{"_id":"6a0cd19dcf1aa2472f06f404","slug":"head-constables-son-commits-suicide-due-to-marriage-pressure-aligarh-news-c-2-gur1004-977284-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: शादी के दबाव से परेशान हेड कांस्टेबल के बेटे ने जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: शादी के दबाव से परेशान हेड कांस्टेबल के बेटे ने जान दी
विज्ञापन
विशेष कुमार की मौत पर विलाप करते परिजन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्वार्सी क्षेत्र के गांव चिलकौरा में मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे हेड कांस्टेबल के 22 वर्षीय बेटे विशेष कुमार ने तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक संभल की रहने वाली उम्र में सात साल बड़ी युवती पिछले एक महीने से विशेष कुमार पर शादी का दबाव बना रही थी, जिसके चलते वह तनाव में था। परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
मूलरूप से जिला एटा के अलीगंज में गांव राजा का रामपुर के रहने वाले अनिल कुमार ने अपना मकान अलीगढ़ तबादले के बाद 2022 में क्वार्सी क्षेत्र की चंद्र सिटी कॉलोनी में बना लिया। वह अलीगढ़ पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। इनके दो बेटों में छोटा बेटा विशेष कुमार बीए करने के बाद स्वर्ण जयंती नगर में कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था। मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे विशेष ने घर के अंदर तमंचे से खुद को गोली मार ली।
गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां विशेष खून से लथपथ पड़ा था। घटना के तुरंत बाद हेड कांस्टेबल अनिल ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। मृतक की मां स्नेहलता ने बताया कि एक महीने से संभल के गिन्नौर की रहने वाली युवती लगातार फोन पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इस युवती से विशेष की मुलाकात कुछ महीने पहले मुरादाबाद में परीक्षा देने के लिए जाते समय ट्रेन में हुई थी। युवती के उम्र में बड़ा होने के कारण परिजन इस रिश्ते से हिचकिचा रहे थे।
विज्ञापन
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि परिजनों से की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि युवक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था। संभवत: इसी तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलते ही क्वार्सी थाना पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध तमंचे को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक के पास तमंचा कहां से आया। फिलहाल, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
सिर के अंदर हड्डी को तोड़ते हुए पार निकल गई गोली
थाना क्वार्सी क्षेत्र में अवैध तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या करने वाले हेड कांस्टेबल अनिल कुमार के बेटे विशेष कुमार के शव का पोस्टमार्टम किया गया तो सिर में गोली फंसी हुई नहीं मिली। पाया गया कि दाईं ओर से मारी गई गोली सिर के अंदर की हड्डी को तोड़ती हुई और अंदर के हिस्से को फाड़ती हुई बाईं ओर आरपार निकल गई।
शव के एक्सरे में भी गोली फंसी नहीं पाई गई। शॉकवेव, अत्यधिक ब्लीडिंग और प्रेशर की वजह से पूरा सेंट्रल नर्वस सिस्टम तुरंत ठप हो गया। चिकित्सक मानते हैं कि तड़पने का भी मौका नहीं मिला होगा और तुरंत मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के दौरान पाया गया कि गोली खोपड़ी को तोड़कर दिमाग के आर-पार निकली तो अपने पीछे तबाही का एक रास्ता छोड़ गई। दिमाग के भीतर कई तरह के गंभीर डैमेज होने से ही तत्काल मृत्यु हो गई। गोली ने अपने आकार और गति से दिमाग के ऊतकों को चीरा और आगे बढ़ते हुए परमानेंट कैविटी तैयार कर दी। इस दौरान गोली के रास्ते में आने वाले लाखों न्यूरॉन्स और ब्रेन सेल्स तुरंत नष्ट हो गए।
दिमाग को खून सप्लाई करने वाली मुख्य धमनियां और नसें फट गईं। बड़े पैमाने पर अंदरूनी रक्तस्राव हुआ। इसके अलावा गोली ने तेज गति से घुसते हुए दिमाग के तरल और नाजुक हिस्से में शॉकवेव (झटका) पैदा किया। इससे दिमाग के अंदर एक पल के लिए बहुत बड़ा वैक्यूम या गड्ढा बना। इसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में टेम्परेरी कैविटी कहते हैं।
