात व्यक्ति जिम्मेदार हैं।
मृतक के परिजनों को समझाया गया था लेकिन वह मुआवजे की जिद पर अड़े हुए थे। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जाएगी। ठेकेदार द्वारा मजदूर के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। सर्वम सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी, सिविल लाइंस।
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थाना पुलिस ने बताया कि हरदुआगंज रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार की रात मालगाड़ी की रैक क्षेत्र की दो सीमेंट फैक्टरियों के लिए क्लिंजर लेकर आई थी, जहां से अनलोड करने के बाद सीमेंट फैक्टरियों में भेजा जाना था। ठेकेदार रवेंद्र पाल सिंह चौहान मजदूरों से यह काम कराता है। मालगाड़ी की रैक आने पर मजदूर एकत्रित हो गए।
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मालगाड़ी की शटिंग के दौरान एक बोगी का डाला अचानक खुल गया, जो वहां खड़े श्रमिक जसवीर सिंह (46) निवासी साथा के सीने पर लगा और वह नीचे गिर गया। घायल जसवीर को छेरत के एक नर्सिंग होम ले जाया गया ,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सीमेंट कंपनियों के डंपरों को रोक काम बंद कराया
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद जसवीर का शव गांव आया तो ग्रामीण शव को लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए और उसे वहां रखकर प्रदर्शन करने लगे। सीमेंट कंपनियों के डंपरों को रोकते हुए काम बंद करा दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। शाम लगभग पांच बजे ठेकेदार रवेंद्र पाल सिंह को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने एक लाख रुपये का चेक परिजनों को दिया। साथ ही पूनम शर्मा ने जिनके नाम फर्म चल रही है, उन्हाेंने तीन लाख और एक लाख रुपये के दो चेक और दिए। पांच लाख के चेक मिलने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। राजवीर ने अपने पीछे पत्नी, चार बच्चे और एक विकलांग भाई को बिलखते हुए छोड़ा है।
मजदूर की मौत पर पत्नी ने सात पर दर्ज कराया मुकदमा
जवां। मालगाड़ी का डाला खुलने से मजदूर की मौत के मामले में समझौता होने से पहले उसकी पत्नी अंजलि देवी ने थाना दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि मेरे पति जसवीर सिंह जेके सीमेंट और मंगलम सीमेंट द्वारा ठेका लेकर हरदुआगंज क्लिंकर यार्ड लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य करते थे। इन फर्माें को पीएनपी फार्म व विजन नेस्ट रोड लॉजिस्टिक को अपना क्लिंकर ट्रांसपोर्ट का अपना समस्त कार्य दे रखा था। कंपनी वालों के कई बार सुरक्षा कारणों का भी हवाला दिया, जिसको संज्ञान में नहीं लिया।इसी कारण क्लिंकर पर कार्य करते हुए मेरे पति की मृत्यु हो गई। इसमें मालिक परवीन सरोगी, नरेंद्र कुमार पांडे, रवेंद्र पाल सिंह चौहान, मुनेंद्र सिंह चौहान, योगेंद्र यादव, संजय यादव और एक अज्ञात व्यक्ति जिम्मेदार हैं।
मृतक के परिजनों को समझाया गया था लेकिन वह मुआवजे की जिद पर अड़े हुए थे। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जाएगी। ठेकेदार द्वारा मजदूर के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। सर्वम सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी, सिविल लाइंस।