Aligarh News: महंगाई की मार.. 20 फीसदी तक बढ़ा शादियों का खर्च, बराती- घराती दोनों परेशान
बेटी को दिया जाने वाला गृहस्थी का सामान भी महंगा हुआ है। एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बेड, सोफा, ड्रेसिंग टेबल, सेंटर टेबिल, गद्दा रजाई, सिलाई मशीन, दोपहिया वाहन समेत सभी चीजें महंगी हुई हैं।
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बेटी को दिया जाने वाला गृहस्थी का सामान भी महंगा हुआ है। एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बेड, सोफा, ड्रेसिंग टेबल, सेंटर टेबिल, गद्दा रजाई, सिलाई मशीन, दोपहिया वाहन समेत सभी चीजें महंगी र्हुई हैं। पहले एक शादी में दिए जाना वाला सामान औसतन एक लाख रुपये में मिल जाता था। अब इसके लिए सवा लाख रुपये लग रहे हैं। अधिकतर एलईडी टीवी और फ्रिज के मूल्य दो से तीन हजार रुपये बढ़ चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि अधिकांश कारखानों में कारीगरों की कमी किए जाने से उत्पादन सीमित हुआ है, जिससे दाम बढ़े हैं।
तेजी से बढ़ी कीमतें
खैर रोड निवासी हेमा देवी कहतीं हैं कि दो वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी बेटी का विवाह किया तो गृहस्थी का सामान देने के लिए 90 हजार रुपये खर्च करने पड़े। हाल ही में उनकी भतीजी के विवाह में उतना ही सामान खरीदने को 1.20 लाख रुपये लगे। क्वार्सी के पंकज बताते हैं कि दो साल पहले 10 से 12 हजार रुपये में होने वाली फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी अब 20 हजार रुपये में हो रही है।
इसके नीचे आर्डर नहीं लिया जा रहा है। बीते सहालग में जो दावत 400 रुपये प्रति प्लेट में बुक हो रही थी, इस बार उसकी कीमत 500 रुपये हो गई है। इसमें भी बंदिश है कि मेहमानों की संख्या 300 से कम होने पर भी भुगतान पूरा करना होगा। व्यावसायिक गैस सिलिंडर 25 फीसदी तक महंगा हो गया है। चीनी, सूखे मेवे के साथ ही मजदूरी के खर्च में भी वृद्धि हो गई है।
किशनपुर के राजकुमार बताते हैं कि 15 लोगों की बैंड पार्टी के लिए कम से कम तीस हजार रुपये की मांग की जा रही है। इसमें भी दो घंटे में ही बरात चढ़त की शर्त रखी जा रही है। रवींद्र बताते हैं कि स्टील का दाम बढ़ने से अलमारी महंगी हुई है। पिछले साल 70 रुपये का किलो की स्टील आज 110 रुपये किलो में है। जिससे चार हजार की आलमारी सात हजार में बिक रही है।
सोफा पहले 15 हजार में मिल रहा था, अब 17 हजार रुपये का है। सामान्य प्लास्टिक की कुर्सी पहले 250 में मिलती थी, लेकिन अब 350 रुपये की है। रजाई 600 में मिलती थी, अब 700 रुपये के नीचे नहीं है। हरदुआगंज के विनोद कुमार बताते हैं कि टेंट से जेनरेटर, टेंट, कुर्सी, चारपाई, बर्तन, आदि मिलाकर पहले 40 हजार रुपये खर्च होते थे, आज 60 हजार लग रहे हैं। हलवाई भी 500 लोगों की शादी में 15 हजार रुपये की मजदूरी ले रहा है।
20 फीसद तक बढ़ा खर्च
इवेंट मैनेजर संजय मल्होत्रा बताते हैं कि शादी पर महंगाई का असर है। एक वर्ष पहले औसतन एक शादी पर जितना खर्च हो रहा था, अब उसमें 20 फीसद तक अधिक खर्च हो रहा है। इससे लोगों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
500 से अधिक विवाह हुए
सोमवार को शहर भर में करीब 500 अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। जहां लोग डीजे, शहनाई और बैंड के साथ ढोल की थाप पर जमकर थिरके। शाम के समय बैंडबाजों और डेकोरेशन के साथ सभी गेस्ट हाउस बुक रहे। बग्घी-बैंडबाजे वाले व्यस्त रहे। ब्यूटीपार्लर पर सजने-संवरने का दौर चलता रहा। कार की अपेक्षा बग्घी अधिक पसंद की गई। कुछ दूल्हों ने घोड़ी की सवारी पसंद की। बैंड संचालकों ने बताया कि तमाम बुकिंग दो से तीन शिफ्टों में थीं। ब्यूटी पार्लर संचालिका दीप्ती शर्मा ने बताया कि करीब 10 दुल्हनों का मेकअप हुआ।
दिन भर रेंगते रहे वाहन
सहालग की वजह से शहर के मुख्य चौराहों पर जाम लग रहा। सारसौल फल मंडी, सारसौल चौराहा, खैर रोड, आगरा रोड, सासनीगेट चौराहा, दुबे का पड़ाव, एटा चुंगी, धनीपुर मंडी, रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, मैरिस रोड समेत तमाम स्थानों पर जाम दोपहर से रात तक जाम लगा रहा और वाहन रेंग-रेंगकर गुजरते रहे। सर्वाधिक जाम फार्म हाउस, होटल, मैरिज होम एवं बारातघरों के आसपास रहा। एसपी ट्रैफिक मुकेश चंद्र उत्तम ने बताया कि वाहनों की अधिक संख्या के चलते जाम लगा रहा।