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जयंत चौधरी के ट्वीट से हलचल, कहा- बाबा बता दें, कब और कहां देनी है गिरफ्तारी
Fri, 12 Feb 2021 12:50 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 12:50 AM IST
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किसान पंचायत को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के ट्वीट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी, जब उन्होंने बृहस्पतिवार को ‘बाबा बता दें, कब और कहां गिरफ्तारी देनी है’ टैग लाइन से ट्वीट करके भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। जयंत चौधरी के अनुसार, किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। भले ही कितने मुकदमे दर्ज क्यों न हो जाए। शाम तक दो हजार से ज्यादा लोगों ने री ट्वीट किया। वहीं, 10 हजार से ज्यादा लोगों ने ट्वीट को पसंद भी किया।
दरअसल, 9 फरवरी को वह अलीगढ़ जिले के मुरवार पैंठ, इगलास में रालोद की किसान महापंचायत में शामिल होने आए थे। इस पर उनके खिलाफ महामारी अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। उनके अलावा नेता राजवीर सिंह, नवाब सिंह आदि आरोपी बनाए गए हैं। हजारों कार्यकर्ताओं के खिलाफ अज्ञात मुकदमा दर्ज किया गया था।
उधर, रालोद के कार्यकर्ता जयंत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध में एसएसपी से मुलाकात करने गए। पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने कहा कि एसएसपी ने मुलाकात करने से मना कर दिया, जबकि एसएसपी ने उनके वकील से मुलाकात करके न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी तरह से कानून के खिलाफ काम नहीं किया गया। प्रशासन के दिशा-निर्देश का पालन किया गया है। इगलास पुलिस ने राजनीतिक द्वेष भावना से जयंत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, संजीव सूर्यवंशी, नवाब सिंह छोंकर, राजेश ठेनुआ, अमित ठेेनुआ, हरचरण सिंह, ओमवीर दिवाकर मौजूद रहे।
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सपा नेता ने भी मुकदमे का विरोध किया
पूर्व सांसद व सपा नेता चौधरी बिजेंद्र सिंह ने मुकदमे पर कहा कि किसान महापंचायत के खिलाफ प्रशासन का मुकदमा निंदनीय और राजनीति की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के आयोजन कोविड संहिता का उल्लंघन करते हुए सरकारी सर्किट हाउस में किए जा रहे हैं और नेताओं के साथ 500 गाड़ियों के काफिले चल रहे हैं। नुमाइश में 20 हजार आदमी प्रतिदिन आता जाता है। मगर, भाजपा के दबाव में अधिकारी सिर्फ किसान महापंचायत पर मुकदमा दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने इसे असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने डीएम-एसएसपी से तत्काल मुकदमा वापसी की मांग की है।
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दरअसल, 9 फरवरी को वह अलीगढ़ जिले के मुरवार पैंठ, इगलास में रालोद की किसान महापंचायत में शामिल होने आए थे। इस पर उनके खिलाफ महामारी अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। उनके अलावा नेता राजवीर सिंह, नवाब सिंह आदि आरोपी बनाए गए हैं। हजारों कार्यकर्ताओं के खिलाफ अज्ञात मुकदमा दर्ज किया गया था।
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उधर, रालोद के कार्यकर्ता जयंत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध में एसएसपी से मुलाकात करने गए। पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने कहा कि एसएसपी ने मुलाकात करने से मना कर दिया, जबकि एसएसपी ने उनके वकील से मुलाकात करके न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी तरह से कानून के खिलाफ काम नहीं किया गया। प्रशासन के दिशा-निर्देश का पालन किया गया है। इगलास पुलिस ने राजनीतिक द्वेष भावना से जयंत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, संजीव सूर्यवंशी, नवाब सिंह छोंकर, राजेश ठेनुआ, अमित ठेेनुआ, हरचरण सिंह, ओमवीर दिवाकर मौजूद रहे।
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सपा नेता ने भी मुकदमे का विरोध किया
पूर्व सांसद व सपा नेता चौधरी बिजेंद्र सिंह ने मुकदमे पर कहा कि किसान महापंचायत के खिलाफ प्रशासन का मुकदमा निंदनीय और राजनीति की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के आयोजन कोविड संहिता का उल्लंघन करते हुए सरकारी सर्किट हाउस में किए जा रहे हैं और नेताओं के साथ 500 गाड़ियों के काफिले चल रहे हैं। नुमाइश में 20 हजार आदमी प्रतिदिन आता जाता है। मगर, भाजपा के दबाव में अधिकारी सिर्फ किसान महापंचायत पर मुकदमा दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने इसे असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने डीएम-एसएसपी से तत्काल मुकदमा वापसी की मांग की है।