{"_id":"654159e3b2d4c9008e0a2868","slug":"karva-chauth-fast-for-longevity-of-married-life-2023-11-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: सुहाग की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ व्रत, खरीदे शृंगार के सामान, ये है चांद निकलने का समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: सुहाग की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ व्रत, खरीदे शृंगार के सामान, ये है चांद निकलने का समय
Wed, 01 Nov 2023 01:17 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 01 Nov 2023 01:17 AM IST
सार
सिद्धि योग में पड़ने वाला करवा चौथ बेहद खास हो गया है। खासकर नवविवाहिताओं में इस व्रत को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। त्योहार की पूर्व संध्या पर महिलाओं ने बाजारों में पहुंचकर जमकर खरीदारी की।
विज्ञापन
करवा चौथ पूजन के लिए प्रतिमाएं
- फोटो : संवाद
विस्तार
आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका पूरे साल महिलाएं इंतजार करती हैं और अपने पति की दीर्घायु एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर उपवास रखती हैं। अखंड सौभाग्य का प्रतीक करवा चौथ 1 नवंबर को पूरे उल्लास एवं पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु एवं अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की कामना को लेकर करवा चौथ का व्रत रखेंगी। व्रत रखने वाली महिलाओं में उत्साह है।
विज्ञापन
सिद्धि योग में पड़ने से यह त्योहार बेहद खास हो गया है। खासकर नवविवाहिताओं में इस व्रत को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। त्योहार की पूर्व संध्या पर महिलाओं ने बाजारों में पहुंचकर जमकर खरीदारी की। देर रात तक वहां खूब चहल-पहल रही। कपड़े, जेवर, चूड़ी आदि खरीदने के साथ ही मेहंदी लगवाने के लिए ब्यूटी पार्लर में ग्राहकों की भीड़ रही। सुबह से ही कॉस्मेटिक और कपड़ों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। इस बार साड़ियों में सिर्फ लाल रंग ही नहीं, बल्कि फैंसी कलर और डिजाइन की भी मांग देखने को मिली। बाजार में मेहंदी लगाने वालों के पास भी कतार लगी रही। अलग-अलग डिजाइन की मेहंदी का क्रेज देखने को मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूजा की थाली में छलनी का महत्व
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा एवं सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रहकर पूजा-पाठ करती हैं। शाम को सोलह शृगार कर चलनी से पति का दीदार कर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार चांद को चलनी में से या दुपट्टे में से देखते हैं, फिर इसी तरह पति को भी देखते हैं। पति जल ग्रहण कराने के साथ ही खाने के लिए पहला निवाला देकर व्रत खुलवाते है। इस अवसर पर पति भी पत्नी का साथ देते हुए व्रत रखते हैं। पूजा के दौरान महिलाएं छलनी में दीपक रखकर चांद को देखने के बाद पति का चेहरा देखती हैं।
Trending Videos
100 साल बाद चंद्रमा में मंगल, बुध एक साथ होंगे विराजमान
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश, चौथ माता और शिव- पार्वती की पूजा की जाती है। इस बार सुहागिन महिलाओं के लिए यह बेहद खास होने वाला है। करीब 100 साल बाद चंद्रमा में मंगल और बुध एक साथ विराजमान है, जिससे बुध, आदित्य, योग बन रहा है। इसके अलावा करवा चौथ के दिन शिवयोग या शिव वास और सर्वार्थ योग भी बन रहा है। जो महिलाएं व्रत रखकर चंद्रमा को अर्घ्य देंगी, उनकी मनोकामनाएं जरूर पूरी होंगी। करवा चौथ के दिन मां गौरी और भगवान शिव के साथ गणेश भगवान का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। करवा चौथ पर रात्रि 08:15 बजे चंद्रोदय होगा। पूजा मुहूर्त का शाम 05: 36 मिनट से 06: 54 मिनट तक रहेगा। अमृत काल शाम 07: 34 मिनट से 09:13 मिनट तक रहेगा।
