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Mangalayatan University: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन व एबीएपी अधिवेशन शुरू, 26 वैज्ञानिक हुए सम्मानित

Thu, 19 Dec 2024 10:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 19 Dec 2024 10:47 PM IST
सार

सम्मेलन में वैज्ञानिक डॉ आरएस प्रकाशम, डॉ रामबाबू डंडेला, डॉ नन्डेला रामा राव को वरिष्ठ वैचानिक सम्मान, डॉ टिकम चंद डकल, डॉ विशाल त्रिवेदी, डॉ केवीजी चन्द्रशेखर को प्रतिभावान युवा वैज्ञानिक सम्मान दिया।

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International Conference and ABAP Convention at Mangalayatan University
मंगलायतन यूनिवर्सिटी में स्मारिका विमोचन - फोटो : विवि

विस्तार

मंगलायतन विश्वविद्यालय व एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड फार्मेसी (एबीएपी) के बायोफार्मास्यूटिकल्स और ट्रांसलेशन रिसर्च में उभरते रुझान एवं मानव स्वास्थ्य के लिए अनुसंधान विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं एबीएपी के 18वें वार्षिक अधिवेशन शुरू हो गया है। सम्मेलन में बायोटेक्नोलॉजी व फार्मेसी के क्षेत्र में काम करने वाले 26 वैज्ञानिकों को सम्मानित किया।

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सम्मेलन का उषा मार्टिन विश्वविद्यालय रांची की कुलपति प्रो. मधुलिका कौशिक, अमेरिका की जार्जिया विश्वविद्यालय के डायरेक्टर प्रो. स्वामी मृत्युन्ति, महासचिव एबीएपी प्रो केआरएस संबासिवा राव, कुलसचिव ब्रिगेडियर समर वीर सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, संयोजक और डीन रिसर्च प्रो रविकांत ने शुभारंभ किया।
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प्रो मुधुलिका कौशिक ने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी और फार्मेसी जगत में शोध कार्यों से बाजार को गति मिलेगी और सार्थक बदलाव भी आयेगा। प्रो स्वामी मृत्युन्ति ने कहा कि बायोफार्मास्यूटिकल्स और ट्रांसलेशन रिसर्च में उभरते रुझान एवं मानव स्वास्थ्य के लिए अनुसंधान सम्मेलन को बदलते दौर की जरूरत है। मंगलायतन विश्वविद्यालय के चेयरमैन हेमन्त गोयल और कुलपति प्रो पीके दशोरा ने सम्मेलन के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में बायोफार्मास्यूटिकल्स और ट्रांसलेशन रिसर्च में मानव स्वास्थ्य के लिए अनुसंधान की प्रासंगिकता बढ़ती जा रही है। 

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एबीएपी के महासचिव व कुलपति प्रो केआरएस संबासिवा राव ने कहा कि मेडिकल और बायोमेडिकल के क्षेत्र में नैनो टेक्नोलॉजीज एक वरदान के रुप में उभर रही है। प्रो. रिजवान हसन खान, प्रो. सुशांत श्रीवास्तव और प्रो. विनोद वी.टी. पाडिल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। एबीएपी द्वारा नैनो साइंस एवं टेक्नोलॉजी में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए डॉ चित्तरंजन पात्रा को गोल्ड मेडल दिया। वैज्ञानिक डॉ आरएस प्रकाशम, डॉ रामबाबू डंडेला, डॉ नन्डेला रामा राव को वरिष्ठ वैचानिक सम्मान, डॉ टिकम चंद डकल, डॉ विशाल त्रिवेदी, डॉ केवीजी चन्द्रशेखर को प्रतिभावान युवा वैज्ञानिक सम्मान दिया।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
डॉ नितिन सेठ, डॉ आलोक धवन, डॉ मोहन कृष्णा रेड्डी, डॉ ज्वाय कृष्णा जेना को मानद फेलो बनाया। डॉ देव प्रकाश दहिया, डॉ चन्द्रमा पी. उपाध्याय, डॉ श्याम एस. मोहपात्रा, डॉ शुभ्रा मोहपात्रा, डॉ रंजीत सिंहं, डॉ हितेन्द्र एम. पटेल, डॉ धु्रवा मालाकर, डॉ अभय हरिराम पांडेय, डॉ रविकांत, डॉ दिनेश कुमार शर्मा, डॉ अब्दुल वदूद सिद्दीकी, डॉ सुनील गुप्ता को फेलो बनाया गया।

सम्मेलन में स्मारिका का विमोचन हुआ। आभार प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने व्यक्त किया। संचालन दीपिका बांदिल ने किया। इस दौरान डीन अकादमिक प्रो. राजीव शर्मा, आईक्यूएसी डारेक्टर डॉ राजेश उपाध्याय, डारेक्टर, आईएलएसआर प्रो. जहीरूद्दीन, डॉ रोबिन वर्मा, डॉ आशुतोष सक्सेना आदि मौजूद रहे।

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