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जीपीएफ घोटाला: अलीगढ़ में तैनात रहे 61 अफसरों के संपत्तियों की होगी जांच, ईओडब्ल्यू-एसआईटी से जांच की संस्तुति
Fri, 21 Mar 2025 05:30 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 21 Mar 2025 05:30 PM IST
सार
अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में दर्ज हुए इस घोटाले की जांच राज्य स्तरीय एसआईटी या आर्थिक अपराध शाखा से कराए जाने को लेकर जिला पुलिस ने संस्तुति कर दी है।
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घोटाला। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
अलीगढ़ जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2003 से 2013 के मध्य हुए 4.92 करोड़ रुपये के जीपीएफ घोटाले में उस समय के 61 अफसरों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। इनमें कई अफसरों द्वारा दिल्ली-एनसीआर व लखनऊ में जमीनें खरीदने व कोठियां बनाने की सूचना है। जिन्हें जांच एजेंसियां रडार पर लेंगी। शहर के बन्नादेवी थाने में दर्ज हुए इस घोटाले की जांच राज्य स्तरीय एसआईटी या आर्थिक अपराध शाखा से कराए जाने को लेकर जिला पुलिस ने संस्तुति कर दी है।
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एसएसपी स्तर से पुलिस महानिदेशालय को संस्तुति सहित पत्र भेजा गया है। जिसमें उल्लेख है कि चूंकि यह अपराध पचास लाख रुपये से अधिक के सरकारी गबन का है। साथ में दस वर्ष के कार्यकाल का है। इसलिए इसकी जांच किसी राज्य स्तरीय एजेंसी से कराई जाए।निदेशालय से जांच आर्थिक अपराध शाखा को मिलने के संकेत मिले हैं। इस माह के अंत तक जांच एजेंसी नियत हो जाएगी। तब तक बन्नादेवी पुलिस साक्ष्य संकलन के लिए बीएसए को बयान दर्ज करने के लिए बुलाएगी।
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इसके अलावा 10 वर्ष में यहां सेवारत रहे अफसरों की सूची मांगी जा रही है। शासन स्तर से कराई गई जांच की रिपोर्ट भी मांगी जा रही है, ताकि राज्य स्तरीय एजेंसी को सभी साक्ष्य भेजे जा सकें। जांच के क्रम में ये तथ्य उजागर हो रहे हैं कि इस अवधि में यहां सेवारत रहे अफसरों की संपत्तियों का विवरण जुटाया जा रहा है। सीओ द्वितीय राजीव द्विवेदी का कहना है कि हमने जांच एजेंसी के संबंध में पत्राचार कर दिया है। जल्द ही जांच एजेंसी नियत होगी। तब तक हम साक्ष्य संकलित कर रहे हैं।
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