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हाथरस : बुखार से बीडीसी सदस्य सहित दो की मौत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरस)
मुरसान क्षेत्र में रविवार को एक महिला व एक किशोर की बुखार आने से मौत हो गई है। बताया जाता है कि ताजपुर गांव से बीडीसी सीमा पत्नी राजू निवासी ताजपुर मुरसान को पिछले तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। इन्होंने रविवार की सुबह आठ बजे दम तोड़ दिया है। दूसरे कस्बा मुरसान के रहने वाले अभिषेक पुत्र रतन की रविवार की सुबह मौत हो गई है।
परिजनों ने बताया कि अभिषेक को पिछले दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था। इसका उपचार मुरसान के एक निजी अस्पताल चल रहा था। हालत गंभीर होने के बाद यहां से उसे रेफर किया गया। लेकिन उसने रविवार की सुबह दम तोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि मुरसान में निजी अस्पताल चला रहे चिकित्सक बिना जांच पड़ताल किए ही गलत तरीके से मरीजों को दवा दे रहे हैं।
यह चिकित्सक बिना जांच पड़ताल किए अपने अस्पताल में बुखार से पीड़ित लोगों को भर्ती कर लेते हैं। लेकिन जब हालत गंभीर होती है तो उसे रेफर कर देते हैं। मुरसान में कुछ निजी अस्पताल संचालक बिना जांच पड़ताल किए ही लोगों को दवा दे रहे हैं। इससे मरीजों का दिन रोज हाल बेहाल हो रहा है। मुरसान में आए दिन तीन-चार लोगों की बुखार आने से मौत हो रही है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी मुरसान में निजी अस्पताल चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करें। संवाद
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मुरसान क्षेत्र में रविवार को एक महिला व एक किशोर की बुखार आने से मौत हो गई है। बताया जाता है कि ताजपुर गांव से बीडीसी सीमा पत्नी राजू निवासी ताजपुर मुरसान को पिछले तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। इन्होंने रविवार की सुबह आठ बजे दम तोड़ दिया है। दूसरे कस्बा मुरसान के रहने वाले अभिषेक पुत्र रतन की रविवार की सुबह मौत हो गई है।
परिजनों ने बताया कि अभिषेक को पिछले दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था। इसका उपचार मुरसान के एक निजी अस्पताल चल रहा था। हालत गंभीर होने के बाद यहां से उसे रेफर किया गया। लेकिन उसने रविवार की सुबह दम तोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि मुरसान में निजी अस्पताल चला रहे चिकित्सक बिना जांच पड़ताल किए ही गलत तरीके से मरीजों को दवा दे रहे हैं।
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यह चिकित्सक बिना जांच पड़ताल किए अपने अस्पताल में बुखार से पीड़ित लोगों को भर्ती कर लेते हैं। लेकिन जब हालत गंभीर होती है तो उसे रेफर कर देते हैं। मुरसान में कुछ निजी अस्पताल संचालक बिना जांच पड़ताल किए ही लोगों को दवा दे रहे हैं। इससे मरीजों का दिन रोज हाल बेहाल हो रहा है। मुरसान में आए दिन तीन-चार लोगों की बुखार आने से मौत हो रही है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी मुरसान में निजी अस्पताल चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करें। संवाद
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