कहानी गनर की: न थाने पर ड्यूटी न चौकी पर चाकरी, ये गनर हैं, विधायकों की सुरक्षा में काट दी आधी नौकरी
नेताजी के साथ उनके गनर की अजीब कहानी है। जो गनर बना, उसने अपनी लगभग आधी नौकरी वहीं गुजार दी। न नेताजी ने कहा और न गनर ही वहां से हटा। एसएसपी संजीव सुमन का कहना है कि पुलिस सुरक्षा नियमावली में इस तरह की गनर समय-समय पर बदला ही जाए।
विस्तार
इन्होंने कभी चौकी पर तैनाती नहीं मांगी। थाने पर ड्यूटी के भी इच्छुक नहीं रहे। विधायक, सांसद या फिर दूसरे माननीयों की सुरक्षा में लगे इन कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को माननीयों का साथ ऐसा भाया कि कोई किसी माननीय के साथ 24 साल से है तो कोई 23 साल से। अगर इनका कभी गैर जनपद को तबादला हुआ भी तो इधर ट्रांसफर आदेश जारी हुआ और उधर रुक गया। ये सब जनप्रतिनिधियों के बड़े खास भी होते हैं।
पुलिस सुरक्षा नियमावली में इस तरह की गनर समय-समय पर बदला ही जाए। बाकी अगर कोई माननीय खुद किसी की शिकायत करे या बदलने की सिफारिश करे तो बदला जरूर जा सकता है।-संजीव सुमन, एसएसपी
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कुछ उदाहरण
- पूर्व सीएम कल्याण सिंह के पुत्र प्रदेश में मंत्री तक रहे एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू के बेटे संदीप सिंह वर्तमान में अतरौली से विधायक व प्रदेश में मंत्री हैं। राजवीर सिंह के दो गनर तो ऐसे रहे, जो उनसे जुड़े तो सेवानिवृत्त होकर गए। अब भी सुखराम नाम से एक गनर उनके साथ करीब 15 साल से हैं। वह उनके बेहद खास भी माने जाते हैं।
- प्रदेश में मंत्री रहे और बरौली से विधायक निर्वाचित होते आ रहे ठा.जयवीर सिंह संग एक गनर तो ऐसे रहे, जो सेवानिवृत्त होने के बाद आज भी उनकी सुरक्षा में उनके साथ रहते हैं। दूसरे सुभाष भी उनके साथ मंत्रीकाल से आज तक हैं। दोनों बेहद खास हैं।
- प्रदेश में मंत्री रहे बरौली से ही पूर्व में कई बार विधायक रहे ठा.दलवीर सिंह के साथ गनर रहे राम प्रकाश चौहान उनके साथ पहली बार जुड़े और करीब 20 साल उनके साथ रहे। एक बार दलवीर सिंह से सुरक्षा हटी तो वे जिले में आ गए। मगर फिर निर्वाचित होने पर वे फिर वापस आ गए।
- पूर्व में मंत्री अब हाथरस से सांसद अनूप प्रधान संग सुरेंद्र गुर्जर नाम के गनर पहली बार विधायक बनने पर जुड़े, वे आज 7 साल बाद भी उनसे जुड़े हैं। यह उनके बेहद खास भी हो गए हैं।
- कोल से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए अनिल पाराशर संग श्याम शर्मा व नरेंद्र नाम के दो गनर ऐसे हैं। जो उनके बेहद खास हैं। पहली बार विधायक बनने पर दोनों जुड़े। अब लगातार साथ हैं।
माननीय से कम नहीं उनके गनर
जिन माननीयों के गनर उनके यहां लंबे समय से हैं या थे, वे किसी माननीय से कम नहीं। उनके नाम का रसूख व चर्चा दूर तक है। लोग उन्हें माननीय की तरह ही जानते हैं। दूर तक उनकी चर्चा है। किसी भी काम के लिए उन्हें याद किया जाता है। माननीय के फोन भी हमेशा वही उठाते हैं।
जिले में इनको मिली है पुलिस सुरक्षा
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, सांसद गण सतीश गौतम-अनूप प्रधान, पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू, विधायकगण ठा.जयवीर सिंह, अनिल पाराशर, मुक्ता संजीव राजा, रवेंद्रपाल सिंह, राजकुमार सहयोगी, सुरेंद्र दिलेर, ऋषिपाल सिंह, ठा.मानवेंद्र प्रताप सिंह, मेयर प्रशांत सिंघल, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह के अलावा कुछ पूर्व माननीय भी सुरक्षा सूची में शामिल हैं।