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होम आइसोलेशन: 402 मरीजों ने दी घर में रहकर कोरोना को मात

Mon, 24 Aug 2020 12:48 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 12:48 AM IST
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Isolatio: 402 Covid positive recover at home
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इनमें ऐसे भी मरीज सामने आ रहे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। यानी वे एसिम्पटेमैटिक हैं। ऐसे मरीजों से दूसरों को कोरोना संक्रमण का खतरा है। लिहाजा, सरकार ने बीती 20 जुलाई को होम आइसोलेट करने की मंजूरी दे दी। इस फैसले ने अलीगढ़ के जिला प्रशासन को संजीवनी दे दी है। 21 जुलाई से अब तक प्रशासन ने 800 मरीजों को होम आइसोलेट किया है। उनमें से 402 ठीक हो चुके हैं, यानी संक्रमितों की अभी तक रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से अधिक है।
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इससे जिला प्रशासन राहत में है क्योंकि जिस प्रकार से कोरोना संक्रमण हर दिन शतक मार रहा है। ऐसे में अगर, होम आइसोलेशन का विकल्प नहीं होता तो प्रशासन को इन संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों का इंतजाम करना टेढ़ी खीर साबित होता। निजी अस्पताल पहले ही कोविड मरीजों को लेकर हाथ खड़े कर चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में भी पहले ही बेड तैयार किए जा चुके हैं, जिनके सापेक्ष मरीज भर्ती हैं।
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जिले के छह कोविड अस्पतालों में 415 बेड की क्षमता
जिले में वर्तमान में छह कोविड अस्पताल हैं, जिनमें 415 बेड की क्षमता है। इनमें अतरौली कोविड एल-1 में 100 बेड, हरदुआगंज एल-1 में 35 बेड हैं, जो सिर्फ कैदियों/बंदियों के लिए हैं। दीनदयाल में 118 बेड हैं। 25 अगस्त तक यहां 250 की क्षमता करने की तैयारी है। साथ ही यह एल-2 स्तर पर संचालित हो जाएगा। जीवन ज्योति एल-1 में 100 बेड हैं। जेएनएमसी में 62 बेड हैं।
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कंट्रोल रूम की कमांड से सफल हो रहा होम आईसोलेशन
कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि जिले की प्राइवेट, सरकारी लैब और एंटीजन टेस्ट किट से किसी भी शख्स की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसका डाटा डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। डाटा अपलोड होते ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम तुरंत उस मरीज को फोन कर उसकी स्थिति के बारे में पूछताछ करता है। इस पूछताछ में मिली जानकारी को मेडिकल टीम को भेज दिया जाता है। मेडिकल टीम का सदस्य फिर से पड़ताल करता है। मरीज जिस भी सीएचसी के तहत आता है, उसके मेडिकल इंचार्ज के पास उसका नाम, पता व मोबाइल नंबर भेज दिया जाता है। मरीज के घर जाकर जांच की जाती है। रोज शाम मरीज की स्थिति के बारे में जानकारी ली जाती है। लक्षण न मिलने पर 10 दिन बाद मरीज का होम आइसोलेशन पूरा मान लिया जाता है।

होम आइसोलेशट किट बिक्री के लिए सात दवा विक्रेता नामित
स्मृति गौतम के मुताबिक, होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को एक किट खरीदवाई जाती है। किट की बिक्री के लिए जिले के सात मेडिकल स्टोर को नामित किया गया है। किट की कीमत 1328 रुपये है। यह किट सरकारी है। शहर में दीन दयाल अस्पताल के पास चेतन मेडिकल स्टोर और रसलगंज स्थित मधोप मेडिकल स्टोर को नामित किया गया है। इस किट में सभी जरूरी सामान सहित दवाएं भी मौजूद रहती हैं, जिन्हें मेडिकल टीम के परामर्श पर खिलवाया जाता है।
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