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हाथरस कांड: कड़ी सुरक्षा में लखनऊ से वापस गांव लाए गए बिटिया के परिजन, बोले-न्याय मिलने पर होगा अस्थियों का विसर्जन
Tue, 13 Oct 2020 09:38 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Oct 2020 09:38 PM IST
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पीड़िता के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार की देर रात को बिटिया के परिवार वालों को उनके घर वापस लाया गया। इसके बाद पूरे दिन रोजाना की तरह बिटिया के घर और गांव में पुलिस बल तैनात रहा। बिटिया के परिवार वालों ने फिर दोहराया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह बेटी की अस्थियां विसर्जित नहीं करेंगे।
कोर्ट में हुई कार्यवाही के बारे में बिटिया के पिता ने बताया कि वहां ज्यादातर लोग अंग्रेजी में बात कर रहे थे, इसलिए वह ज्यादा कुछ तो नहीं समझ पाए, लेकिन इतना जरूर समझ में आया कि डीएम को फटकार लग रही है।
सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बिटिया के परिवार वालों को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष पेश किया गया था। काफी पुलिस फोर्स भी उनके साथ गई थी। सोमवार की रात्रि को साढ़े 11 बजे के लगभग सभी परिवार वाले वापस लौटे।
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लौटने पर बिटिया के परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा है। उन्होंने वहां बताया कि उन्हें बेटी की लाश भी नहीं देखने दी गई है। बिटिया के पिता का कहना है कि वहां ज्यादातर लोग अंग्रेजी में बोल रहे थे। उनकी वकील सीमा कुशवाहा भी मौजूद थीं। वहीं बिटिया के भाई ने फिर कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए। जब तक उनको न्याय नहीं मिलेगा, वह अपनी बहन की अस्थियों का विसर्जन नहीं करेंगे।
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कोर्ट में हुई कार्यवाही के बारे में बिटिया के पिता ने बताया कि वहां ज्यादातर लोग अंग्रेजी में बात कर रहे थे, इसलिए वह ज्यादा कुछ तो नहीं समझ पाए, लेकिन इतना जरूर समझ में आया कि डीएम को फटकार लग रही है।
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सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बिटिया के परिवार वालों को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष पेश किया गया था। काफी पुलिस फोर्स भी उनके साथ गई थी। सोमवार की रात्रि को साढ़े 11 बजे के लगभग सभी परिवार वाले वापस लौटे।
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लौटने पर बिटिया के परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा है। उन्होंने वहां बताया कि उन्हें बेटी की लाश भी नहीं देखने दी गई है। बिटिया के पिता का कहना है कि वहां ज्यादातर लोग अंग्रेजी में बोल रहे थे। उनकी वकील सीमा कुशवाहा भी मौजूद थीं। वहीं बिटिया के भाई ने फिर कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए। जब तक उनको न्याय नहीं मिलेगा, वह अपनी बहन की अस्थियों का विसर्जन नहीं करेंगे।