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बेचने के लिए मासूम अगवा, छह घंटे में बरामद: सीसीटीवी की मदद से पुलिस को मिली सफलता, दंपती को 20 हजार में बेचना था बच्चा
Mon, 01 Nov 2021 02:19 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 01 Nov 2021 02:19 PM IST
सार
अलीगढ़ के छर्रा अड्डा पुल के नीचे नगर निगम के मैदान में एक मजदूर परिवार झोपड़ी डालकर रहता है। झोपड़ी के पास ही चार साल का बच्चा बहन के साथ खेल रहा था। तभी बाइक सवार दो युवक आए और लांगुरा खिलाने के बहाने बच्चे को लेकर चले गए।
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पीड़ित परिवार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र में पुराना छर्रा अड्डा के खाली मैदान से सोमवार सुबह कबाड़ बीनने वाले दंपती के इकलौते बेटे का बाइक सवार दो बदमाशों ने अपहरण कर लिया। चार साल के मासूम के अपहरण की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पुलिस भी हरकत में आ गई।
खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी सीसीटीवी कंट्रोल रूम में आकर बैठ गए। जिले भर में नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू करा दी गई। सीसीटीवी की मदद से आधा दर्जन टीमें बच्चे की तलाश में जुट गईं। करीब छह घंटे के प्रयास के बाद बच्चे को सकुशल आरोपियों से मुक्त कराते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बदमाशों ने बच्चे का अपहरण एक दंपती को बेचने के इरादे से किया था। देर रात पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी थी। मूल रूप से बिहार के भागलपुर जनपद के गांव तमौनी बिसनपुर के बबलू व उनकी पत्नी फितुल देवी छर्रा अड्डा पुल के नीचे पिछले दो दशक से पंजाबी कॉलोनी में झुग्गियों में रहते हैं। उनके साथ बिहार के ही पांच-छह अन्य परिवार भी रहते हैं।
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ये लोग कूड़ा बीनकर अपनी आजीविका चलाते हैं। बबलू दंपती पर चार बेटियों के बाद 4 साल का बेटा भोला है। घटनाक्रम के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे भोला अपनी बहनों संग झुग्गियों से 50 मीटर दूर पुराने छर्रा अड्डे के खाली मैदान में खेल रहा था। भोला की बड़ी बहन 9 वर्षीय रूपा के अनुसार इसी बीच दो युवक बाइक पर आए और भोला को गोदी में उठाकर बोले कि घर में बच्चों का कन्या लांगुरा का पूजन होना है। इसलिए उसे ले जा रहे हैं। इसके बाद वे भोला को बाइक पर बैठाकर एटा चुंगी की ओर लेकर चले गए।
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खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी सीसीटीवी कंट्रोल रूम में आकर बैठ गए। जिले भर में नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू करा दी गई। सीसीटीवी की मदद से आधा दर्जन टीमें बच्चे की तलाश में जुट गईं। करीब छह घंटे के प्रयास के बाद बच्चे को सकुशल आरोपियों से मुक्त कराते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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बदमाशों ने बच्चे का अपहरण एक दंपती को बेचने के इरादे से किया था। देर रात पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी थी। मूल रूप से बिहार के भागलपुर जनपद के गांव तमौनी बिसनपुर के बबलू व उनकी पत्नी फितुल देवी छर्रा अड्डा पुल के नीचे पिछले दो दशक से पंजाबी कॉलोनी में झुग्गियों में रहते हैं। उनके साथ बिहार के ही पांच-छह अन्य परिवार भी रहते हैं।
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ये लोग कूड़ा बीनकर अपनी आजीविका चलाते हैं। बबलू दंपती पर चार बेटियों के बाद 4 साल का बेटा भोला है। घटनाक्रम के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे भोला अपनी बहनों संग झुग्गियों से 50 मीटर दूर पुराने छर्रा अड्डे के खाली मैदान में खेल रहा था। भोला की बड़ी बहन 9 वर्षीय रूपा के अनुसार इसी बीच दो युवक बाइक पर आए और भोला को गोदी में उठाकर बोले कि घर में बच्चों का कन्या लांगुरा का पूजन होना है। इसलिए उसे ले जा रहे हैं। इसके बाद वे भोला को बाइक पर बैठाकर एटा चुंगी की ओर लेकर चले गए।
इस पर रूपा चीखती हुई अपनी मां के पास पहुंची और वाकया बताया। यह सुनकर मां के होश उड़ गए। चीख पुकार-शोरशराबे पर तमाम लोग एकत्रित हो गए। तत्काल थाने जाकर पुलिस को सूचना दी। साढ़े दस बजे मिली सूचना पर पुलिस के होश उड़ गए। सबसे पहले इंस्पेक्टर क्वार्सी मौके पर पहुंचे। खबर पर एसपी सिटी, सीओ तृतीय भी मौके पर पहुंच गए।
आनन-फानन जिले में चेकिंग शुरू कराई गई और सीसीटीवी की मॉनीटरिंग शुरू कराई गई। एसएसपी कलानिधि नैथानी खुद सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंच गए। वहीं बच्चे के माता-पिता व बहन को भी ले आया गया। सीसीटीवी की मानीटरिंग में बाइक सवार बच्चे को लेकर एटा चुंगी और वहां से बौनेर, फिर बाईपास के रास्ते सासनी गेट और खिरनी गेट तक कैद पाए गए।
इसके बाद वे नहीं दिखाई दिए। मगर उनके चेहरे साफ कैद पाए जाने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी। इसी प्रयास में शाम साढ़े पांच बजे दोनों बच्चे को लेकर घूमते हुए मिल गए। दोनों को दबोच लिया गया और देर रात तक पूछताछ जारी थी। बच्चे को सकुशल वापस पाकर दंपती बेहद खुश थे। प्रारंभिक पूछताछ में 20 हजार रुपये में बाबरी मंडी की एक दंपती को बच्चा बेचना उजागर हुआ है।
आनन-फानन जिले में चेकिंग शुरू कराई गई और सीसीटीवी की मॉनीटरिंग शुरू कराई गई। एसएसपी कलानिधि नैथानी खुद सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंच गए। वहीं बच्चे के माता-पिता व बहन को भी ले आया गया। सीसीटीवी की मानीटरिंग में बाइक सवार बच्चे को लेकर एटा चुंगी और वहां से बौनेर, फिर बाईपास के रास्ते सासनी गेट और खिरनी गेट तक कैद पाए गए।
इसके बाद वे नहीं दिखाई दिए। मगर उनके चेहरे साफ कैद पाए जाने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी। इसी प्रयास में शाम साढ़े पांच बजे दोनों बच्चे को लेकर घूमते हुए मिल गए। दोनों को दबोच लिया गया और देर रात तक पूछताछ जारी थी। बच्चे को सकुशल वापस पाकर दंपती बेहद खुश थे। प्रारंभिक पूछताछ में 20 हजार रुपये में बाबरी मंडी की एक दंपती को बच्चा बेचना उजागर हुआ है।