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कोहिनूर पर सजा पंजाब, नाइट भी हुई लाजवाब
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 11 Feb 2016 12:54 AM IST
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पंजाब की समृद्धि, उत्साह, जोश वहां के माहौल के साथ संगीत में भी दिखाई देता है। हाई नोट्स पर स्वर और उसमें तेज रिदम के साथ ढोल का जबरदस्त प्रयोग हो तो माहौल में भी वैसा ही जोश आ जाता है।
बुधवार की रात नुमाइश के कोहिनूर मंच पर गायक अशोक मस्ती ने अपने जोशीले अंदाज से ऐसा ही समा बांधा। धरती उत्तर प्रदेश की थी लेकिन उस पर पंजाबी संगीत के ऐसे रंग बिखेरे कि जिनको बोल समझ में नहीं आ रहे थे वह संगीत के माध्यम से गीत की आत्मा तक पहुंचने का प्रयास कर रहेे थे।
इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन पीएसी 38 बटालियन के सेनानायक अजय मोदक ने दीप प्रज्जवलित करके किया। अशोक मस्ती ने भगवान की अरदास के साथ अपनी प्रस्तुुति शुरू की। इसके बाद नशे की चड़दी, रब्बा रब्बा, गल बन गई आदि एक के बाद एक गीत अपने ही अंदाज में पेश करके समां बांध दिया।
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अशोक जानते थे कि उनके सुनने वालों में पंजाबी समुदाय के लोगों के अलावा ऐसे लोग भी हैं जो शायद पंजाबी के साथ सहज नहीं हैं। इसलिए उन्होंने बीच बीच में हिंदी गानों को पंजाबी टच लिए पेश किया। गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं, शराबी ये दिल हो गया। जिया हो जिया हो जिया कुुछ बोल दो।
कजरा मोहब्बत वाला, रेशमी सलवार कुर्ता जाली का प्रस्तुत किया। देर रात तक श्रोता पंजाबी नाइट का लुत्फ लेते रहे। इस अवसर पर एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम, कार्यकारिणी सदस्य राकेश सक्सेना आदि मौजूद थे।
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बुधवार की रात नुमाइश के कोहिनूर मंच पर गायक अशोक मस्ती ने अपने जोशीले अंदाज से ऐसा ही समा बांधा। धरती उत्तर प्रदेश की थी लेकिन उस पर पंजाबी संगीत के ऐसे रंग बिखेरे कि जिनको बोल समझ में नहीं आ रहे थे वह संगीत के माध्यम से गीत की आत्मा तक पहुंचने का प्रयास कर रहेे थे।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन पीएसी 38 बटालियन के सेनानायक अजय मोदक ने दीप प्रज्जवलित करके किया। अशोक मस्ती ने भगवान की अरदास के साथ अपनी प्रस्तुुति शुरू की। इसके बाद नशे की चड़दी, रब्बा रब्बा, गल बन गई आदि एक के बाद एक गीत अपने ही अंदाज में पेश करके समां बांध दिया।
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अशोक जानते थे कि उनके सुनने वालों में पंजाबी समुदाय के लोगों के अलावा ऐसे लोग भी हैं जो शायद पंजाबी के साथ सहज नहीं हैं। इसलिए उन्होंने बीच बीच में हिंदी गानों को पंजाबी टच लिए पेश किया। गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं, शराबी ये दिल हो गया। जिया हो जिया हो जिया कुुछ बोल दो।
कजरा मोहब्बत वाला, रेशमी सलवार कुर्ता जाली का प्रस्तुत किया। देर रात तक श्रोता पंजाबी नाइट का लुत्फ लेते रहे। इस अवसर पर एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम, कार्यकारिणी सदस्य राकेश सक्सेना आदि मौजूद थे।