इस शॉकवेव ने शरीर की ऑटोमैटिक प्रणालियों जैसे- सांस लेना, दिल का धड़कना और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने जैसी गतिविधियों को बंद कर दिया। इसके अलावा जब गोली खोपड़ी की मजबूत हड्डी को तोड़कर अंदर घुसी तो हड्डी के कई छोटे-छोटे और नुकीले टुकड़े भी गोली के साथ दिमाग के अंदर चले गए। इन टुकड़ों ने दिमाग के अलग-अलग हिस्सों को अंदर तक छलनी करने का काम किया।
15 दिन पहले मां को बताई अपनी प्रेम कहानी, ट्रेन में हुई थी मुलाकात
थाना क्वार्सी क्षेत्र के गांव चिलकौरा में आत्महत्या करने वाले हेड कांस्टेबल के बेटे विशेष कुमार की मां स्नेहलता ने बताया कि करीब 15 दिन पहले विशेष ने अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताया था। विशेष कुछ समय पहले मुरादाबाद में नौकरी की एक परीक्षा देने गया था।
इसी दौरान ट्रेन में उसकी मुलाकात संभल जिले के गुन्नौर की रहने वाली युवती से हुई, जो अपने माता-पिता के साथ सफर कर रही थी। विशेष ने वहीं उससे फोन नंबर ले लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। जिस कहानी की शुरुआत ट्रेन से हुई थी वह शादी की जिद तक पहुंच गई। मां ने बताया कि उनका बेटा युवती द्वारा शादी के लिए बनाए जा रहे अत्यधिक दबाव के कारण गंभीर मानसिक तनाव में था।
युवती विशेष से उम्र में करीब सात साल बड़ी थी। पिछले एक महीने से वह लड़की विशेष पर शादी करने का बेहद दबाव बना रही थी। इस कारण विशेष बुरी तरह टूट चुका था और उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया था।
विशेष को लगातार समझा रहे थे। उससे कहा था कि युवती उम्र में बड़ी है, फिर भी एक बार उसके घर जाकर बात करेंगे और उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। 15 दिन पहले यह बात हुई थी, लेकिन उसके मन में क्या चल रहा था, हमें नहीं पता। आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को उसने पूरे दिन उस लड़की से बात की थी।
रात में मां के पास ही सोया था बेटा
मां स्नेहलता ने बताया कि विशेष ने अपने मन की परेशानी किसी से साझा नहीं की थी। सोमवार की रात को वह अपनी मां के कमरे में ही सोया था। मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे तक वह अपनी बहन के पास बैठा हुआ था। इसके कुछ ही देर बाद वह दूसरे कमरे में चला गया और तभी अचानक कमरे से गोली चलने की तेज आवाज आई।
जब परिजन दौड़कर पहुंचे, तो विशेष लहूलुहान हालत में पड़ा था। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के मुताबिक, परिजनों के इन बयानों को दर्ज कर लिया गया है। युवक के मानसिक तनाव की वजह अब साफ होती नजर आ रही है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद अवैध तमंचे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मृतक विशेष के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और चैट खंगाल रही है।
विज्ञापन
मूलरूप से जिला एटा के अलीगंज में गांव राजा का रामपुर के रहने वाले अनिल कुमार ने अपना मकान अलीगढ़ तबादले के बाद 2022 में क्वार्सी क्षेत्र की चंद्र सिटी कॉलोनी में बना लिया। वह अलीगढ़ पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। इनके दो बेटों में छोटा बेटा विशेष कुमार बीए करने के बाद स्वर्ण जयंती नगर में कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था। मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे विशेष ने घर के अंदर तमंचे से खुद को गोली मार ली।
विज्ञापन
गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां विशेष खून से लथपथ पड़ा था। घटना के तुरंत बाद हेड कांस्टेबल अनिल ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। मृतक की मां स्नेहलता ने बताया कि एक महीने से संभल के गिन्नौर की रहने वाली युवती लगातार फोन पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इस युवती से विशेष की मुलाकात कुछ महीने पहले मुरादाबाद में परीक्षा देने के लिए जाते समय ट्रेन में हुई थी। युवती के उम्र में बड़ा होने के कारण परिजन इस रिश्ते से हिचकिचा रहे थे।
विज्ञापन
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि परिजनों से की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि युवक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था। संभवत: इसी तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलते ही क्वार्सी थाना पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध तमंचे को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक के पास तमंचा कहां से आया। फिलहाल, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
सिर के अंदर हड्डी को तोड़ते हुए पार निकल गई गोली
