गोंडा के सुबकरा में विवाहिता की दहेज के लिए हत्या में असम राइफल्स नगालैंड में तैनात फौजी पति को उत्पीड़न का जिम्मेदार माना गया है। इसी आधार पर एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से फौजी को 3 वर्ष की सजा सुनाई है। दहेज हत्या की दोषी सास को पहले सजा हो चुकी है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार, घटना 19 जनवरी 2008 की है। वादी मुरसान के सुखराम ने 20 जनवरी को गोंडा में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें कहा कि उसने अपनी बेटी सुनीता की शादी फरवरी 2007 में सुबकरा गोंडा के मुनेश संग की। उसके बाद से ही उसे बाइक व नकदी आदि के लिए परेशान किया जाने लगा। इस मामले में पति ने भी उसे कई बार धमकाया। घटना के समय पति ड्यूटी पर था। यहां उसकी सास व नाबालिग देवर ने फांसी पर लटकाकर सुनीता की हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर सास जगवीरी व देवर पर दहेज हत्या व पति पर दहेज उत्पीड़न में चार्जशीट दी। मामले में सास को 2011 में दस वर्ष की सजा हो चुकी है। देवर की पत्रावली नाबालिग होने के कारण अलग चल रही है। अब पति को तीन वर्ष कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। ब्यूरो
हत्या में जमानत अर्जी खारिज
अलीगढ़। एडीजे विशेष एससीएसटी संजीव कुमार सिंह की अदालत से हत्या के मामले में छह आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की गई है। एडीजीसी चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार गांव सरकोरिया गोंडा में 5 जून को हुई युवक की हत्या के आरोपी यशपाल, अजय, पंकज, होशियार, वीरपाल की जमानत अर्जी खारिज की गई हैं। ब्यूरो