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सरकार के दामाद हैं उद्योगपति-तोगड़िया

Fri, 14 Jul 2017 11:18 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, अलगीढ़
टीम डिजिटल, अमर उजाला, अलगीढ़ Updated Fri, 14 Jul 2017 11:18 PM IST
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 Government son-in-law is industrialist-Togadia
प्रवीण तोगड़िया
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की आत्महत्या के लिए सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। देश में तीन लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। यह ‘किसानों का नरसंहार’ है। देश में किसानों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि उद्योगपतियों के साथ दामाद की तरह व्यवहार किया जा रहा है।
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जीटी रोड स्थित रामलीला मैदान में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद की ओर से समृद्ध किसान-समृद्ध देश नाम से किसानों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया थ। डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि देश के सिर्फ 12 उद्योगपति बैंकों के 1 लाख 75 हजार करोड़ रुपये खा गए हैं। इस समय 200 उद्योगपति बैंकों के 4 लाख करोड़ रुपये नहीं दे रहे हैं। उनके कर्ज को माफ कर दिया गया, लेकिन किसानों का कर्ज क्यों नहीं माफ किया जाता। क्या उद्योगपति सरकार के दामाद हैं? 
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वहीं डॉ. तोगड़िया ने किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। कहा कि 2006 में स्वामीनाथन कमीशन ने किसानों को लागत का डेढ़ गुणा मूल्य देने की सिफारिश की थी। 2006 के बाद कर्मचारियों को दो नए वेतन आयोग मिल गए, लेकिन किसानों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सरकार की गलत नीतियों के कारण स्वतंत्र भारत में किसान, गरीब व कर्जदार होकर आत्महत्या करने लगे।
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कल पंजाब में तीन किसानों ने आत्महत्या कर ली। अब तक देश में 3.10 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा नरसंहार है। आजादी के समय देश की कुल आमदनी में कृषि आमदनी 44 प्रतिशत थी, जो आज 14 प्रतिशत पर सिमट गई है। स्वतंत्रता के बाद किसानों को नजरअंदाज किये जाने के कारण उनकी स्थिति दयनीय होती चली गई। देश का आधा किसान कर्ज में डूबा है और औसतन प्रत्येक किसान पर 48 हजार रुपये कर्ज है।

किसानों की आर्थिक दशा सुधारे बिना देश समृद्ध नहीं हो सकता। तोगड़िया ने कहा कि महंगाई नियंत्रण सरकार का काम है। किसानों के सिर पर महंगाई का ठीकरा फोड़ना गलत है। उन्हें लागत का डेढ़ गुणा मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने किसानों को बताया कि कम खर्च में कैसे खेती कर समृद्ध बन सकते हैं। यूरिया, डीएपी एवं पोटाश समेत रसायनिक खाद एवं कीटनाशक मुक्त खेती का आह्वान किया।


कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में तोगड़िया ने कहा कि वह किसानों की आत्महत्या के लिए नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी या किसी दूसरी सरकार को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। उनके कहने का आशय है कि गलत नीतियों के कारण किसानों की स्थिति खराब हुई। राम मंदिर, अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला एवं अन्य सवालों को डॉ. तोगड़िया टाल गए और कहा कि आज सिर्फ किसानों की बात करेंगे। अलीगढ़ में तीन दिन रहना है।
 
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