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इगलास के युवक की देवप्रयाग में हुई मौत, हत्या का आरोप
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इगलास क्षेत्र के गांव नाया के 21 वर्षीय युवक की उत्तराखंड के देवप्रयाग के सौढ़ गांव में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिता का आरोप है कि वह बेहद परेशान था और उसकी हत्या की गई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदयाघात आया है। इस मामले में पिता ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजकर थाना पुलिस पर मदद न करने का आरोप लगाया है। साथ में न्याय मांगा है।
पीड़ित किसान कृष्ण कुमार सिंह के अनुसार, उनका 21 वर्षीय बेटा सुमित एक निजी कंपनी में बतौर सर्वे हेल्पर देवप्रयाग के पौड़ी क्षेत्र के गांव सौढ़ में नौकरी करता था। तीन जून की सुबह बेटे से मोबाइल पर बातचीत हुई। इस दौरान वह खुद को नियोजकों के व्यवहार से परेशान बता रहा था। कह रहा था कि धमकियां मिल रही हैं।
उसने कहा था कि उसे यहां से ले जाओ। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। चार जून को वह उस कॉलोनी में पहुंचे जहां बेटा रहता था, तो वहां से यही बताया गया कि तीन जून को वह कहीं निकल गया है। इसकी सूचना थाने में दी तो पुलिस ने सूचना दर्ज कर बेटे की तलाश की। पुलिस ने उसके रहने वाले ठिकाने से कुछ दूरी पर पहाड़ी के पास से 9 जून को शव बरामद किया। शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया। पिता ने बताया कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। उसे किसी ने मारकर या धक्का देकर फेंका है। पोस्टमार्टम में गिरने के दौरान हृदयाघात से मौत माना है। इस मामले में थाना पुलिस कई बार कहने के बाद भी मदद नहीं कर रही है। कंपनी से जुड़े लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए और पुलिस से साठगांठ कर मसला दबाने की कोशिश का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री उत्तराखंड व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की है।
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पीड़ित किसान कृष्ण कुमार सिंह के अनुसार, उनका 21 वर्षीय बेटा सुमित एक निजी कंपनी में बतौर सर्वे हेल्पर देवप्रयाग के पौड़ी क्षेत्र के गांव सौढ़ में नौकरी करता था। तीन जून की सुबह बेटे से मोबाइल पर बातचीत हुई। इस दौरान वह खुद को नियोजकों के व्यवहार से परेशान बता रहा था। कह रहा था कि धमकियां मिल रही हैं।
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उसने कहा था कि उसे यहां से ले जाओ। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। चार जून को वह उस कॉलोनी में पहुंचे जहां बेटा रहता था, तो वहां से यही बताया गया कि तीन जून को वह कहीं निकल गया है। इसकी सूचना थाने में दी तो पुलिस ने सूचना दर्ज कर बेटे की तलाश की। पुलिस ने उसके रहने वाले ठिकाने से कुछ दूरी पर पहाड़ी के पास से 9 जून को शव बरामद किया। शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया। पिता ने बताया कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। उसे किसी ने मारकर या धक्का देकर फेंका है। पोस्टमार्टम में गिरने के दौरान हृदयाघात से मौत माना है। इस मामले में थाना पुलिस कई बार कहने के बाद भी मदद नहीं कर रही है। कंपनी से जुड़े लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए और पुलिस से साठगांठ कर मसला दबाने की कोशिश का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री उत्तराखंड व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की है।
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