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AMU: अंतरराष्ट्रीय उर्दू पुस्तक मेला आज से, देश-विदेश के 50 से अधिक उर्दू प्रकाशक लेंगे भाग
Sat, 22 Nov 2025 12:34 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:34 AM IST
सार
पुस्तक मेला में न सिर्फ उर्दू की देश विदेश की किताबें प्रदर्शित की जाएंगी, बल्कि उर्दू अदब की कई विधाएं जैसे लेखक से मुलाकात, दास्तानगोई, शाम-ए-गजल, तरही मुशायरा, अफसाना गोई आदि का भी आयोजन किया जाएगा।
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एएमयू सर सैय्यद एकेडमी द्वारा पत्रकारों से वार्ता करते डॉ. मोहम्मद शम्स इक़बाल व अन्य
- फोटो : संवाद
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विस्तार
उर्दू भाषा के समृद्ध इतिहास से परिचित कराने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 22 से 30 नवंबर तक एक अंतरराष्ट्रीय उर्दू पुस्तक मेला-2025 आयोजित किया जा रहा है। इस पुस्तक मेले में भारत के गुजरात, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कश्मीर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलावा बांग्लादेश, तुर्की, इरान, श्रीलंका आदि देशों के 50 से अधिक उर्दू प्रकाशक भाग ले रहे हैं।
इस संबंध में एएमयू के सर सैयद हाउस में 21 नवंबर को प्रेसवार्ता हुई। इसमें नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज के निदेशक शम्स इकबाल ने बताया कि आयोजन के दौरान न सिर्फ उर्दू की देश विदेश की किताबें प्रदर्शित की जाएंगी, बल्कि उर्दू अदब की कई विधाएं जैसे लेखक से मुलाकात, दास्तानगोई, शाम-ए-गजल, तरही मुशायरा, अफसाना गोई आदि का भी आयोजन किया जाएगा।
डॉ. इकबाल ने इस बात पर जोर दिया कि उर्दू पुस्तक मेला पाठकों, खासकर युवा पीढ़ी के बीच पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक पहल है। इस आयोजन में पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लुर रहमान, प्रसिद्ध कथाकार सैयद मुहम्मद अशरफ संबोधन करेंगे। सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. शाफे किदवई ने कहा कि यह मेला देश भर में उर्दू पुस्तकों की पहुंच को बढ़ाएगा। सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक प्रो. मोहम्मद नावेद खान ने कहा कि आयोजित किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का साहित्य और भाषा से गहरा संबंध है।
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इस संबंध में एएमयू के सर सैयद हाउस में 21 नवंबर को प्रेसवार्ता हुई। इसमें नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज के निदेशक शम्स इकबाल ने बताया कि आयोजन के दौरान न सिर्फ उर्दू की देश विदेश की किताबें प्रदर्शित की जाएंगी, बल्कि उर्दू अदब की कई विधाएं जैसे लेखक से मुलाकात, दास्तानगोई, शाम-ए-गजल, तरही मुशायरा, अफसाना गोई आदि का भी आयोजन किया जाएगा।
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डॉ. इकबाल ने इस बात पर जोर दिया कि उर्दू पुस्तक मेला पाठकों, खासकर युवा पीढ़ी के बीच पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक पहल है। इस आयोजन में पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लुर रहमान, प्रसिद्ध कथाकार सैयद मुहम्मद अशरफ संबोधन करेंगे। सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. शाफे किदवई ने कहा कि यह मेला देश भर में उर्दू पुस्तकों की पहुंच को बढ़ाएगा। सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक प्रो. मोहम्मद नावेद खान ने कहा कि आयोजित किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का साहित्य और भाषा से गहरा संबंध है।
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