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Aligarh News: 20 साल में नौ पोखर सिकुड़कर रह गईं तीन, हुआ कब्जा, बन गए आलीशान मकान
Sat, 22 Apr 2023 06:18 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 22 Apr 2023 06:18 PM IST
सार
बुजुर्गों के अनुसार मंगलवाग के बराबर पोखर, हरिजन बस्ती पोखर, ओढान मोहल्ला पोखर, धोवियान पोखर, कछियान पोखर, अहिरान पोखर,गांधी विद्यालय के सामने पोखर, कुम्हार वाली पोखर,जोगियान वाली पोखर आदि पोखरे हैं। अब पोखरों की संख्या कागजों में तीन रह गई है।
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पोखर थाने के पीछे वाली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शासन द्वारा अमृत सरोवर के अंतर्गत अलीगढ़ में पोखर व तालाब का जीर्णोद्धार कराने के सख्त आदेश है। विजयगढ़ में 20 साल पहले नौ पोखर थीं, पर अब कागजों में केवल तीन रह गई हैं। जिसका सीधा असर जलस्तर पर पड़ा है, जहां पहले 30 फुट पर पानी मिल जाता था, अब वहीं पानी 100 फुट से नीचे जा चुका है।
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विजयगढ़ कस्बा में 20 वर्ष पहले करीब 9 पोखर थीं, जो कि पानी से लबालब भरी रहती थीं। किसान पशुओं को पानी पिलाने व नहाने के लिए लाते थे। अब जलस्तर बहुत नीचे जा चुका है। पहले 30 फुट पर पानी निकल आता था, 10 वर्ष पहले 60 फुट पर मिलने लगा। अब पानी का जलस्तर 100 फुट से नीचे जा चुका है। कस्बा में जो पोखर थीं, उन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। उन पर आलीशान दो मंजिल मकान बनकर तैयार हो गए हैं, लेकिन राजस्व विभाग अपनी आंख मूंद कर बैठा हुआ है। अब कुछ पोखरों की जगह बची हैं, वह भी सिकुड़ती जा रही हैं। अकराबाद बाईपास थाने के पीछे स्थित पोखर का दायरा पहले 18 वीघा था, अब सिकुड़ कर करीब 5 बीघा रह गया है।
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बुजुर्गों के अनुसार मंगलवाग के बराबर पोखर, हरिजन बस्ती पोखर, ओढान मोहल्ला पोखर, धोवियान पोखर, कछियान पोखर, अहिरान पोखर,गांधी विद्यालय के सामने पोखर, कुम्हार वाली पोखर,जोगियान वाली पोखर आदि पोखरे हैं। अब पोखरों की संख्या कागजों में तीन रह गई है। जलस्तर भी काफी नीचे आ चुका है। जब कस्बा में थोड़ी बारिश आ जाती है, तो जगह-जगह गलियों, मुख्य बाजार में पानी 2 फुट तक भर जाता है। आवागमन में काफी परेशानियां होती हैं क्योंकि पानी की निकासी नहीं है।
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कुछ महीनों पूर्व पोखरों पर कब्जा करने वालों पर एसडीएम अनीता यादव ने नोटिस जारी किए थे। तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक के साथ नाप तोल कराई गई, जिसमें अवैध बने आवासों को चिन्हित किया गया था। करीब 20 बीघा जमीन धान की फसल जुतवाकर अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी। कब्जा धारियों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
अंबेडकर पार्क के पास ब्रिटिश हुकूमत की पुरानी पुलिया थी, जिसको बंद कराकर पोखर का अस्तित्व खत्म कर दिया। राजा अवागढ़ के खेत बताकर पोखरों का विक्रय कर दिया गया, इसकी शिकायत जिलाधिकारी को भी की जा चुकी है। - सुल्तान सिंह यादव
जलस्तर को देखते हुए राजस्व विभाग को जांच करनी चाहिए, जिसने पोखर पर कब्जा कर लिया है, उसे हटाना आवश्यक है, नहीं तो किसी दिन भी कस्बा डूब जाएगा। -पंडित परम किशोर शर्मा
भूजल स्तर लगातार कम हो रहा है यदि राजस्व विभाग ने पोखर तालाब के बारे में जांच पड़ताल नहीं की, तो कुछ दिनों में भूजल स्तर और कम हो जाएगा। पोखर पर जो अतिक्रमण लोगों ने कर रखा है। उनकी जांच पड़ताल करके कार्रवाई की जाए। -ठाकुर रामपाल सिंह