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इंद्रेश कुमार को नहीं जकात के मसले की जानकारी
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आरएएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार की अपील पर एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी डिपार्टमेंट के पूर्व चेयरमैन मुफ्ती डॉ. मोहम्मद जाहिद खान ने पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने मुस्लिमों को पीएम केयर फंड में जकात की धनराशि देने की अपील की थी। मुफ्ती जाहिद खान ने कहा कि इंद्रेश कुमार को जकात के मसले की जानकारी नहीं है। अगर होती तो शायद पीएम केयर फंड में जकात देने की अपील नहीं करते।
उन्होंने कहा कि रमजान में हर साहिब-ए-निसाब (जकात देने में सक्षम) पर जकात देना फर्ज है। बहरहाल, जकात की धनराशि पर गरीब, मजलूम, बेसहारा लोगों का हक है। उन्होंने कहा कि जकात के रुपये को मस्जिद के निर्माण में, मदरसों के शिक्षकों को तनख्वाह के रूप में नहीं दे सकते।
दरअसल, जहां इस बात का इमकान हो कि रुपयों का भ्रष्टाचार होगा, वहां जकात देना बेमानी होगा। मुफ्ती जाहिद ने कहा कि जिस तरह हाउस टैक्स, वाटर टैक्स कहां जमा करना है, उसके लिए जगह निर्धारित है। ठीक उसी तरह जकात भी किसको देना है, यह भी निर्धारित है।
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उन्होंने कहा कि रमजान में हर साहिब-ए-निसाब (जकात देने में सक्षम) पर जकात देना फर्ज है। बहरहाल, जकात की धनराशि पर गरीब, मजलूम, बेसहारा लोगों का हक है। उन्होंने कहा कि जकात के रुपये को मस्जिद के निर्माण में, मदरसों के शिक्षकों को तनख्वाह के रूप में नहीं दे सकते।
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दरअसल, जहां इस बात का इमकान हो कि रुपयों का भ्रष्टाचार होगा, वहां जकात देना बेमानी होगा। मुफ्ती जाहिद ने कहा कि जिस तरह हाउस टैक्स, वाटर टैक्स कहां जमा करना है, उसके लिए जगह निर्धारित है। ठीक उसी तरह जकात भी किसको देना है, यह भी निर्धारित है।
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