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Aligarh News: लगातार भूख हड़ताल से यासिर की किडनी में सूजन
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एएमयू।
- फोटो : Archive
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की बहाली समेत चार मांगों पर 21 सितंबर से नौ अक्तूबर तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे छात्र यासिर फहद की दाहिनी किडनी में सूजन का पता चला है। वह इन दिनों कमजोरी महसूस कर रहे हैं। डॉक्टर ने उन्हें एक महीने की दवा दी है।
यासिर फहद पिछले दिनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली में छात्रसंघ की बहाली की मांग पर चल रहे धरने पर बैठे छात्र के समर्थन में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच के दौरान उनकी दाहिनी किडनी में सूजन का पता चला। डॉक्टर ने उन्हें एक महीने तक दवा लेने की सलाह दी है।
यासिर ने बताया कि एएमयू में आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव बहाल हुए हैं। ऐसे में छात्रसंघ का नेतृत्व केवल यूनिवर्सिटी तक सीमित रहने वाला नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों की आवाज उठाने वाला होना चाहिए। नेतृत्व में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि छात्र हितों के मुद्दे यूनिवर्सिटी से लेकर संसद तक पहुंच सकें।
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चुनाव की तारीख बदलने की मांग
पूर्व छात्र नेता विकास यादव ने दिवाली के मद्देनजर चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। विकास यादव ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव यूनिवर्सिटी की लोकतांत्रिक परंपराओं का अहम हिस्सा है। दिवाली के त्योहार को देखते हुए चुनाव की तारीख पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। मौके पर बिंदुसार राघव, उमाशंकर सिंह, विशाल, धर्मवीर, प्रवीण राजपूत आदि मौजूद रहे।
बढ़ी चुनावी सरगर्मी, झंडों के साथ निकले प्रत्याशी
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए प्रसार-प्रचार तेज हो गया। यूनिवर्सिटी के झंडों के साथ प्रत्याशी निकल रहे हैं। मतदान से पहले संभावित प्रत्याशियों ने जनसमर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। लाइब्रेरी कैंटीन और छात्रावासों तक पहुंचकर विद्यार्थियों से संपर्क साधा जा रहा है। बाइक रैलियों के जरिये भी चुनावी माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। कैंपस में कहीं छात्रों के बीच बैठकर समर्थन मांगा जा रहा है तो कहीं नारों के साथ बाइक रैली निकालकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई जा रही है। यूनिवर्सिटी के झंडे लेकर निकल रहे समर्थकों के बीच चुनावी नारे गूंज रहे हैं। इससे कैंपस का माहौल धीरे-धीरे चुनावी रंग में रंगने लगा है। एएमयू कोर्ट मेंबर प्रत्याशी गय्यूम हुसैन, अबु दाऊद सहित अन्य प्रत्याशी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
उपस्थिति और उम्र के सात मामले पहुंचे
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों के बीच प्रत्याशियों की पात्रता पर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में अब तक सात मामले पहुंच चुके हैं। इनमें विद्यार्थियों की उपस्थिति (अटेंडेंस) और उम्र से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। स्नातक, परास्नातक और प्रोफेशनल कोर्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। खासतौर पर अलग-अलग पाठ्यक्रमों में निर्धारित आयु सीमा और उपस्थिति संबंधी नियमों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
वीमेंस कॉलेज की छात्राओं के वोट पर असमंजस
वीमेंस कॉलेज में नामांकित छात्राएं यूनिवर्सिटी कैंपस में पढ़ रही हैं। अब उनके वोट पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्राएं लगातार इस मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है कि वह अपना वोट कहां डालेंगी। दरअसल, वीमेंस कॉलेज में चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं के मतदान केंद्र पर सवाल उठ रहे हैं।
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यासिर फहद पिछले दिनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली में छात्रसंघ की बहाली की मांग पर चल रहे धरने पर बैठे छात्र के समर्थन में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच के दौरान उनकी दाहिनी किडनी में सूजन का पता चला। डॉक्टर ने उन्हें एक महीने तक दवा लेने की सलाह दी है।
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यासिर ने बताया कि एएमयू में आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव बहाल हुए हैं। ऐसे में छात्रसंघ का नेतृत्व केवल यूनिवर्सिटी तक सीमित रहने वाला नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों की आवाज उठाने वाला होना चाहिए। नेतृत्व में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि छात्र हितों के मुद्दे यूनिवर्सिटी से लेकर संसद तक पहुंच सकें।
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चुनाव की तारीख बदलने की मांग
पूर्व छात्र नेता विकास यादव ने दिवाली के मद्देनजर चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। विकास यादव ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव यूनिवर्सिटी की लोकतांत्रिक परंपराओं का अहम हिस्सा है। दिवाली के त्योहार को देखते हुए चुनाव की तारीख पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। मौके पर बिंदुसार राघव, उमाशंकर सिंह, विशाल, धर्मवीर, प्रवीण राजपूत आदि मौजूद रहे।
बढ़ी चुनावी सरगर्मी, झंडों के साथ निकले प्रत्याशी
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए प्रसार-प्रचार तेज हो गया। यूनिवर्सिटी के झंडों के साथ प्रत्याशी निकल रहे हैं। मतदान से पहले संभावित प्रत्याशियों ने जनसमर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। लाइब्रेरी कैंटीन और छात्रावासों तक पहुंचकर विद्यार्थियों से संपर्क साधा जा रहा है। बाइक रैलियों के जरिये भी चुनावी माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। कैंपस में कहीं छात्रों के बीच बैठकर समर्थन मांगा जा रहा है तो कहीं नारों के साथ बाइक रैली निकालकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई जा रही है। यूनिवर्सिटी के झंडे लेकर निकल रहे समर्थकों के बीच चुनावी नारे गूंज रहे हैं। इससे कैंपस का माहौल धीरे-धीरे चुनावी रंग में रंगने लगा है। एएमयू कोर्ट मेंबर प्रत्याशी गय्यूम हुसैन, अबु दाऊद सहित अन्य प्रत्याशी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
उपस्थिति और उम्र के सात मामले पहुंचे
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों के बीच प्रत्याशियों की पात्रता पर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में अब तक सात मामले पहुंच चुके हैं। इनमें विद्यार्थियों की उपस्थिति (अटेंडेंस) और उम्र से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। स्नातक, परास्नातक और प्रोफेशनल कोर्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। खासतौर पर अलग-अलग पाठ्यक्रमों में निर्धारित आयु सीमा और उपस्थिति संबंधी नियमों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
वीमेंस कॉलेज की छात्राओं के वोट पर असमंजस
वीमेंस कॉलेज में नामांकित छात्राएं यूनिवर्सिटी कैंपस में पढ़ रही हैं। अब उनके वोट पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्राएं लगातार इस मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है कि वह अपना वोट कहां डालेंगी। दरअसल, वीमेंस कॉलेज में चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं के मतदान केंद्र पर सवाल उठ रहे हैं।