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Hathras Stampede: कहां हैं धक्का मारने वाले सेवादार और कमांडो गार्ड?... पुलिस को मिले सबूत और वीडियो

Thu, 04 Jul 2024 12:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 04 Jul 2024 12:19 PM IST
सार

मथुरा में भगदड़ के बाद पुलिस ने क्राइम सीन दोहराया। इस दौरान पुलिस को साक्ष्य और वीडियो फुटेज मिले हैं। धक्का मारने वाले सेवादार और कमांडो गार्ड की पहचान के प्रयास तेज किए गए हैं। काली वर्दी वाले गार्डों की पहचान नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद से हुई।

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Hathras Stampede Efforts intensified to identify sevadar and commando guards who pushed crowd
Hathras Stampede - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस-प्रशासनिक मशीनरी के प्रति सीएम के सख्त रुख के बाद मशीनरी अब एक्शन मोड में आ गई है। इसे लेकर एक तो घटनास्थल पर क्राइम सीन दोहराया गया। जहां से कुछ साक्ष्य और वीडियो फुटेज मिले हैं। साथ में हादसे के लिए जिम्मेदार डंडे वाले सेवादारों व कमांडो गार्डों की पहचान के साथ उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज हो गए हैं। 
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रेंज स्तर पर आईजी के निर्देशन में पुलिस की टीम गठित कर इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। इनमें से काली वर्दी वाले गार्डों की पहचान दिल्ली, गाजियाबाद व नोएडा के रहने वालों के रूप में हो रही है। वहां भी एक टीम रवाना की जा रही है।
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पुलिस व प्रत्यक्षदर्शी मंगलवार से ही घटना के लिए जिम्मेदार लाठी-डंडे वाले सेवादारों व सुरक्षागार्डों को जिम्मेदार मान रहे हैं। अगर वे रोकटोक न करते, धक्का मुक्की न करते तो शायद इतनी बड़ी घटना न होती। इसके बाद फिर घटना को दबाने की कोशिश की। खुद शासन ने भी इन्हें बड़ा जिम्मेदार माना है। 
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इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए पुलिस ने काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को सबसे पहले पुलिस की जांच टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन दोहराया। यह जानने का प्रयास किया कि कैसे भीड़ जमा हुई होगी और किन हालात में भगदड़ मची होगी। 
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इस दौरान डंडे वाले सेवादारों और काली वर्दी वाले युवा कमांडो गार्डों ने कैसे धक्का-मुक्की कर माहौल बिगाड़ा होगा। इस दौरान पुलिस को उस कीचड़ युक्त गड्ढे से कुछ साक्ष्य व आसपास के लोगों से कुछ वीडियो फुटेज भी मिले हैं। कुछ फुटेज ऐसे भी मिले हैं, जो भगदड़ के बाद लोग आयोजन वाले मुख्य पंडाल में जाकर गिरे हैं। 

 

मगर वहां भी उन्हें मदद तब मिल पाई है, जब पुलिस प्रशासन ने घायलों को अस्पताल भेजना शुरू कर दिया है। इन वीडियो फुटेज के आधार पर डंडे वाले सेवादारों की पहचान के प्रयास तेज किए गए हैं। जिनमें से काली वर्दी वाले गार्डों की पहचान दिल्ली, गाजियाबाद व नोएडा के निवासी युवाओं के रूप में हो रही है। 
 

हादसे के बाद मौके से भागने वालों में यही गार्ड व सेवादार थे, जो पुलिस प्रशासन के हरकत में आने के बाद सबसे पहले भागे। इन सभी की पहचान के साथ-साथ गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमों को दबिश अभियान में लगाया गया है। खुद इस पहचान व दबिश अभियान टीम का निर्देशन आईजी कर रहे हैं।

एसआईटी अपने स्तर पर अनदेखी-लापरवाही आदि विषयों पर जांच कर रही है। रेंज स्तर पर गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है। जिसमें रेंज व जोन से कुछ तेजतर्रार व अच्छे नेटवर्क वाले पुलिसकर्मी, दरोगा व इंस्पेक्टर लिए गए हैं। इस टीम ने सेवादार व गार्डों की पहचान के साथ गिरफ्तारी का प्रयास शुरू कर दिया है। इसमें आयोजन मंडल से जुड़े लोगों को मदद ली जा रही। बुधवार को क्राइम सीन से भी कुछ साक्ष्य व वीडियो लोगों ने दिए हैं।-शलभ माथुर, आईजी

मुख्य आयोजक भी फरार, तलाश में लगी अलग से टीम
इस कांड में मुख्य आयोजक घटना के बाद से घर से ताला लगाकर फरार है। उसकी तलाश में एक टीम को अलग से लगाया गया है। हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी जा रही है। उसके सहयोगियों, रिश्तेदारों व करीबियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। आयोजन समिति से जुड़े अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।

अगर वे सहयोग नहीं करेंगे तो उनकी भूमिका की भी जांच होगी। साथ में आयोजन के मुख्य सहयोगियों की तलाश में भी टीमें लगी हैं, जो लोग आसानी से आ रहे हैं, उनसे जांच व पूछताछ में सहयोग लिया जा रहा है। सेवादारों व गार्डों की पहचान में मदद ली जा रही है।

बाहर से बुलाया था फोर्स, अब सिर्फ पीएसी का कैंप
इस हादसे के बाद मंगलवार रात को ही जोन भर से तीन पीएसी कमांडेंट, कुछ अपर पुलिस अधीक्षक, कुछ सीओ व कुछ इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी बुलाए गए थे। साथ में मुख्यालय से तीन कंपनी पीएसी भी मिल गई थी।

मगर बुधवार को जिले में हालात नियंत्रित रहने व किसी तरह की कानून व्यवस्था की समस्या न होने के बाद शाम को बाहर से बुलाए गए अधिकारी वापस कर दिए गए हैं। अब सिर्फ तीन कंपनी पीएसी ही जिले में कैंप करती रहेगी। एसआईटी की जांच पूरी होने तक एडीजी व आईजी भी जिले पर कैंप करते रहेंगे। गिरफ्तारी का क्रम भी तेजी से पूरा कराया जाएगा।
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