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आलमगीर का पोस्टमार्टम न कराना प्रशासन की चाल

Fri, 16 Oct 2015 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़ Updated Fri, 16 Oct 2015 01:43 AM IST
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he administration's move to not mortem Alamgir
सीबीआई जांच की मांग को लेकर एएमयू में वीसी लॉज के सामने चार दिन से धरने और दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच गुुरुवार को सहारनपुर से आलमगीर के वालिद  शमीम अहमद एवं अन्य परिजन भी पहुंच गए। परिजनों के पहुंचने से एएमयू कैंपस का माहौल गरमा गया है। मृत छात्र आलमगीर के 70 वर्षीय बीमार वालिद ने आंखों में आंसू लिए घोषणा कर दी कि सीबीआई जांच का ऑर्डर नहीं हुआ तो बेटे की तरह उनका भी जनाजा यहीं से उठेगा।
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उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ-साथ एएमयू कुलपति पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मुझे उम्मीद नहीं है कि यहां का पुलिस प्रशासन दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा। करीब एक महीने पहले हत्या हुई और आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने आलमगीर का पोस्टमार्टम नहीं होने के लिए भी पुलिस प्रशासन एवं इंतजामिया को दोषी ठहराया और कहा कि पोस्टमार्टम कराना प्रशासन की ड्यूटी है और साजिश के तहत केस कमजोर करने के लिए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
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उनके इस आरोप के बाद आलमगीर मर्डर केस में नया मोड़ आ गया है। उन्होंने एएमयू वीसी एवं पीवीसी पर आरोप लगाया कि उन लोगों ने कहा था कि आलमगीर के परिजन इस मामले में कुछ कार्रवाई कराना नहीं चाहते हैं जबकि प्रॉक्टर को छोड़कर एएमयू के किसी अधिकारी से उनकी बात तक नहीं हुई है। शमीम अहमद ने हाथ जोड़कर मीडिया एवं छात्रों से आग्रह किया कि बीमारी के बावजूद बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ा रहा था। न्याय दिलाने के लिए आप लोग सहयोग करें। उन्होंने धरना स्थल पर डीएम एवं एसएसपी के नहीं पहुंचने पर आक्रोश जताया।
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उन्होंने कहा कि यह हाई प्रोफाइल मर्डर है। इसमें बड़े लोगों का हाथ है। जानबूझ कर सीबीआई जांच नहीं करायी जा रही है। लखनऊ से जांच नहीं कराने का दबाव है। मुझे 40 लाख रुपये मुआवजा देने की पेशकश की गई। मुझे मुआवजा नहीं पहले न्याय चाहिए। इसी यूनिवर्सिटी में चार घंटे में सीबीआई जांच का ऑर्डर हुआ है। सीएम से पूछो कि क्यों नहीं सीबीआई जांच करा रहे। आलमगीर के वालिद शमीम अहमद के अतिरिक्त भाई फैसल दीवान, अतिकुर्रहमान, मामा मीर हसन एवं चाचा बाबू एवं आदिल हसन भी आए हुए हैं। वहीं दूसरी एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट मेंबर सद्दाम हुसैन एवं जानिब हसन दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर रहे। जानिब हसन ने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश राज्य सरकार द्वारा नहीं की गई तो वे लोग एल्युमिनाई मीट नहीं होने देंगे। उल्लेखनीय है कि 18 सितंबर को एएमयू कैंपस में कंप्यूटर सेंटर के समीप दिन दहाड़े छात्र आलमगीर को गोलियों से छलनी कर दिया गया था।
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