थाना क्वार्सी क्षेत्र में अवैध तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या करने वाले हेड कांस्टेबल अनिल कुमार के बेटे विशेष कुमार के शव का पोस्टमार्टम किया गया तो सिर में गोली फंसी हुई नहीं मिली। पाया गया कि दाईं ओर से मारी गई गोली सिर के अंदर की हड्डी को तोड़ती हुई और अंदर के हिस्से को फाड़ती हुई बाईं ओर आरपार निकल गई।
शव के एक्सरे में भी गोली फंसी नहीं पाई गई। शॉकवेव, अत्यधिक ब्लीडिंग और प्रेशर की वजह से पूरा सेंट्रल नर्वस सिस्टम तुरंत ठप हो गया। चिकित्सक मानते हैं कि तड़पने का भी मौका नहीं मिला होगा और तुरंत मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के दौरान पाया गया कि गोली खोपड़ी को तोड़कर दिमाग के आर-पार निकली तो अपने पीछे तबाही का एक रास्ता छोड़ गई। दिमाग के भीतर कई तरह के गंभीर डैमेज होने से ही तत्काल मृत्यु हो गई। गोली ने अपने आकार और गति से दिमाग के ऊतकों को चीरा और आगे बढ़ते हुए परमानेंट कैविटी तैयार कर दी। इस दौरान गोली के रास्ते में आने वाले लाखों न्यूरॉन्स और ब्रेन सेल्स तुरंत नष्ट हो गए।
दिमाग को खून सप्लाई करने वाली मुख्य धमनियां और नसें फट गईं। बड़े पैमाने पर अंदरूनी रक्तस्राव हुआ। इसके अलावा गोली ने तेज गति से घुसते हुए दिमाग के तरल और नाजुक हिस्से में शॉकवेव (झटका) पैदा किया। इससे दिमाग के अंदर एक पल के लिए बहुत बड़ा वैक्यूम या गड्ढा बना। इसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में टेम्परेरी कैविटी कहते हैं।
इस शॉकवेव ने शरीर की ऑटोमैटिक प्रणालियों जैसे- सांस लेना, दिल का धड़कना और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने जैसी गतिविधियों को बंद कर दिया। इसके अलावा जब गोली खोपड़ी की मजबूत हड्डी को तोड़कर अंदर घुसी तो हड्डी के कई छोटे-छोटे और नुकीले टुकड़े भी गोली के साथ दिमाग के अंदर चले गए। इन टुकड़ों ने दिमाग के अलग-अलग हिस्सों को अंदर तक छलनी करने का काम किया।
15 दिन पहले मां को बताई अपनी प्रेम कहानी, ट्रेन में हुई थी मुलाकात
थाना क्वार्सी क्षेत्र के गांव चिलकौरा में आत्महत्या करने वाले हेड कांस्टेबल के बेटे विशेष कुमार की मां स्नेहलता ने बताया कि करीब 15 दिन पहले विशेष ने अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताया था। विशेष कुछ समय पहले मुरादाबाद में नौकरी की एक परीक्षा देने गया था।
इसी दौरान ट्रेन में उसकी मुलाकात संभल जिले के गुन्नौर की रहने वाली युवती से हुई, जो अपने माता-पिता के साथ सफर कर रही थी। विशेष ने वहीं उससे फोन नंबर ले लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। जिस कहानी की शुरुआत ट्रेन से हुई थी वह शादी की जिद तक पहुंच गई। मां ने बताया कि उनका बेटा युवती द्वारा शादी के लिए बनाए जा रहे अत्यधिक दबाव के कारण गंभीर मानसिक तनाव में था।
युवती विशेष से उम्र में करीब सात साल बड़ी थी। पिछले एक महीने से वह लड़की विशेष पर शादी करने का बेहद दबाव बना रही थी। इस कारण विशेष बुरी तरह टूट चुका था और उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया था।
विशेष को लगातार समझा रहे थे। उससे कहा था कि युवती उम्र में बड़ी है, फिर भी एक बार उसके घर जाकर बात करेंगे और उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। 15 दिन पहले यह बात हुई थी, लेकिन उसके मन में क्या चल रहा था, हमें नहीं पता। आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को उसने पूरे दिन उस लड़की से बात की थी।
रात में मां के पास ही सोया था बेटा
मां स्नेहलता ने बताया कि विशेष ने अपने मन की परेशानी किसी से साझा नहीं की थी। सोमवार की रात को वह अपनी मां के कमरे में ही सोया था। मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे तक वह अपनी बहन के पास बैठा हुआ था। इसके कुछ ही देर बाद वह दूसरे कमरे में चला गया और तभी अचानक कमरे से गोली चलने की तेज आवाज आई।
जब परिजन दौड़कर पहुंचे, तो विशेष लहूलुहान हालत में पड़ा था। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के मुताबिक, परिजनों के इन बयानों को दर्ज कर लिया गया है। युवक के मानसिक तनाव की वजह अब साफ होती नजर आ रही है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद अवैध तमंचे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मृतक विशेष के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और चैट खंगाल रही है।

विशेष कुमार की मौत पर विलाप करते परिजन। संवाद