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व्यवस्था रही चाकचौबंद, शांति से निपटा भारत बंद
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:18 AM IST
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हरिजन एक्ट में संशोधन को लेकर मुंडन कराते अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी।
- फोटो : Amar Ujala
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सुप्रीम कोर्ट के एससीएसटी एक्ट में संशोधन के आदेशों के समर्थन में सवर्ण संगठनों के मंगलवार को भारत बंद के एलान को देखते हुए जिले में चाकचौबंद व्यवस्थ्ाा रही और दिन शांति से गुजर गया। यहां क्षत्रिय महासभा, ब्राह्मण महासभा समेत आधा दर्जन संगठनों के पदाधिकारियों ने स्वाभिमान मोर्चा के बैनरतले रामलीला मैदान में एसीएम प्रथम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शहर में बंद का खास असर नहीं दिखा।
इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि हम सभी सर्वोच्च न्यायालय के एससीएसटी एक्ट के मुकदमे में जांच के बाद गिरफ्तारी के प्रावधान का समर्थन करते हैं। बसपा ने वर्ष 2007 में यह अध्यादेश बनाया था। जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने लागू किया है, लेकिन उस समय प्रदेश में कहीं कोई अराजकता नहीं हुई। किंतु दो अप्रैल को जो अराजकता फैलाई गई उसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
महासभा के प्रदेश महासचिव ठा.कमल प्रताप सिंह ने कहा कि एससीएसटी एक्ट के अधिकतर मुकदमे फर्जी होते हैं। क्योंकि इसमें सरकार से धनलाभ होता है। पीड़ित से भी धनवसूली होती है। धनलाभ को समाप्त कर दिया जाए तो इस तरह के मुकदमों में कमी आ जाएगी। ब्राह्मण महासभा के राकेश शर्मा ने कहा कि दो अप्रैल को हुई अराजकता से देश में 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ, उसे अराजकता फैलाने वालों से वसूलना चाहिए।
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इस मौके पर श्री अग्रवाल संगठन के हरीकिशन अग्रवाल, वरुण राघव, जैकी ठाकुर, सतेंद्र, बृजमोहन शर्मा, डॉ. केबी दुबे, विष्णु अग्रवाल समेत अखिल भारतीय वैश्य महासभा, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, कायस्थ महासभा, अग्रवाल वैश्य संगठन, जाट महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, यादव महासभा, क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी मौजूद थे। इधर सर्व ब्राह्मण महासभा उत्तर प्रदेश एवं सर्व समाज प्रगतिशील संघ के पदाधिकारियों ने एएमयू सर्किल से कलेक्ट्रेट तक शांति मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट में एसीएम को दिये ज्ञापन में महासभा के प्रदेश महासचिव अरविंद पंडित ने कहा कि आरक्षण आर्थिक स्थिति और योग्यता के आधार पर दिया जाना चाहिए। इस मौके पर डॉ. जयवीर उपाध्याय, केके गौतम, देवेंद्र उपाध्याय, दीपक राघव, प्रमोद शर्मा, सन्नी, गोपाल मिश्रा, ब्रजेश शर्मा, टीपी शर्मा, विशाल आदि उपस्थित थे।
हिंदू महासभा के छह कार्यकर्ताओं ने कराया मुंडन
एससी एसटी एक्ट मामले में वर्ग विशेष के दबाव में आकर केंद्र सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका डाले जाने एवं अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखने के बावजूद सरकार द्वारा याचिका वापस न लेने की कवायद नहीं की गई है। इसके विरोध में मंगलवार को सवर्ण संगठनों के भारत बंद के आह्वान के अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत छह पदाधिकारियों ने रामलीला मैदान में मुंडन कराकर विरोध जताया।
इस मौके पर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक कुमार पांडे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने एक अच्छा निर्णय जनमानस को देखते हुए दिया है। एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग बंद होना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने एक वर्ग विशेष के दबाव में आकर निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दी है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि हिंदू महासभा ने 3 दिन पहले खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा था और मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट में डाली गई पुनर्विचार याचिका वापस लिया जाए, लेकिन सरकार की तरफ से पुनर्विचार याचिका वापस लेने की कोई कवायद नहीं की। सरकार के जनविरोधी कदम के विरोध में महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में अपना मुंडन करा करके विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जातिवाद के फेर में पड़े नजर आ रहे हैं।
