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Aligarh News: फसल बचाऊंगी, तब पापा से लूंगी नए कपड़े..
Mon, 06 Apr 2026 02:46 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:46 AM IST
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राधा की बिजली गिरने से हुई मौत के बाद विलाप करती मां रामवत्ती।
- फोटो : samvad
मेरी बच्ची बहुत अच्छी थी, सबसे प्यार से बात करती थी। पापा की लाडली थी। सुबह कह रही थी फसल बचा लेंगे तो नए कपड़े लेंगे। भगवान ने मेरी बच्ची ही छीन ली। यह पुकार मां रामबेटी की थी जिनकी बेटी को मौसम के कहर ने छीन लिया।
रविवार को खेत में गिरी बिजली ने राधा उर्फ बुलबुल की जिंदगी छीन ली। परिवार के सामने ही सब कुछ हुआ और देखते ही देखते घर की खुशियां उजड़ गईं। इस घटना की खबर फैलते ही कस्बा जवां में शोक की लहर दौड़ गई। घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन भीतर सिर्फ सिसकियां थीं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। रविवार देर रात घर से दूर दूर तक बस मां की चीखें सुनाईं पड़ रही थीं। वह बार-बार बस यही कह रही थी कि बिटिया की बात हमेशा के लिए घर में रह गई। भगवान ने मेरी बच्ची ही छीन ली।
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पिता विजय सिंह, जो खेती के साथ राजमिस्त्री का काम भी करते हैं, बताते हैं कि इस बार फसल बचाने के लिए पूरा परिवार खेत में लगा हुआ था। दोपहर में जैसे ही मौसम बदला, वह थोड़ी देर के लिए घर लौटे। इसी बीच फोन आया और सुनाई दिया..राधा पर बिजली गिर गई।
वह दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और बेटी को मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जानकारी ली। हालांकि, गम में डूबे परिवार ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही देर रात अंतिम संस्कार कर दिया।
बड़ी बहन स्वीटी ने बताया कि जनता इंटर काॅलेज छेरत की छात्रा राधा पढ़ने में होनहार थी और हाल ही में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। उसे पूरा भरोसा था कि वह अच्छे नंबरों से पास होगी। उसका सपना था, डॉक्टर बनना। वह अक्सर अपने पिता से कहती थी कि पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करना है।
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रविवार को खेत में गिरी बिजली ने राधा उर्फ बुलबुल की जिंदगी छीन ली। परिवार के सामने ही सब कुछ हुआ और देखते ही देखते घर की खुशियां उजड़ गईं। इस घटना की खबर फैलते ही कस्बा जवां में शोक की लहर दौड़ गई। घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन भीतर सिर्फ सिसकियां थीं।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। रविवार देर रात घर से दूर दूर तक बस मां की चीखें सुनाईं पड़ रही थीं। वह बार-बार बस यही कह रही थी कि बिटिया की बात हमेशा के लिए घर में रह गई। भगवान ने मेरी बच्ची ही छीन ली।
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पिता विजय सिंह, जो खेती के साथ राजमिस्त्री का काम भी करते हैं, बताते हैं कि इस बार फसल बचाने के लिए पूरा परिवार खेत में लगा हुआ था। दोपहर में जैसे ही मौसम बदला, वह थोड़ी देर के लिए घर लौटे। इसी बीच फोन आया और सुनाई दिया..राधा पर बिजली गिर गई।
वह दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और बेटी को मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जानकारी ली। हालांकि, गम में डूबे परिवार ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही देर रात अंतिम संस्कार कर दिया।
बड़ी बहन स्वीटी ने बताया कि जनता इंटर काॅलेज छेरत की छात्रा राधा पढ़ने में होनहार थी और हाल ही में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। उसे पूरा भरोसा था कि वह अच्छे नंबरों से पास होगी। उसका सपना था, डॉक्टर बनना। वह अक्सर अपने पिता से कहती थी कि पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करना है।