UP: अलीगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात, पति ने की पत्नी की बेरहमी से हत्या, मर्डर कर आरोपी फरार
पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पति दिनेश मौके से फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
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पति की आपराधिक प्रवृत्ति से तंग आकर मायके जवां के रफीपुर सीया में रह रही पत्नी रूपवती (35) की रविवार रात हिस्ट्रीशीटर पति ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी पति दिनेश नूरपुर थाना बबराला जिला संभल का रहने वाला है और एक माह पहले ही जेल से छूटकर आया था। घटना के बाद से वह फरार है।
घटना का पता सोमवार सुबह उस समय चला, जब एक बच्चा शौच के लिए खेत में गया। वहां एक महिला की लाश पड़ी देख उसकी चीख निकल गई। गांव के लोग पहुंचे तो महिला की पहचान रूपवती के रूप में हुई। रूपवती की शादी करीब 15 साल पहले दिनेश के साथ हुई थी।
परिजनों के अनुसार दिनेश आपराधिक प्रवृत्ति का इन्सान था, जिसका ज्यादातर वक्त जेल की सलाखों के पीछे ही कटता था। पति के जुर्म के रास्ते पर चलने से तंग आकर शादी के कुछ दिनों बाद से ही रूपवती अपने मायके रफीपुर सीया में रहने लगी थी। दोनों के कोई संतान भी नहीं है। रविवार को दिनेश रूपवती को लेने रफीपुर सीया पहुंचा। दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।
खेत में मिला महिला का शव
रूपवती उसके साथ जाना नहीं चाहती थी। रूपवती की मां बैकुंठी देवी ने दामाद के आगे हाथ जोड़े और कहा कि रात काफी हो चुकी है, वह सुबह रूपवती को अपने साथ ले जाए, लेकिन जिद पर अड़े दिनेश ने एक न सुनी। वह जबरन रात करीब नौ बजे रूपवती को लेकर गांव से निकल गया। घर से महज 800 मीटर की दूरी पर एक खाली खेत में दिनेश ने अपनी पत्नी के पेट में गोली मारकर हत्या कर दी। सुबह सूचना पर थाना प्रभारी धीरज कुमार और क्षेत्राधिकारी तृतीय सर्वम सिंह पुलिस बल और फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे।
सुबह करीब 7:30 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। मृतका के पेट में गोली लगी है। आरोपी पति दिनेश शातिर अपराधी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा। - सर्वम सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय, अलीगढ़
मक्के के खेत में गूंजी थी गोली की आवाज, लोग समझे पटाखा
दिनेश ने जब रूपवती की हत्या की तो मक्के के खेत से गोली की आवाज गूंजी थी, लेकिन पटाखा समझकर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सुबह जब शव मिला तो लोगों में इसको लेकर चर्चा होने लगी।
ग्रामीणों के मुताबिक, रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे के आसपास अचानक गोली चलने की तेज आवाज आई थी। चूंकि इस समय किसान मक्के की फसल को आवारा जानवरों और नीलगायों से बचाने के लिए अक्सर पटाखे फोड़ते हैं या हवाई धमाके करते हैं, इसलिए किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सबने सोचा कि कोई किसान अपनी फसल की रखवाली कर रहा होगा। अगर, उस समय लोग यह समझ पाते तो शायद रूपवती की जान बच जाती।
मां बोली.. मुझे क्या पता था कि वो मेरी बेटी की मौत की आवाज थी
रूपवती की मां बैकुंठी देवी का विलाप सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। सोमवार को जब गांव में मातम पसरा था, तब रूपवती की बूढ़ी मां रोते-रोते बदहवास हो जा रही थी। उसने सुबकते हुए ग्रामीणों से कहा धमाके की आवाज तो मैंने भी सुनी थी, लेकिन लगा कि किसी ने मक्का रखाने के लिए पटाखा छोड़ा होगा। मुझे क्या पता था कि वो पापी मेरी बच्ची का सीना छलनी कर रहा था। अगर मुझे एक बार भी शक हो जाता, तो मैं आधी रात को भी अपनी बेटी को बचाने भागती... लाठी लेकर उस कसाई के आगे खड़ी हो जाती। मां का यह मलाल अब जिंदगी भर उसके सीने में एक खंजर की तरह चुभता रहेगा।