Aligarh: प्रधानाध्यापिका की हार्ट अटैक से मौत, सहायक अध्यापिका पर टेंशन देने का आरोप, बीएसए ने किया निलंबित
बेटे ने बताया कि उनकी मां इलाके के गांव हेवतपुर फगोई की बीएलओ थीं। उन्होंने अपना काम स्टाफ के सहयोग से एक दिन पहले पूरा कर लिया था। बेटे के अनुसार इस मृत्यु के पीछे एसआईआर से जुड़ा विवाद कोई कारण नहीं है। वह काम आसानी से पूरा हो गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ लोधा ब्लॉक के गांव सदलपुर में प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका व बीएलओ साधना वर्मा (61) की 4 दिसंबर सुबह हृदयाघात से मौत हो गई। सुबह सासनी गेट के कृष्णा टोला स्थित घर में स्कूल जाने की तैयारी कर रहीं थीं। परिवार वालों का कहना है कि उन पर विभागीय दबाव था और सहायक अध्यापिका उन्हें परेशान कर रही थी। खबर पर पुलिस के साथ-साथ बीएसए भी पहुंच गए। फिलहाल आरोपी सहायक अध्यापिका को निलंबित कर मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
घटनाक्रम के अनुसार कृष्णा टोला निवासी व्यापारी विजेंद्र वर्मा की पत्नी साधना वर्मा सदलपुर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं। घर में बड़ी बेटी चंचल की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा चेतन अभी पढ़ाई कर रहा है। बेटे चेतन के अनुसार सुबह करीब 6:45 बजे उनकी मां स्कूल जाने की तैयारी कर रही थीं। तभी सीढ़ी चढ़ते समय अचानक निढाल होकर गिर गईं। इस पर आनन-फानन उन्हें रामघाट रोड के निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित करने के साथ-साथ हृदयाघात से मृत्यु होना बताया। इसके बाद परिवार ने इलाका पुलिस के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को खबर दी।
इस प्रकरण में परिवार के आरोपों के अनुसार फिलहाल सहायक अध्यापिका पूजा को निलंबित कर दिया गया है। वेतन सितंबर से मिलना शुरू हो गया था। अब एरियर रुका हुआ है। उसे भी जारी कर दिया जाएगा। बाकी पूरे मामले में जांच भी कराई जाएगी। जो भी लोग इसे लेकर आरोपी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।-राकेश सिंह, बीएसए
विज्ञापन विज्ञापन
पंद्रह मिनट की देरी पर रुका था पांच माह का वेतन
पुलिस व बीएसए के सामने बेटे चेतन ने खुलकर आरोप लगाया। चेतन का कहना था कि उनकी मां के विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका पूजा चौधरी उनकी मां का लगातार उत्पीड़न कर रही थीं। एक मर्तबा विद्यालय के निरीक्षण को आए वित्त एवं लेखाधिकारी ज्ञानेंद्र ने एक घंटे तक उनकी मां को जमकर फटकारा। उनकी फटकार के पीछे सिर्फ एक दबाव था कि वह एमडीएम व वित्तीय चार्ज छोडक़र पूजा को दे दें। उनकी फटकार से मां तो मायूस हो गईं। वहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मी रो पड़ी थी। उत्पीड़न का यह क्रम यहीं नहीं रुका।
मार्च में उनकी मां को किसी कारणवश स्कूल पहुंचने में पंद्रह मिनट देरी हो गई। मां के देरी से पहुंचने पर स्कूल के गेट पर ताला लगा मिला। जिसके फोटो साजिश के तहत सोशल मीडिया तक वायरल हुए। बाद में एबीएसए ने निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट दी। इसके बाद उनकी मां का वेतन अगस्त तक रोका गया। वे कई बार बीएसए से मिले। तब सितंबर से वेतन मिलना शुरू हुआ। इसके बाद से भी मां पर चार्ज छोडऩे का दबाव था। अभी पांच माह का रोका गया एरियर वेतन नहीं दिया गया था। इन्हीं सब बातों से उनकी मां परेशान रहने लगी थीं। अब कुछ दिन से तनाव में थीं। वही उनकी मृत्यु का कारण बना है। उन्होंने मामले में उचित जांच व कार्रवाई की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी है।
एक दिन पहले पूरा किया एसआईआर का काम
चेतन ने बताया कि उनकी मां इलाके के गांव हेवतपुर फगोई की बीएलओ थीं। उन्होंने अपना काम स्टाफ के सहयोग से एक दिन पहले पूरा कर लिया था। बेटे के अनुसार इस मृत्यु के पीछे एसआईआर से जुड़ा विवाद कोई कारण नहीं है। वह काम आसानी से पूरा हो गया था। उसकी रिपोर्ट भी बुधवार को पूरी दे दी गई थी।