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जेवर के हिरनों को अलीगढ़ में मिलेगा आशियाना

Sun, 02 Feb 2020 01:03 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 01:03 AM IST
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Jever deer will get shelter in Aligarh
हिरण् - फोटो : Amar Ujala
जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के चलते वहां के जंगल में प्रवास करने वाले करीब 400 हिरनों को अलीगढ़ के खैर क्षेत्र में लाकर उनका पुनर्वास कराया जाएगा। इस संबंध में शनिवार को नोएडा में वन्य जीव परिषद की बैठक हुई, जिसमें अलीगढ़ से पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सुबोध नंदन शर्मा सहित अन्य ने भाग लिया।
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जेवर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने के चलते इसका प्रभाव वहां के वन्य जीवन पर भी पड़ना स्वाभाविक है। वहां एक क्षेत्र में करीब 400 से अधिक संरक्षित हिरन हैं। जब यहां एयरपोर्ट का प्रस्ताव आया तो पर्यावरणविदों ने यहां के हिरनों का मुद्दा उठाया। इसमें अलीगढ़ की पर्यावरण सुरक्षा समिति भी एक थी।
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शनिवार को वन्य जीव परिषद की एक बैठक नोएडा में हुई। इसमें अलीगढ़ से सुबोध नंदन शर्मा, वन्य जीव विशेषज्ञ सतीश शर्मा, एआर रहमानी सहित अन्य ने भाग लिया। बैठक में सुबोध नंदन शर्मा ने प्रस्ताव दिया था कि यहां के संरक्षित हिरनों को बहुत ज्यादा दूर नहीं ले जाया जाए।
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यहां के जैसे ही वातावरण में उनका पुनर्वास किया जाए। इसके बाद देखा गया कि जेवर से नोएडा की ओर ऐसी कोई जगह या वन क्षेत्र नहीं था, जो वन जीवन के अनुकूल हो। जेवर से गाजियाबाद की ओर भी ऐसा कोई भूभाग नहीं था।
इसको ध्यान में रखते हुए पर्यावरणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने वन्य जीव परिषद में प्रस्ताव रखा था कि हिरनों के लिए खैर क्षेत्र का पर्यावरण बेहद अनुकूल है। यहां पर वन विभाग की जमीन की उपलब्धता भी है। पहले से भी यहां कुछ संरक्षित प्रजाति के हिरन हैं। शनिवार को हुई बैठक में इसको स्वीकार कर लिया गया।

‘पहले कुछ लोगों ने हिरनों को उत्तराखंड और अन्य जगहों पर भेजने की बात कही थी। लेकिन उसमें हिरनों के अस्तित्व बचे रहने की संभावना बेहद कम थी। किसी को उसके घर से अगर हटाकर पुनर्वास करना है तो उसे वैसे ही घर और वातावरण देने की जरूरत है। वह खैर क्षेत्र में आसानी से मिल जाएगा। संरक्षित हिरनों के लिए यही सबसे अनुकूल है’
- सुबोध नंदन शर्मा, पर्यावरणविद्
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