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अलीगढ़ः कैसे हो इलाज, 100 बेड के अस्पताल में 299 मरीज भर्ती

Fri, 15 Oct 2021 01:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 01:39 AM IST
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How to be treated, 299 patients admitted in 100 bed hospital
दीनदयाल अस्पताल का निरीक्षण करते विधायक अनिल पाराशर। - फोटो : CITY OFFICE
दीनदयाल अस्पताल में पीकू वार्ड हो, आईसीयू या अन्य कोई जनरल वार्ड... हर तरफ डॉक्टर, नर्स, स्टाफ की संख्या पर्याप्त मात्रा में नहीं है। 100 बेड के मानव संसाधन वाले इस अस्पताल में बृहस्पतिवार को 299 मरीज भर्ती थे, जबकि ओपीडी 1200 से ऊपर रही। जिनके लिए 20 डॉक्टर 49 स्टाफ ही कार्यरत हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। यह कमी बृहस्पतिवार को दीनदयाल अस्पताल संयुक्त चिकित्सालय में कोल विधायक अनिल पाराशर के निरीक्षण में सामने आई। उन्होंने कमिश्नर से स्टाफ बढ़ाने के लिए कहा है।
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बता दें कि दीनदयाल अस्पताल संयुक्त चिकित्सालय 100 बेड की क्षमता का अस्पताल है। कोविड के दौरान इसे 350 बेड का अस्पताल तो बना दिया गया, लेकिन अभी तक स्टाफ की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या से व्यवस्था चरमरा गई है। कोल विधायक अनिल पाराशर बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचे और यहां सीएमओ, डॉक्टर, स्टाफ और कई वार्डों में जाकर मरीजों से वार्ता की। इस दौरान सामने आया कि अस्पताल में 20 डॉक्टर हैं। जबकि 22 नियमित स्टाफ नर्स हैं। दस स्टाफ नर्स एनएचएम और 17 स्टाफ नर्स आउटसोर्स से तैनात हैं। इन सभी की ड्यूटी आठ-आठ घंटे के अंतराल पर लगती है। पीकू वार्ड हो या जनरल वार्ड। हर तरफ स्टाफ की कमी से हालात खराब हैं। पीकू वार्ड में 47 में से सिर्फ 20 बेड पर ही बच्चे भर्ती थे। जबकि पूरे अस्पताल में कुल 299 मरीज भर्ती थे। जबकि एनएचएम, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, हाइजीनिस्ट, इसीजी टेक्नीशियन आदि पदों पर कुल 37 कर्मी आउटसोर्स से तैनात हैं। बृहस्पतिवार को 1200 से ऊपर की ओपीडी रही। बेड के सापेक्ष डॉक्टर और स्टाफ की संख्या कम देख कोल विधायक अनिल पाराशर ने कमिश्नर गौरव दयाल से वार्ता की और स्टाफ बढ़ाने के लिए कहा।
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बच्चों के लिए अस्पताल में हैं सिर्फ दो पीडियाट्रिशियन डॉक्टर
दीनदयाल अस्पताल में बृहस्पतिवार को कुल 105 बच्चे बुखार अन्य बीमारियों का इलाज कराने के लिए ओपीडी में पहुंचे। जबकि 32 बच्चे भर्ती थे। इनकी देखभाल के लिए सिर्फ दो डॉक्टर डॉ. केके शर्मा व डॉ. अल्का गुप्ता अस्पताल में ड्यूटी देती हैं। ओपीडी, वार्डों में दो बार राउंड के साथ यही डॉक्टर आपातकाल के लिए भी ड्यूटी देते हैं।
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अभी इस तरह काम कर रहा है स्टाफ
20 डॉक्टरों की ड्यूटी आठ-आठ घंटे के हिसाब से लगती है। डॉक्टर पहले ओपीडी देखते हैं। इसके बाद सुबह और शाम को वार्ड में राउंड लगाते हैं। मरीजों के इलाज के लिए स्टाफ को परामर्श देते हैं। इसके साथ ही आईसीयू से लेकर इमरजेंसी में भी सेवाएं देते हैं।
डेंगू की हो जांच, स्टाफ की कराएंगे व्यवस्था
कोल विधायक अनिल पाराशर ने कहा कि इन दिनों डेंगू और वायरल का प्रकोप चल रहा है, जबकि कोविड के अलर्ट मोड पर स्टाफ होना चाहिए। वहीं डेंगू टेस्ट अस्पताल में नहीं हो रहा है। देर में रिपोर्ट आ रही है। जबकि अस्पताल कोविड टेस्ट कर रहा है। ऐसे में एलाइजा टेस्ट भी यहां हो सकता है। 100 बेड के मानव संसाधन पर 300 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। बच्चों का इलाज पीकू वार्ड की जगह जनरल वार्ड में चल रहा है। यह सिर्फ औसत दर्जे का इलाज है। बेहतर नहीं है। इसीलिए मंडलायुक्त और सीएमओ से वार्ता कर स्टाफ बढ़वाया जाएगा।

स्टाफ तैनाती के लिए अपर निदेशक ने दिए सीएमओ को निर्देश
कोल विधायक के निरीक्षण के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर निदेशक डॉ. एसके उपाध्याय ने सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय को पत्र लिखकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और स्टाफ बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पत्र जारी कर रहा है कि भर्ती रोगियों के सापेक्ष यथा संभव मानव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास करें।
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