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फर्जीबाड़ा: केरल के डॉक्टर की 95 साल पुरानी लंदन की डिग्री, अलीगढ़ में चल रहा अस्पताल

Mon, 10 Nov 2025 09:43 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 10 Nov 2025 09:43 PM IST
सार

देव हॉस्पिटल के डॉ. एससी शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के कारनामों से दुखी होकर मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि उनके मानक पूरे होने और एडी हेल्थ के निर्देश के बाद भी रजिस्ट्रेशन न होने से वह परेशान हैं। ऐसे में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत अस्पतालों पर खुद जांच की।

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Hospitals running fraudulently in Aligarh
हॉस्पिटल प्रतीकात्मक - फोटो : freepik

विस्तार

विवादों व सुर्खियों में बने रहने वाले स्वास्थ्य महकमे में निजी अस्पतालों के पंजीकरण में अब नया खेला सामने आया है। यहां केरल के एक ऐसे डॉक्टर के नाम पर अस्पताल पंजीकृत है, जिन्होंने 95 वर्ष पहले लंदन से एमबीबीएस की डिग्री ली थी। अब वह कहां व किस हाल में होंगे। ये किसी को नहीं पता। मगर उनका एसएमसी पंजीकरण यहां प्रयोग हो रहा है। इस संबंध में शिकायत शासन तक की गई है। जिसमें सीधे सीधे चिकित्सकों के एसएमसी पंजीकरण नंबरों से छेड़खानी का आरोप है। शिकायत में जिले के सात अस्पतालों का उदाहरण देकर कहा है कि इन अस्पतालों में ये स्थिति है तो बाकी 354 में किस तरह के हालात होंगे। इसलिए जांच की मांग की गई है।

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जिले में निजी चिकित्सालयों के पंजीयन में जमकर खेल चल रहा है। चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो अस्पताल पंजीकरण की संख्या हर साल घटती-बढ़ती रहे। 2024-25 में स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर सात अस्पतालों की जांच कर पंजीकृत चिकित्सकों के स्टेट मेडिकल काउंसिल (एसएमसी) और नेशनल मेडिकल काउंसिल पर रजिस्ट्रेशन नंबर की पड़ताल की गई तो दोनों में चिकित्सक के नाम अलग-अलग दिखे। यानी स्वास्थ्य विभाग में एसएमसी के रजिस्ट्रेशन नंबर से छेड़छाड़ करके दूसरे चिकित्सक का नाम अंकित कर अस्पताल का पंजीकरण किया गया है। 
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यह मात्र सात अस्पताल की जांच में मामला सामने आया है, अगर पूरे 354 अस्पतालों की जांच हुई तो बड़े मामले का खुलासा होगा। इसकी शिकायत डॉ. एससी शर्मा और डॉ. सीपी गुप्ता ने जिला प्रशासन से लेकर सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से की है। जिसमें सबसे प्रमुख उदाहरण देव हॉस्पिटल बरौला का दिया है। जिसमें स्वेता दीक्षित के पंजीकृत रजिस्ट्रेशन नंबर मार्क एरिक के नाम पर दर्ज है। केरल के रहने वाले मार्क एरिक ने 1930 में लंदन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने अपना पंजीकरण नेशनल मेडिकल कमीशन में कराया था। अब 95 वर्ष बाद उनके नाम से फर्जीवाड़ा हुआ है।

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स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल, लैब और अल्ट्रासाउंड पंजीकरण में जमकर खेल चल रहा है। भारी भरकम उगाही कर फर्जी चिकित्सकों के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण किया जा रहा है। जबकि जो चिकित्सक क्वालीफाइड हैं, उन्हें कुछ न कुछ कमी दर्शा कर रिजेक्ट कर दिया जा रहा है।-डॉ. सतीश चंद्र शर्मा, शिकायतकर्ता

शिकायत मिलते ही जांच कराई जाएगी। अगर कुछ कमी मिली तो यूपी मेडिकल काउंसिल को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ

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10 और अस्पतालों के रिकार्ड खंगालने में जुटे चिकित्सक

देव हॉस्पिटल के डॉ. एससी शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के कारनामों से दुखी होकर मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि उनके मानक पूरे होने और एडी हेल्थ के निर्देश के बाद भी रजिस्ट्रेशन न होने से वह परेशान हैं। ऐसे में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत अस्पतालों पर खुद जांच की। जिसमें पोर्टल पर 2024-25 में पंजीकृत सात अस्पतालों को खंगाला तो 11 चिकित्सक फर्जी मिले। अभी 10 अस्पताल के पोर्टल पर पंजीकृत चिकित्सकों के रिकार्ड को वह खंगालने में जुटे हुए हैं।

डीएम दो वर्ष के पंजीकरण की कराएंगे जांच
अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित चिकित्सक को बुला कर पूरा मामला समझा जाएगा। इसके बाद शिकायत के आधार पर 2023-24 और 2024-25 में पंजीकृत अस्पतालों की जांच की जाएगी। इसके लिए कमेटी गठित होगी।

अब तक सामने आई यह स्थिति

  • देव हॉस्पिटल बरौला बाईपास-सुकुमार-1952 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर मासाल्लाह खान का नाम दर्ज है। वह फैजाबाद के रहने वाले हैं।
  • देव हॉस्पिटल बरौला बाईपास-राधा रमन-3535 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर गनपति प्रसाद दधीची का नाम दर्ज है। वह सिकंद्राबाद के रहने वाले हैं।
  • देव हॉस्पिटल बरौला बाईपास-स्वेता दीक्षित-3479 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर मार्क इरिक का नाम दर्ज है। वह केरल के रहने वाले हैं।
  • आकांक्षा हॉस्पिटल-दीपा सिंह-16740 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर मृदुला मल्होत्रा का नाम दर्ज है। वह लखनऊ की रहने वाली हैं।
  • आकांक्षा हॉस्पिटल-राधा रानी-15588 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर अशोक सिंह का नाम दर्ज है। यह देहरादून के रहने वाले हैं।
  • देव क्लीनिक-हरेंद्र कुमार अत्री-22522 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर रविंद्र पति त्रिपाठी का नाम दर्ज है। वह देवरिया के रहने वाले हैं।
  • राधा माधव हॉस्पिटल-राधा रानी-33037 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर अतुल कुमार जोशी का नाम दर्ज है।
  • भारत हॉस्पिटल-अहमद जमाल उस्मानी-21616 रजिस्ट्रेशन नंबर एसएमसी से पंजीकृत है। जबकि नेशनल मेडिकल कमीशन में इस नंबर पर अविनाश कुमार जैन का नाम दर्ज है।
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