यूपी में नहीं है डिप्लोमा कैसे बनें खनन इंस्पेक्टर
मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक का दरवाजा खटखटा चुके छात्र
यूपी में नहीं है डिप्लोमा कैसे बनें खनन इंस्पेक्टर
कौशल कुमार ओझा
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में आपको खनन इंस्पेक्टर बनना है तो पहले दूसरे प्रांतों में जाकर पढ़ाई करें। स्थिति यह है कि खनन इंस्पेक्टर बनने के लिए जो योग्यता (खनिकर्म अभियंत्रण में डिप्लोमा) निर्धारित की गई है, उस कोर्स की पढ़ाई उत्तर प्रदेश के किसी संस्थान में नहीं होती है। खनन को लेकर प्रदेश में हाय-तौबा की स्थिति है। प्रदेश के 75 जिलों में सिर्फ 31 खनन इंस्पेक्टर हैं। 17 मार्च 2015 को यूपी में 45 खनन इंस्पेक्टरोें की भर्ती के लिए पद निकाले गए थे, जिसमें आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 मई थी। भू विज्ञान से एमएससी कर चुके यशवीर चौधरी छात्रों के साथ तीन बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। उनका कहना है कि उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान एवं बिहार आदि प्रदेशों में खनन इंस्पेक्टर बनने के लिए भू विज्ञान से एमएससी कर चुके छात्रों को अर्ह माना जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनने के बाद प्रमुख सचिव समेत अन्य अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया था लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
- इस बार सरकार ने खनन इंस्पेक्टर के 45 पद दिए हैं। इसकी परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक का कार्य आयोग द्वारा किया जाता है। योग्यता बदलने के नियमों में संशोधन करना होगा। प्रस्ताव पहले कैबिनेट के पास जाएगा। वहां से एप्रूव्ड होने के बाद मुख्यमंत्री के पास जाएगा। हमलोग इसमें कुछ नहीं कर सकते। वर्तमान में मामला सरकार के पास है। पूरा मामला मेरे संज्ञान में है।
- डॉ. भास्कर उपाध्याय, निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म, उत्तर प्रदेश शासन