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अलीगढ़ : ग्लास बोन बीमारी से जूझ रहे रोहित को मदद की आस

Wed, 23 Mar 2022 12:36 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 12:36 AM IST
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Hope for help to Rohit who is suffering from glass bone disease
ग्लास बोन बीमारी से ग्रसित घु‌ड़ियाबाग निवासी रोहित। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक तायल
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इतना टूटा हूं कि छूने से बिखर जाऊंगा, अब अगर और दुआ दोगे तो मर जाऊंगा... मोइन नजर के इस शेर से कुछ मिलती-जुलती है शहर के रोहित की जिंदगी। गर्भावस्था के दौरान ही रोहित को ग्लास बोन बीमारी ने जकड़ लिया था। हड्डियों में कैल्शियम की कमी के कारण 11 वर्षीय रोहित बिस्तर पर ही रहते हैं। पढ़ाई और बुद्धिमत्ता में आगे इस बच्चे की हड्डियां जरा सा दबाव पड़ने पर टूट जाती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह बीमारी लाइलाज है। रोहित ने शासन-प्रशासन व समाजसेवियों से मदद करने की अपील की है ताकि वह अपना भविष्य सुधार सकेें।
देहली गेट स्थित घुड़िया बाग निवासी रोहित पुत्र मुकेश चंद्र का जन्म 21 फरवरी 2011 को मलखान सिंह जिला अस्पताल में हुआ था। उस वक्त रोहित के दोनों पैर आपस में जुड़े हुए थे। रोहित की मां शीला देवी बताती हैं कि जेएन मेडिकल कॉलेज से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल तक रोहित का इलाज कराया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पति मुकेश चंद्र मजदूरी करते हैं। घर में ही छोटी से दुकान है। रोहित तीन भाई बहनों में सबसे छोटा है। शीला देवी ने बताया कि जरा सा दबाव पड़ने पर रोहित के शरीर की हड्डियां टूट जाती हैं और वह कई दिनों तक दर्द से जूझता रहता है। रोहित को खाने-पीने का शौक है। उसे पढ़ना भी अच्छा लगता है। पड़ोस का एक युवक उसे ट्यूशन पढ़ाने आता है। संवाद
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पढ़ाई में आड़े आ रही बीमारी व आर्थिक तंगी : रोहित
रोहित ने बताया कि वह पढ़-लिख कर बड़ा आदमी बनना चाहते हैं, लेकिन बीमारी और घर की आर्थिक तंगी स्कूल के दाखिले के बीच में आ जाती है। कई बार मां ने सरकारी स्कूल में दाखिला कराने की कोशिश की। मगर स्कूल ने मना कर दिया। रोहित ने बताया कि वह समाज से गंवार शब्द को खत्म करना चाहते हैं और गरीबों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। रोहित ने शासन-प्रशासन व समाजसेवियों से मदद करने की अपील की है ताकि वह अपना भविष्य सुधार सकें और स्वावलंबी बन सकें।
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लाइलाज है ग्लास बोन बीमारी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल बताते हैं कि ग्लास बोन बीमारी लाइलाज है। इस बीमारी का बायोलॉजिकल नाम ऑस्टियो जेनेसिस इनपरफेक्टा है। ये बीमारी बच्चों को मां-बाप से ही आती है। यह जन्मजात बीमारी है। ऐसे बच्चों की उम्र भी कम होती है। शरीर में जिंदगी भर खाने पीने से भी प्रोटीन नहीं बनता, जिसे कॉलिजन कहते हैं। कैलशियम की कमी होती है। इसलिए हड्डियां लचर हो जाती हैं। ऐसे बच्चों का बहुत ख्याल रखना पड़ता है।
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