करवा चौथ का पर्व प्यार, विश्वास और त्याग का पर्व है। पहली बार यह त्योहार ससुराल में मना रही हूं। काफी दिनों से इसकी तैयारी में जुटी थी। - प्रियंका घुट्टी, विक्रम कॉलोनी
करवा चौथ को लेकर काफी उत्साहित हूं। पति की दीर्घायु के लिए पूरे दिन निर्जल उपवास रखूंगी। कई दिन से व्रत की तैयारी कर रही हूं। - नंदनी, कावेरी हॉम्स
विधि-विधान से इस बार करवा चौथ का व्रत रखूंगी। घर की बुजुर्ग महिलाओं से भी व्रत को लेकर जानकारी ली है। काफी अच्छा लग रहा है। -खुशी बैंक कॉलोनी पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने को लेकर काफी उत्साह है। कई दिन से बाजार में जाकर सजने-संवरने को खूब खरीदारी की है। - संध्या वर्मा, नौरंगाबा
करवा चौथ का त्योहार आपसी प्रेम एवं मनुहार का त्योहार है। ऐसे में एक-दूसरे के प्रति प्रेम का इजहार करने के लिए इस व्रत को रखा जाता है। अग्नि को साक्षी मानकर जिस तरह सात फेरे लेकर सात जन्मों का साथ निभाने का वादा किया था, उस संकल्प को व्रत रखकर पूरा करेंगे।- ऋषभ गर्ग, सिंघल धर्मकांटा, आगरा रोड
पहले करवा चौथ की यादें
शहर के गुरुद्वारा रोड की 63 वर्षीय लीलावती शर्मा कहती हैं कि एक- दूसरे के सुख-दु:ख में सहभागी बनते हुए 44 बसंत का समय गुजर गया है, पर प्यार और मनुहार आज भी पहले जैसा है। करवा चौथ के चांद से सिर्फ यही ख्वाहिश होगी कि अगले जन्म में भी साथ बना रहे। घनश्यामपुरी की 60 वर्षीय विनीता शर्मा के अनुसार साल भर में यह त्योहार आता है। जब पति के साथ प्यार, तकरार के साथ ही मनुहार करने का अवसर मिलता है। संजय गांधी कॉलोनी की 62 वर्षीय आशा देवी का कहना है कि पिछले 40 वर्षों से करवा चौथ का व्रत रख रही हूं। अब बदलते जमाने के साथ काफी बदलाव आ गया है। इस बार भी पति की लंबी आयु की कामना के लिए निर्जल व्रत रखूंगी। विष्णुपुरी की 60 वर्षीय दृढ़निष्ठा देवी कहती हैं कि करवा चौथ ऐसा व्रत है जो पति के प्रति प्यार, समर्पण करने का दिन होता है। इस बार भी पूरे उल्लास से यह व्रत मनाऊंगी।
करवा चौथ का पर्व प्यार, विश्वास और त्याग का पर्व है। पहली बार यह त्योहार ससुराल में मना रही हूं। काफी दिनों से इसकी तैयारी में जुटी थी। - प्रियंका घुट्टी, विक्रम कॉलोनी
करवा चौथ को लेकर काफी उत्साहित हूं। पति की दीर्घायु के लिए पूरे दिन निर्जल उपवास रखूंगी। कई दिन से व्रत की तैयारी कर रही हूं। - नंदनी, कावेरी हॉम्स
विधि-विधान से इस बार करवा चौथ का व्रत रखूंगी। घर की बुजुर्ग महिलाओं से भी व्रत को लेकर जानकारी ली है। काफी अच्छा लग रहा है। -खुशी बैंक कॉलोनी पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने को लेकर काफी उत्साह है। कई दिन से बाजार में जाकर सजने-संवरने को खूब खरीदारी की है। - संध्या वर्मा, नौरंगाबा
करवा चौथ का त्योहार आपसी प्रेम एवं मनुहार का त्योहार है। ऐसे में एक-दूसरे के प्रति प्रेम का इजहार करने के लिए इस व्रत को रखा जाता है। अग्नि को साक्षी मानकर जिस तरह सात फेरे लेकर सात जन्मों का साथ निभाने का वादा किया था, उस संकल्प को व्रत रखकर पूरा करेंगे।- ऋषभ गर्ग, सिंघल धर्मकांटा, आगरा रोड
पहले करवा चौथ की यादें
शहर के गुरुद्वारा रोड की 63 वर्षीय लीलावती शर्मा कहती हैं कि एक- दूसरे के सुख-दु:ख में सहभागी बनते हुए 44 बसंत का समय गुजर गया है, पर प्यार और मनुहार आज भी पहले जैसा है। करवा चौथ के चांद से सिर्फ यही ख्वाहिश होगी कि अगले जन्म में भी साथ बना रहे। घनश्यामपुरी की 60 वर्षीय विनीता शर्मा के अनुसार साल भर में यह त्योहार आता है। जब पति के साथ प्यार, तकरार के साथ ही मनुहार करने का अवसर मिलता है। संजय गांधी कॉलोनी की 62 वर्षीय आशा देवी का कहना है कि पिछले 40 वर्षों से करवा चौथ का व्रत रख रही हूं। अब बदलते जमाने के साथ काफी बदलाव आ गया है। इस बार भी पति की लंबी आयु की कामना के लिए निर्जल व्रत रखूंगी। विष्णुपुरी की 60 वर्षीय दृढ़निष्ठा देवी कहती हैं कि करवा चौथ ऐसा व्रत है जो पति के प्रति प्यार, समर्पण करने का दिन होता है। इस बार भी पूरे उल्लास से यह व्रत मनाऊंगी।