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Aligarh News: आईटीबीपी जवान का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, भारत माता का हुआ जय घोष
Sat, 03 Feb 2024 03:24 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Updated Sat, 03 Feb 2024 03:24 AM IST
सार
योगेंद्र सिंह 2012 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। पिछले कुछ समय से लेह लद्दाख में तैनाती थी। पांच दिन पहले ड्यूटी के दौरान बर्फ से स्लिप होने पर वह ब्रेन हैमरेज का शिकार हो गए थे।
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बलिदानों को श्रध्दांजलि देते आईटीबीपी के जवान साथ मे एसडीएम महिमा राजपूत, सीओ डॉ. केजी सिह
- फोटो : संवाद
विस्तार
आईटीबीपी के जवान योगेंद्र सिंह पुत्र जानकी प्रसाद के शव का 2 फरवरी को राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव छैंछऊ में अंतिम संस्कार किया गया। आईटीबीपी की एक टुकड़ी ने शोक शस्त्र सलामी दी। एसडीएम महिमा राजपूत, सीओ डॉ. केजी सिंह, कोतवाल सुरेंद्र कुमार पांडेय, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र चौधरी व जिला पंचायत सदस्य सुलेखा चौधरी आदि ने पहुंचकर सलामी दी।
योगेंद्र सिंह 2012 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। पिछले कुछ समय से लेह लद्दाख में तैनाती थी। पांच दिन पहले ड्यूटी के दौरान बर्फ से स्लिप होने पर वह ब्रेन हैमरेज का शिकार हो गए थे। उन्हें लेह स्थित आर्मी के अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन हालत गंभीर हालत होने पर चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था।
उनका शव गांव छैंछऊ पहुंचा तो बड़ी संख्या में आसपास गांवों के युवा राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारत माता का जय घोष करते हुए अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। योगेंद्र सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा है।
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योगेंद्र सिंह 2012 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। पिछले कुछ समय से लेह लद्दाख में तैनाती थी। पांच दिन पहले ड्यूटी के दौरान बर्फ से स्लिप होने पर वह ब्रेन हैमरेज का शिकार हो गए थे। उन्हें लेह स्थित आर्मी के अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन हालत गंभीर हालत होने पर चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था।
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उनका शव गांव छैंछऊ पहुंचा तो बड़ी संख्या में आसपास गांवों के युवा राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारत माता का जय घोष करते हुए अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। योगेंद्र सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा है।
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