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सरकारी जमीन में बने कृष्णा पैराडाइज और स्कूल ध्वस्त
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:14 AM IST
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सरकारी जमीन में बने कृष्णा पैराडाइज और स्कूल ध्वस्त
- फोटो : Dig Vishal
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फर्जी डीडीसी रिपोर्ट के जरिये सरकारी ऊसर की जमीन हथिया कर कृष्णा पैराडाइज के नाम से बने एक मैरिज होम एवं स्कूल को तहसील कोल की टीम ने शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान टीम ने केवल अस्थाई निर्माण व बाउंड्रीवाल ढहाई है। पक्का निर्माण हटाने के लिए संचालक को दो दिन का समय दिया गया है। इसे नगर निगम के सुपुर्द करते हुए निगम का बोर्ड लगा दिया गया है। कब्जा मुक्त करायी गई भूमि की कीमत 90 करोड़ बताई जा रही है।
यह था मामला
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने बताया कि मेरिज होम व स्कूल के मालिक क्वारसी निवासी कृष्णपाल सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह ने वर्ष 1979 में चकबंदी के दौरान फर्जी डीडीसी रिपोर्ट के आधार पर 13798 स्क्वायर मीटर सरकारी ऊसर भूमि पर कब्जा कर कृष्णा पैराडाइज नाम से मेरिज होम व स्कूल का निर्माण कर लिया था। इसका गाटा संख्या 14, 17, 19 एवं 20 है। जबकि चकबंदी के किसी प्रपत्र मसलन बैनामा, पट्टा आदि में उसका नाम नहीं है। वर्ष 1985 में तत्कालीन एडीएम ने इसे निरस्त कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिये थे।
चूंकि कार्रवाई का अधिकार मात्र एसडीएम कोर्ट को है अत: आदेशों का अनुपालन नहीं हो सका और वह उक्त भूमि पर काबिज बना रहा। मामला संज्ञान में आने पर हमने एडीजीसी को प्रार्थना पत्र दिया तो यह राजस्व परिषद चला गया। परिषद ने एसडीएम को सुनवाई कर निस्तारण के आदेश दिये। मामले की सुनवाई के दौरान वह जमीन संबंधी कोई भी प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। न ही कलक्ट्रेट में जमीन संबंधी उसके नाम कोई भी पत्रावली पायी गई।
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मुक्त करायी गई जमीन की सरकारी कीमत करीब 40 से 50 करोड़ है। जबकि बाजारी कीमत करीब 90 करोड़ है। वहां मौजूद अस्थाई निर्माण एवं बाउंड्रीवाल को तुड़वा दिया गया है। आरोपी को स्थाई अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। फिलहाल यह जमीन नगर निगम की सुपुर्दगी में देते हुए वहां नगर निगम का बोर्ड लगा दिया गया है।
- जोगिंदर सिंह, एसडीएम कोल
मंडलीय कार्यालय का कराया जाएगा निर्माण
एसडीएम कोल ने बताया कि जिले में कई मंडलीय कार्यालयों के लिए जमीन की आवश्यकता है। अत: मुक्त करायी गई जमीन का उपयोग मंडलीय कार्यालय निर्माण में कराया जाएगा।
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यह था मामला
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने बताया कि मेरिज होम व स्कूल के मालिक क्वारसी निवासी कृष्णपाल सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह ने वर्ष 1979 में चकबंदी के दौरान फर्जी डीडीसी रिपोर्ट के आधार पर 13798 स्क्वायर मीटर सरकारी ऊसर भूमि पर कब्जा कर कृष्णा पैराडाइज नाम से मेरिज होम व स्कूल का निर्माण कर लिया था। इसका गाटा संख्या 14, 17, 19 एवं 20 है। जबकि चकबंदी के किसी प्रपत्र मसलन बैनामा, पट्टा आदि में उसका नाम नहीं है। वर्ष 1985 में तत्कालीन एडीएम ने इसे निरस्त कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिये थे।
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चूंकि कार्रवाई का अधिकार मात्र एसडीएम कोर्ट को है अत: आदेशों का अनुपालन नहीं हो सका और वह उक्त भूमि पर काबिज बना रहा। मामला संज्ञान में आने पर हमने एडीजीसी को प्रार्थना पत्र दिया तो यह राजस्व परिषद चला गया। परिषद ने एसडीएम को सुनवाई कर निस्तारण के आदेश दिये। मामले की सुनवाई के दौरान वह जमीन संबंधी कोई भी प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। न ही कलक्ट्रेट में जमीन संबंधी उसके नाम कोई भी पत्रावली पायी गई।
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मुक्त करायी गई जमीन की सरकारी कीमत करीब 40 से 50 करोड़ है। जबकि बाजारी कीमत करीब 90 करोड़ है। वहां मौजूद अस्थाई निर्माण एवं बाउंड्रीवाल को तुड़वा दिया गया है। आरोपी को स्थाई अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। फिलहाल यह जमीन नगर निगम की सुपुर्दगी में देते हुए वहां नगर निगम का बोर्ड लगा दिया गया है।
- जोगिंदर सिंह, एसडीएम कोल
मंडलीय कार्यालय का कराया जाएगा निर्माण
एसडीएम कोल ने बताया कि जिले में कई मंडलीय कार्यालयों के लिए जमीन की आवश्यकता है। अत: मुक्त करायी गई जमीन का उपयोग मंडलीय कार्यालय निर्माण में कराया जाएगा।