एएमयू छात्रसंघ चुनाव: 5 नवंबर को मतदान, चार हजार हिंदू छात्रों की उलझन, दिवाली पर घर जाएं या डालें वोट
विद्यार्थियों के मुताबिक, दिवाली पर घर जाने के लिए टिकट बुक है। यदि वह अपना रिजर्वेशन निरस्त कराते हैं तो पांच के बाद टिकट को कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें त्योहार पर घर जाने की योजना ही स्थगित करनी पड़ेगी जो उनके लिए मुमकिन नहीं। घर के लिए निकलने पर मतदान में हिस्सा लेना नामुमकिन हो जाएगा।
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आठ साल लंबे इंतजार के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी बढ़ती जा रही है। पांच नवंबर को मतदान कराया जाएगा। इस तारीख ने एएमयू में पढ़ने वाले करीब चार हजार हिंदू छात्र-छात्राओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। ज्यादातर ने आगामी त्योहारों के लिए एक से पांच नवंबर के बीच घर जाने के लिए टिकट बनवा रखा है।
इस वर्ष छह नवंबर को धनतेरस पर्व है। 7 को छोटी एवं आठ को बड़ी दिवाली है। विभिन्न राज्यों के हिंदू छात्र त्योहारों पर घर जाने के लिए तीन महीने पहले से रिजर्वेशन कराए बैठे हैं। अवकाश पर जाने की शुरुआत 1 नवंबर को रविवार से ही हो जाएगी। ज्यादातर छात्र त्योहार से पहले घर पहुंचकर तैयारियों में परिवार को हाथ बंटाना चाहते हैं। अब इन छात्र-छात्राओं के सामने छात्रसंघ चुनाव में मतदान करने और घर जाने के बीच तालमेल बैठाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
विद्यार्थियों के मुताबिक, दिवाली पर घर जाने के लिए टिकट बुक है। यदि वह अपना रिजर्वेशन निरस्त कराते हैं तो पांच के बाद टिकट को कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें त्योहार पर घर जाने की योजना ही स्थगित करनी पड़ेगी जो उनके लिए मुमकिन नहीं। घर के लिए निकलने पर मतदान में हिस्सा लेना नामुमकिन हो जाएगा।
छात्रों का मानना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को चुनाव कार्यक्रम तय करते समय त्योहार और विद्यार्थियों की घर जाने की योजना को भी ध्यान में रखना चाहिए था, ताकि सभी छात्र इस बार चुनाव में मतदान कर सकें। यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ वार्ता कर चुनाव कार्यक्रम तय कराने वाले छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में एक भी हिंदू छात्र नहीं था जिसकी वजह से त्योहारों का ध्यान नहीं रखा गया। प्रतिनिधिमंडल में 13 छात्र-छात्राएं शामिल थे।
छात्रों और एएमयू प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद चुनाव कार्यक्रम और मतदान के तिथियों की घोषित की गई थी। - प्रो. जावेद तालिब, मुख्य चुनाव अधिकारी, छात्रसंघ एएमयू
एएमयू प्रशासन को चुनाव की तारीख तिथि घोषित करते समय दिवाली को ध्यान में रखना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे हिंदू छात्र मतदान करने से वंचित रह सकते हैं।-अशोक कुमार, पूर्व छात्र, एएमयू
छात्रसंघ चुनाव आठ साल के बाद हो रहा है जिसका स्वागत है लेकिन दिवाली को लेकर एएमयू प्रशासन को ख्याल रखना चाहिए था। चुनाव में सभी मतदान करने का अधिकारी है।-डॉ. अब्दुल हफीज गांधी, पूर्व अध्यक्ष, छात्रसंघ, एएमयू
ऑनलाइन मतदान का इंतजाम है एक उपाय : डॉ. फैजुल
एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. फैजुल हसन ने कहा कि चुनाव अधिकारी को चाहिए एक बैठक बुलाकर बात कर लें, क्योंकि हिंदू छात्र को चुनाव लड़ने और लड़ाने का बराबर हक है। इस चुनाव में उनका अच्छी संख्या में प्रतिभाग करना बहुत जरूरी है। इससे देश में बहुत अच्छा संदेश जाएगा। यूनिवर्सिटी को प्रशासन करनी चाहिए कि अगर इस मामले में कुछ हो सकता है तो जरूर करें। ऐसा नहीं हो पा रहा तो अवकाश पर जाने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था की जाए।
मुख्य पदों पर नामांकन के लिए लगेगा 500 रुपये शुल्क
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कैबिनेट सदस्य और एएमयू कोर्ट सदस्य के लिए नामांकन शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सचिव पद के नामांकन में 500 रुपये शुल्क लगेंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब ने बताया कि नामांकन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 25 से 29 अक्तूबर तक चलेगी। छात्र निर्धारित अवधि में कैश काउंटर पर यूनियन फंड मद में नामांकन शुल्क जमा कर सकेंगे। इसके लिए रविवार को भी काउंटर खुला रहेगा। सामान्य दिनों में शुल्क जमा करने का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 1:30 बजे और दोपहर 2:30 बजे से शाम पांच बजे तक रहेगा। 29 अक्तूबर को अंतिम दिन शुल्क दोपहर 12:30 बजे तक ही जमा किया जा सकेगा।