{"_id":"619fd24bef825f501826a415","slug":"hathras-gang-rape-case-opposition-party-preparing-to-make-a-big-issue-in-up-elections","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाथरस कांड: यूपी चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में विपक्ष, सपा अब हर महीने की 30 तारीख को मनाएगी बिटिया का स्मृति दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस कांड: यूपी चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में विपक्ष, सपा अब हर महीने की 30 तारीख को मनाएगी बिटिया का स्मृति दिवस
Thu, 25 Nov 2021 11:43 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 25 Nov 2021 11:43 PM IST
सार
हाथरस कांड को विपक्ष यूपी चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।समाजवादी पार्टी अब हर महीने की 30 तारीख को बिटिया का स्मृति दिवस मनाएगी। कांग्रेस भी चुनावी कैलेंडर में शामिल कर चुकी है।
विज्ञापन
Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुचर्चित हाथरस कांड के मुद्दे को इस विधानसभा चुनाव में विपक्ष मुद्दा बनाएगा और भाजपा सरकार को घेरेगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हर माह की 30 तारीख को बिटिया की याद में स्मृति दिवस मनाने की घोषणा से यह स्पष्ट भी हो गया है।
वहीं स्थानीय पदाधिकारियों का भी कहना है कि वह हर माह की 30 तारीख को बिटिया की याद में स्मृति दिवस मनाएंगे। इधर, बिटिया का परिवार अभी भी सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 14 सितंबर को चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ गांव के ही कुछ युवकों दुष्कर्म किया था और उसे जान से मारने का प्रयास किया था। इस युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन
युवती की मौत से पहले ही पुलिस ने चारों आरोपी रवि, लवकुश, रामू व संदीप कोगिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में प्रदेश सरकार की उस समय काफी किरकिरी हुई थी, जब मृतका के शव का उसके परिजनों कीइच्छा के बिना रात्रि में पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इस मामले को लेकर जमकर सियासत हुई थी। रालोद मुखिया जयंत चौधरी सहित कई नेताओं पर लाठियां बरसाई गई थीं।
विज्ञापन
वहीं स्थानीय पदाधिकारियों का भी कहना है कि वह हर माह की 30 तारीख को बिटिया की याद में स्मृति दिवस मनाएंगे। इधर, बिटिया का परिवार अभी भी सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 14 सितंबर को चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ गांव के ही कुछ युवकों दुष्कर्म किया था और उसे जान से मारने का प्रयास किया था। इस युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन
युवती की मौत से पहले ही पुलिस ने चारों आरोपी रवि, लवकुश, रामू व संदीप कोगिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में प्रदेश सरकार की उस समय काफी किरकिरी हुई थी, जब मृतका के शव का उसके परिजनों कीइच्छा के बिना रात्रि में पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इस मामले को लेकर जमकर सियासत हुई थी। रालोद मुखिया जयंत चौधरी सहित कई नेताओं पर लाठियां बरसाई गई थीं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी भी मृतका के परिजनों से मिले थे। पूरे विपक्ष ने इस मामले में सरकार को घेरा था। तब से अभी तक यह मामला सुर्खियों में है। सीबीआई ने इस मामले में जांच की थी। चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया गया था। वहां अभी मामले की सुनवाई चल रही है और आरोपी अलीगढ़ जेल में बंद हैं। बिटिया का परिवार अभी भी सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है।
अखिलेश ने ट्वीट कर की सपा व अन्य सहयोगी दलों से अपील
अब प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में विपक्ष इसे मुद्दा बनाने में लगा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदेश के निवासी, सपा और सहयोगी दल हर महीने की 30 तारीख को हाथरस की बेटी का स्मृति दिवस मनाएं। सरकार ने जिस अभद्रता से 30 सितंबर को दुष्कर्म पीड़िता के शव को जलाने का कुकृत्य किया था, उसकी याद दिलाएं।
अखिलेश ने सपाइयों के साथ-साथ अन्य सहयोगी दलों से भी यही अपील की है। यह तथ्य भी विदित है कि इससे पहले कांग्रेस भी मृतका के परिजनों से प्रियंका के गले मिलते हुए फोटो को यूपी कैलेंडर में शामिल कर चुकी है।
बोला बिटिया का भाई, हमें तो न्याय चाहिए
बिटिया के भाई ने फिर दोहराया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वह बहन की अस्थियों को विसर्जित नहीं करेगा। उसका कहना है कि कौन सी पार्टी इस मामले में क्या कर रही है, वह इसे लेकर कुछ नहीं कह सकता। वह और पूरा परिवार सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है। उन्हें तो बस न्याय चाहिए।
अखिलेश ने ट्वीट कर की सपा व अन्य सहयोगी दलों से अपील
अब प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में विपक्ष इसे मुद्दा बनाने में लगा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदेश के निवासी, सपा और सहयोगी दल हर महीने की 30 तारीख को हाथरस की बेटी का स्मृति दिवस मनाएं। सरकार ने जिस अभद्रता से 30 सितंबर को दुष्कर्म पीड़िता के शव को जलाने का कुकृत्य किया था, उसकी याद दिलाएं।
अखिलेश ने सपाइयों के साथ-साथ अन्य सहयोगी दलों से भी यही अपील की है। यह तथ्य भी विदित है कि इससे पहले कांग्रेस भी मृतका के परिजनों से प्रियंका के गले मिलते हुए फोटो को यूपी कैलेंडर में शामिल कर चुकी है।
बोला बिटिया का भाई, हमें तो न्याय चाहिए
बिटिया के भाई ने फिर दोहराया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वह बहन की अस्थियों को विसर्जित नहीं करेगा। उसका कहना है कि कौन सी पार्टी इस मामले में क्या कर रही है, वह इसे लेकर कुछ नहीं कह सकता। वह और पूरा परिवार सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है। उन्हें तो बस न्याय चाहिए।
सपा हर महीने 30 तारीख को बिटिया का स्मृति दिवस मनाएगी। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसे लेकर ट्वीट भी किया है। अन्य सहयोगी दलों से भी हम बिटिया का स्मृति दिवस मनाने की अपील करेंगे।
-चौधरी जैनुद्दीन, महासचिव सपा
-चौधरी जैनुद्दीन, महासचिव सपा