हिंदू महासभा जाति विहीन समाज की बात करती रही है और देश में जातिवाद की राजनीति नहीं चलनी चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग पूरे समाज में हो रहा है। अलीगढ़ के पास के गांव से तो लोग पलायन तक कर गए अधिकांश मामले फर्जी पाए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश दिए गए थे, लेकिन केंद्र सरकार जनता के प्रति गंभीर नहीं है और जातिवाद के फेर में उलझी हुई है। मुंडन कराने वालों में राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज सैनी, महानगर संयोजक बबलू शर्मा, पुनीत शर्मा शामिल थे। इस मौके पर अतुल, कुंज मिश्रा, पुनीत शर्मा, जयवीर शर्मा, अनिल वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि हम सभी सर्वोच्च न्यायालय के एससीएसटी एक्ट के मुकदमे में जांच के बाद गिरफ्तारी के प्रावधान का समर्थन करते हैं। बसपा ने वर्ष 2007 में यह अध्यादेश बनाया था। जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने लागू किया है, लेकिन उस समय प्रदेश में कहीं कोई अराजकता नहीं हुई। किंतु दो अप्रैल को जो अराजकता फैलाई गई उसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
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महासभा के प्रदेश महासचिव ठा.कमल प्रताप सिंह ने कहा कि एससीएसटी एक्ट के अधिकतर मुकदमे फर्जी होते हैं। क्योंकि इसमें सरकार से धनलाभ होता है। पीड़ित से भी धनवसूली होती है। धनलाभ को समाप्त कर दिया जाए तो इस तरह के मुकदमों में कमी आ जाएगी। ब्राह्मण महासभा के राकेश शर्मा ने कहा कि दो अप्रैल को हुई अराजकता से देश में 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ, उसे अराजकता फैलाने वालों से वसूलना चाहिए।
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इस मौके पर श्री अग्रवाल संगठन के हरीकिशन अग्रवाल, वरुण राघव, जैकी ठाकुर, सतेंद्र, बृजमोहन शर्मा, डॉ. केबी दुबे, विष्णु अग्रवाल समेत अखिल भारतीय वैश्य महासभा, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, कायस्थ महासभा, अग्रवाल वैश्य संगठन, जाट महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, यादव महासभा, क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी मौजूद थे। इधर सर्व ब्राह्मण महासभा उत्तर प्रदेश एवं सर्व समाज प्रगतिशील संघ के पदाधिकारियों ने एएमयू सर्किल से कलेक्ट्रेट तक शांति मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट में एसीएम को दिये ज्ञापन में महासभा के प्रदेश महासचिव अरविंद पंडित ने कहा कि आरक्षण आर्थिक स्थिति और योग्यता के आधार पर दिया जाना चाहिए। इस मौके पर डॉ. जयवीर उपाध्याय, केके गौतम, देवेंद्र उपाध्याय, दीपक राघव, प्रमोद शर्मा, सन्नी, गोपाल मिश्रा, ब्रजेश शर्मा, टीपी शर्मा, विशाल आदि उपस्थित थे।
हिंदू महासभा के छह कार्यकर्ताओं ने कराया मुंडन
एससी एसटी एक्ट मामले में वर्ग विशेष के दबाव में आकर केंद्र सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका डाले जाने एवं अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखने के बावजूद सरकार द्वारा याचिका वापस न लेने की कवायद नहीं की गई है। इसके विरोध में मंगलवार को सवर्ण संगठनों के भारत बंद के आह्वान के अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत छह पदाधिकारियों ने रामलीला मैदान में मुंडन कराकर विरोध जताया।
इस मौके पर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक कुमार पांडे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने एक अच्छा निर्णय जनमानस को देखते हुए दिया है। एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग बंद होना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने एक वर्ग विशेष के दबाव में आकर निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दी है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि हिंदू महासभा ने 3 दिन पहले खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा था और मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट में डाली गई पुनर्विचार याचिका वापस लिया जाए, लेकिन सरकार की तरफ से पुनर्विचार याचिका वापस लेने की कोई कवायद नहीं की। सरकार के जनविरोधी कदम के विरोध में महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में अपना मुंडन करा करके विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जातिवाद के फेर में पड़े नजर आ रहे हैं।
हिंदू महासभा जाति विहीन समाज की बात करती रही है और देश में जातिवाद की राजनीति नहीं चलनी चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग पूरे समाज में हो रहा है। अलीगढ़ के पास के गांव से तो लोग पलायन तक कर गए अधिकांश मामले फर्जी पाए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश दिए गए थे, लेकिन केंद्र सरकार जनता के प्रति गंभीर नहीं है और जातिवाद के फेर में उलझी हुई है। मुंडन कराने वालों में राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज सैनी, महानगर संयोजक बबलू शर्मा, पुनीत शर्मा शामिल थे। इस मौके पर अतुल, कुंज मिश्रा, पुनीत शर्मा, जयवीर शर्मा, अनिल वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।