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अलीगढ़ः दहेज हत्या में पति दोषी करार, दस साल की सजा
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अपर सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश) ईसी एक्ट के न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत से दहेज हत्या में आरोपी पति को दोषी करार देकर दस साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस मामले में सास-ससुर को बरी करते हुए स्त्री से जुड़े इस अपराध को लेकर गंभीर टिप्पणी भी की है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना गांधीपार्क में 22 जनवरी 2017 को वादी रामसुगड़ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप था कि उसने अपनी बेटी अर्चना की शादी 26 अप्रैल 2016 को विष्णु निवासी पला फाटक, प्रेमनगर संग की। शादी के बाद दहेज में अल्टो कार व दो लाख रुपये की मांग को लेकर उसे परेशान किया जाने लगा। 21 जनवरी को उसकी गला दबाकर हत्या कर ससुरालियों ने फोन पर सूचना दी है कि अर्चना की जीने से गिरने से मौत हुई है। इस मामले में अर्चना के पति विष्णु, ससुर राकेश, सास सुनीता के अलावा ननद व देवर नामजद किए गए। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान सास व ससुर को बरी किया गया है, जबकि स्त्री से जुड़े अपराध में आरोपी पति को दोषी करार देकर दस साल की सजा व 16 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
- इस प्रकरण में कोर्ट की टिप्पणी--
‘स्त्री अत्याचार के लिए यह कहना असंगत न होगा कि दहेज जो एक बहुत गहरी नींव वाली सामाजिक बुराई है, अनेक अभाग्यशाली युवतियों पर यह अत्याचार मृत्यु का कारण हुआ करती है। यह एक ऐसा अपराध है जो न केवल नृशंस है, बल्कि बर्बर भी है। सामान्यत: यह अपराध घर के भीतर ही किया जाता है और बहुधा ऐसी परिस्थितियों में किया जाता है, जो यह छाप छोड़ता जाता है कि यह आत्मघाती मृत्यु के समान घटना थी। ऐसे अपराध को परिवार के सदस्य द्वारा चहुंओर से छिपाने का, न कि उजागर करने का प्रयास किया जाता है’
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विवाहिता की मौत में पति को सजा
एडीजे-नौ के न्यायाधीश सुनील सिंह के न्यायालय से विवाहिता की आत्महत्या के मामले में आरोपी पति को पांच साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, कुंवर नगर गांधीपार्क की कलावती देवी ने 6 दिसंबर 2017 को एसएसपी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी धेवती संगम देवी के ससुराली 3 दिसंबर 2017 को उसे यह कहकर बुला ले गए कि संगम की तबियत खराब है। जब वह संगम की ससुराल बघेल नगर पहुंची तो धेवती वहां मृत पड़ी थी। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। एतराज जताने पर कलावती को एक कमरे में बंद कर दिया गया और धमकी दी। इसी बीच महिला के परिजन जब खोजते हुए वहां पहुंचे तो उसे बंधनमुक्त कराया। शिकायत के अनुसार संगम के ससुराली उसे दहेज में बाइक आदि की मांग को लेकर परेशान करते थे। इसी के चलते उसे मारकर डाला गया है।
इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर क्वार्सी पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। मुकदमे में पति संजय उर्फ संजू आदि ससुरािलयों को नामजद किया गया। मामले में चार्जशीट के आधार पर न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान पति को उत्पीड़न करने, जिससे आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी करार देते हुए पांच साल सजा व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना गांधीपार्क में 22 जनवरी 2017 को वादी रामसुगड़ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप था कि उसने अपनी बेटी अर्चना की शादी 26 अप्रैल 2016 को विष्णु निवासी पला फाटक, प्रेमनगर संग की। शादी के बाद दहेज में अल्टो कार व दो लाख रुपये की मांग को लेकर उसे परेशान किया जाने लगा। 21 जनवरी को उसकी गला दबाकर हत्या कर ससुरालियों ने फोन पर सूचना दी है कि अर्चना की जीने से गिरने से मौत हुई है। इस मामले में अर्चना के पति विष्णु, ससुर राकेश, सास सुनीता के अलावा ननद व देवर नामजद किए गए। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान सास व ससुर को बरी किया गया है, जबकि स्त्री से जुड़े अपराध में आरोपी पति को दोषी करार देकर दस साल की सजा व 16 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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- इस प्रकरण में कोर्ट की टिप्पणी--
‘स्त्री अत्याचार के लिए यह कहना असंगत न होगा कि दहेज जो एक बहुत गहरी नींव वाली सामाजिक बुराई है, अनेक अभाग्यशाली युवतियों पर यह अत्याचार मृत्यु का कारण हुआ करती है। यह एक ऐसा अपराध है जो न केवल नृशंस है, बल्कि बर्बर भी है। सामान्यत: यह अपराध घर के भीतर ही किया जाता है और बहुधा ऐसी परिस्थितियों में किया जाता है, जो यह छाप छोड़ता जाता है कि यह आत्मघाती मृत्यु के समान घटना थी। ऐसे अपराध को परिवार के सदस्य द्वारा चहुंओर से छिपाने का, न कि उजागर करने का प्रयास किया जाता है’
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विवाहिता की मौत में पति को सजा
एडीजे-नौ के न्यायाधीश सुनील सिंह के न्यायालय से विवाहिता की आत्महत्या के मामले में आरोपी पति को पांच साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, कुंवर नगर गांधीपार्क की कलावती देवी ने 6 दिसंबर 2017 को एसएसपी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी धेवती संगम देवी के ससुराली 3 दिसंबर 2017 को उसे यह कहकर बुला ले गए कि संगम की तबियत खराब है। जब वह संगम की ससुराल बघेल नगर पहुंची तो धेवती वहां मृत पड़ी थी। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। एतराज जताने पर कलावती को एक कमरे में बंद कर दिया गया और धमकी दी। इसी बीच महिला के परिजन जब खोजते हुए वहां पहुंचे तो उसे बंधनमुक्त कराया। शिकायत के अनुसार संगम के ससुराली उसे दहेज में बाइक आदि की मांग को लेकर परेशान करते थे। इसी के चलते उसे मारकर डाला गया है।
इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर क्वार्सी पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। मुकदमे में पति संजय उर्फ संजू आदि ससुरािलयों को नामजद किया गया। मामले में चार्जशीट के आधार पर न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान पति को उत्पीड़न करने, जिससे आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी करार देते हुए पांच साल सजा व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।