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Aligarh News: जहरीली शराब कांड ः डीएम के आदेश पर कुर्क संपत्ति पर अवैध कब्जा, दो गिरफ्तार
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जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल घोषित माफिया भाइयों अनिल चौधरी-सुधीर चौधरी की प्रशासन द्वारा कुर्क एक संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। रोरावर क्षेत्र की इस संपत्ति पर दो सगे भाइयों ने चार दुकानों का निर्माण कर लिया। एकाएक निगरानी को पहुंचे डीएम द्वारा नियुत संपत्ति के प्रशासक इंस्पेक्टर खैर ने जब यह देखा तो दंग रह गए। मामले में दोनों भाइयों पर मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
28 मई 2021 की सुबह से जिले में जहरीली शराब कांड का शोर मचा और अगले 10 दिन तक 120 लोगों की मौत ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। पुलिस प्रशासन ने गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई कर इस कांड के आरोपियों की करीब 88 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया था। ये वे संपत्तियां मानी गईं, जिन्हें आरोपियों द्वारा अवैध शराब के कारोबार से अर्जित किया गया था। इसी कड़ी में गोंडा के गांव धारा की गढ़ी निवासी दो भाइयों अनिल-सुधीर चौधरी की संपत्तियों को जब्त किया गया। इनकी संपत्तियों को गैंगेस्टर की धारा 14/1 के तहत जब्त कर इंस्पेक्टर खैर को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अगस्त में पुलिस-प्रशासनिक टीमों ने अनिल व सुधीर की संपत्तियों पर पहुंचकर उन्हें कुर्क कर प्रशासन के हक में जब्त करने की सार्वजनिक घोषणा की और जिलाधिकारी के आदेश सहित प्रशासक नियुक्त संबंधी बोर्ड भी लगाए थे। खुद डीएम के आदेश पर इन संपत्तियों को कुर्क किया गया।
रोरावर के अलहदादपुर नींवरी में स्थित गाटा संख्या 74 रकबा में 0.0100 हेक्टेयर कुर्क भूमि पर दो सगे भाइयों द्वारा चार दुकानों का निर्माण किया गया। इस संपत्ति के प्रशासक इंस्पेक्टर खैर ने शाहजमाल रोरावर गली नंबर 9 के शमशुद्दीन व उसके भाई जान मोहम्मद पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें कुर्क संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जाकर दुकानें बनाने का आरोप है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सुधीर चौधरी की कुर्क संपत्ति पर दो सगे भाइयों द्वारा निर्माण करने का मामला सामने आया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
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तब भी सुधीर ने उठाया था यह मुद्दा
यह पहली बार नहीं, बल्कि दूसरी वार है। इस घटना में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सुधीर चौधरी जब पिछले वर्ष जमानत पर रिहा होकर आया तो उसने अपनी इस संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाया था। उस समय सुधीर ने कुर्क संपत्ति 74 नंबर गाटा के बजाय 76 नंबर पर कब्जे का आरोप लगा दिया। इस मामले में उस समय पुलिस जांच में सामने आया था कि सुधीर ने 50 लाख रुपये की रंगदारी दूसरे पक्ष से मांगी है और आरोप झूठा लगाया है। उस समय अहमद सईद नाम के व्यक्ति की तहरीर पर सुधीर पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें उसकी न्यायालय से उसकी कुर्की कार्रवाई जारी है।
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28 मई 2021 की सुबह से जिले में जहरीली शराब कांड का शोर मचा और अगले 10 दिन तक 120 लोगों की मौत ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। पुलिस प्रशासन ने गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई कर इस कांड के आरोपियों की करीब 88 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया था। ये वे संपत्तियां मानी गईं, जिन्हें आरोपियों द्वारा अवैध शराब के कारोबार से अर्जित किया गया था। इसी कड़ी में गोंडा के गांव धारा की गढ़ी निवासी दो भाइयों अनिल-सुधीर चौधरी की संपत्तियों को जब्त किया गया। इनकी संपत्तियों को गैंगेस्टर की धारा 14/1 के तहत जब्त कर इंस्पेक्टर खैर को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अगस्त में पुलिस-प्रशासनिक टीमों ने अनिल व सुधीर की संपत्तियों पर पहुंचकर उन्हें कुर्क कर प्रशासन के हक में जब्त करने की सार्वजनिक घोषणा की और जिलाधिकारी के आदेश सहित प्रशासक नियुक्त संबंधी बोर्ड भी लगाए थे। खुद डीएम के आदेश पर इन संपत्तियों को कुर्क किया गया।
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रोरावर के अलहदादपुर नींवरी में स्थित गाटा संख्या 74 रकबा में 0.0100 हेक्टेयर कुर्क भूमि पर दो सगे भाइयों द्वारा चार दुकानों का निर्माण किया गया। इस संपत्ति के प्रशासक इंस्पेक्टर खैर ने शाहजमाल रोरावर गली नंबर 9 के शमशुद्दीन व उसके भाई जान मोहम्मद पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें कुर्क संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जाकर दुकानें बनाने का आरोप है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सुधीर चौधरी की कुर्क संपत्ति पर दो सगे भाइयों द्वारा निर्माण करने का मामला सामने आया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
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तब भी सुधीर ने उठाया था यह मुद्दा
यह पहली बार नहीं, बल्कि दूसरी वार है। इस घटना में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सुधीर चौधरी जब पिछले वर्ष जमानत पर रिहा होकर आया तो उसने अपनी इस संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाया था। उस समय सुधीर ने कुर्क संपत्ति 74 नंबर गाटा के बजाय 76 नंबर पर कब्जे का आरोप लगा दिया। इस मामले में उस समय पुलिस जांच में सामने आया था कि सुधीर ने 50 लाख रुपये की रंगदारी दूसरे पक्ष से मांगी है और आरोप झूठा लगाया है। उस समय अहमद सईद नाम के व्यक्ति की तहरीर पर सुधीर पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें उसकी न्यायालय से उसकी कुर्की कार्रवाई जारी है।